उत्कृष्ट टायक्वोंडो अकादमी 18वां स्मिट टायक्वोंडो चैम्पियनशिप में चमकती है


नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय टीम ने 28 स्वर्ण, 30 रजत और 45 कांस्य पदक हासिल कर कुल 103 पदकों की जीत दर्ज की, जो खेल विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
एशियन गेम्स 2026, जो 2 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक जापान के नागोया शहर में आयोजित हुए, ने भारतीय खेल जगत के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया। 650 खिलाड़ियों की बड़ी टीम ने विभिन्न खेलों में हिस्सा लिया और कुल 103 पदकों की शानदार जीत दर्ज की। इस उपलब्धि में 28 स्वर्ण, 30 रजत और 45 कांस्य पदक शामिल हैं, जो भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में निरंतर उन्नति को दर्शाते हैं। भारतीय ओलंपिक कमेटी (IOA) ने इस सफलता को रणनीतिक तैयारी और व्यापक समर्थन का परिणाम बताया। इन पदकों में एथलेटिक्स, तीरंदाजी और बैडमिंटन जैसे प्रमुख खेलों में जीत शामिल है, जिससे भारत की विविध खेल क्षमताओं का प्रमाण मिलता है।
स्वर्ण पदकों में जावेलिन में नेहराज चोपड़ा ने 86.45 मीटर की दूरी से नई एशियन रिकॉर्ड स्थापित किया, जबकि बैडमिंटन में पीवी सिंधु ने महिला एकल में अपना दूसरा एशियन स्वर्ण जीता। तीरंदाजी में अभिषेक वर्मा ने पुरुष व्यक्तिगत में गोल्ड मेडल जीता, और वेटलिफ्टिंग में मिराबाई चानु ने 76 किलोग्राम वर्ग में नई राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक अर्जित किया। कुल 28 स्वर्ण पदकों में इन प्रमुख खिलाड़ियों की जीत ने भारत को खेलों के विभिन्न क्षेत्रों में संतुलित सफलता प्रदान की।
एशियन गेम्स 2022 (हांगझोउ) में भारत ने 107 कुल पदक (28 स्वर्ण, 38 रजत, 41 कांस्य) हासिल किए थे। 2026 में कुल पदकों की संख्या 103 तक घटने के बावजूद, स्वर्ण पदकों की संख्या समान रही, जो उच्चतम स्तर की प्रतिस्पर्धा में स्थिरता को दर्शाती है। रजत पदकों में कमी (30) और कांस्य पदकों में वृद्धि (45) ने दर्शाया कि कई एथलीटों ने फाइनल तक पहुंच कर प्रतिस्पर्धी स्तर को बनाए रखा। यह आँकड़ा भारत की खेल रणनीति में निरंतर सुधार और गहराई को प्रतिबिंबित करता है।
सरकार ने पिछले पाँच वर्षों में 'खेलो इंडिया' पहल के तहत 1,500 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिससे प्रशिक्षण सुविधाओं, खेल विज्ञान केंद्रों और युवा टैलेंट स्काउटिंग कार्यक्रमों का विस्तार हुआ। नई निर्मित राष्ट्रीय खेल अकादमी ने एथलीटों को विश्वस्तरीय कोचिंग और आधुनिक उपकरण प्रदान किए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ी है। इस निवेश का प्रत्यक्ष परिणाम एशियन गेम्स 2026 में दिखा, जहाँ कई युवा खिलाड़ियों ने पहली बार पदक जीतकर देश के खेल इतिहास में अपना नाम दर्ज किया।
आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026, जो ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया में आयोजित होंगे, और 2028 के लॉस एंजेलिस ओलंपिक की तैयारी में भारतीय संघों ने अब तक की सबसे विस्तृत चयन प्रक्रिया शुरू कर दी है। एशियन गेम्स में प्राप्त अनुभव और डेटा का उपयोग कर प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अनुकूलित किया जा रहा है, ताकि भविष्य में अधिक स्वर्ण पदक और कुल पदकों की संख्या बढ़े। इस दिशा में निरंतर निवेश और वैज्ञानिक दृष्टिकोण भारत को विश्व खेल मंच पर नई ऊँचाइयों तक ले जाने की आशा प्रदान करता है।







