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नरेंद्र मेहता की विधायकी और नगरसेवकों के पद रद्द करने की मांग, प्रताप सरनाईक ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को लिखा पत्र

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नरेंद्र मेहता की विधायकी और नगरसेवकों के पद रद्द करने की मांग, प्रताप सरनाईक ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को लिखा पत्र

मीरा-भाईंदर(सिटी न्यूज़ मुंबई)

मीरा-भाईंदर महानगरपालिका की शुक्रवार को हुई महासभा को लेकर शिवसेना और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने सोमवार शाम आयोजित पत्रकार परिषद में भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी विधायकी और संबंधित नगरसेवकों के पद रद्द करने की मांग की। सरनाईक के अनुसार, उन्होंने इस संबंध में महाराष्ट्र के राज्यपाल, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।

मनपा आयुक्त के बंगले में भीड़ जुटाने का आरोप

प्रताप सरनाईक ने आरोप लगाया कि मनपा आयुक्त राधा विनोद शर्मा के आवास पर रात के समय बड़ी संख्या में लोग जमा हुए और उनके घर में प्रवेश कर उन्हें बंधक बनाने जैसी स्थिति पैदा की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस घटनाक्रम के बाद लोगों के खिलाफ जबरन एफआईआर दर्ज कराने का प्रयास किया गया। सरनाईक ने इस पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। संबंधित पक्ष का जवाब और जांच के आधिकारिक निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।

पत्रकारों, नागरिकों और पुलिस के साथ दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाया

सरनाईक ने शुक्रवार की महासभा के दौरान पत्रकारों, आम नागरिकों और पुलिसकर्मियों के साथ कथित मारपीट तथा दुर्व्यवहार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि मीरा-भाईंदर शहर में इस तरह की स्थिति पहले देखने को नहीं मिली।

उन्होंने दावा किया कि उन्होंने पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक से भी संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उचित कार्रवाई करने के संबंध में बात की है।

जमीन कब्जाने और निजी लोगों के इस्तेमाल के आरोप

पत्रकार परिषद में प्रताप सरनाईक ने नरेंद्र मेहता पर जमीनों पर कब्जा करने और कथित तौर पर निजी लोगों के जरिए शहर में दबाव का माहौल बनाने जैसे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि शहर में जनप्रतिनिधियों के बीच राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन महासभा में पत्रकारों, नागरिकों और पुलिस के साथ कथित दुर्व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।

ये सभी आरोप सरनाईक की ओर से लगाए गए हैं। इनकी सत्यता जांच और उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर ही तय होगी।

अब भाजपा की प्रतिक्रिया पर नजर

प्रताप सरनाईक ने कहा कि उन्होंने संबंधित संवैधानिक पदाधिकारियों को पत्र लिखकर नरेंद्र मेहता की विधायकी और संबंधित नगरसेवकों के पद रद्द करने की मांग की है। अब इस मामले में राज्य सरकार, पुलिस प्रशासन और भाजपा की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सबकी नजर है।

महासभा में हुए घटनाक्रम के बाद मीरा-भाईंदर की स्थानीय राजनीति में शिवसेना और भाजपा के बीच तनाव बढ़ गया है। अब नरेंद्र मेहता और भाजपा की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद इस विवाद की आगे की दिशा स्पष्ट हो सकेगी।

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