400‑bed state‑of‑the‑art government hospital to be built in Mirai‑Bhaiandar in honor of Sw. Gilbert Mendoza; deadline set for 28 June 2028


पुणे में विशेष न्यायालय की स्थापना; मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहल से प्रक्रिया को मिली गति
मुंबई, दि. 7 (सिटी न्यूज़ मुंबई अनंत नलावडे) — राज्य में मादक पदार्थों से जुड़े गंभीर अपराधों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए पुणे में बुधवार से एनडीपीएस कानून के तहत विशेष नामित न्यायालय की स्थापना की गई है। 6 अगस्त 2026 को इस विशेष न्यायालय की स्थापना की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। लंबित मामलों का जल्द निपटारा, साक्ष्य एवं गवाहों की प्रक्रिया समय पर पूरी करना और दोषियों के खिलाफ प्रभावी न्यायिक कार्रवाई करना इसका प्रमुख उद्देश्य है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री रहते हुए इस विशेष न्यायालय की स्थापना के लिए पहल की थी। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा विभाग को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर केंद्र सरकार के समक्ष प्रस्तुत करने तथा प्रस्ताव की मंजूरी के लिए व्यक्तिगत स्तर पर प्रयास करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद संबंधित केंद्रीय मंत्रालय के साथ समन्वय कर पुणे में विशेष न्यायालय की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ।
जांच से न्यायालय तक समन्वय पर जोर
मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में जांच, अभियोजन और न्यायिक प्रक्रिया के बीच बेहतर समन्वय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेष न्यायालय के माध्यम से ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने की व्यवस्था बनेगी, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में होने वाली देरी कम होने की उम्मीद है।
बढ़ते नशे के खतरे के बीच महत्वपूर्ण कदम
राज्य में मादक पदार्थों का बढ़ता खतरा और युवाओं पर इसका प्रभाव कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में विशेष न्यायालय की स्थापना को केवल प्रशासनिक निर्णय के तौर पर नहीं, बल्कि मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के बाद न्यायालयीन प्रक्रिया में भी तेजी लाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, इस व्यवस्था की वास्तविक सफलता इस बात से तय होगी कि लंबित मामलों के निपटारे की गति कितनी बढ़ती है और दोषसिद्धि की प्रक्रिया पर इसका कितना प्रभाव पड़ता है।







