उत्कृष्ट टायक्वोंडो अकादमी 18वां स्मिट टायक्वोंडो चैम्पियनशिप में चमकती है


भारतीय खेल मंत्रालय ने एशियन गेम्स 2026 के लिए 30 स्वर्ण पदक का लक्ष्य निर्धारित किया है। 560 खिलाड़ियों की चयनित टीम ने पहले हफ्ते में 52 पदक जीते, जबकि प्रमुख एथलीट अपनी तैयारियों को तेज कर रहे हैं।
नई दिल्ली—2026 एशियन गेम्स की तैयारी में भारतीय खेल मंत्रालय ने 12 जून को एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की, जिसमें इस वर्ष एशिया के प्रमुख खेल मंच पर भारत की रणनीति और लक्ष्य स्पष्ट किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय टीम का लक्ष्य 30 स्वर्ण पदक, 45 रजत पदक और 55 कांस्य पदक जीतना है, जिससे कुल 130 पदक हासिल कर भारत इतिहास में अपनी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज करेगा। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए खेल मंत्रालय ने पिछले वर्ष के प्रदर्शन का गहन विश्लेषण किया और शीर्ष 15 खेलों में विशेष निवेश का प्रस्ताव रखा। इनमें एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन और कुश्ती को प्रमुखता दी गई है।
भारतीय ओलंपिक समिति (IOA) ने 15 जुलाई को 560 खिलाड़ियों की अंतिम सूची प्रकाशित की, जिसमें 28 खेलों में भाग लेने वाले एथलीट शामिल हैं। चयन प्रक्रिया में राष्ट्रीय चयन प्रतियोगिताओं, अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग और फिटनेस परीक्षणों को प्रमुख मानदंड माना गया। विशेष रूप से तीरंदाजी और शूटरों के लिए विश्व रैंकिंग में शीर्ष 10 में रहने वाले 12 खिलाड़ी सीधे चयनित हुए। साथ ही, युवा प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव प्राप्त करने के लिए दो महीने की उच्च प्रदर्शन शिविर में भाग लेने का अवसर दिया गया।
एशियन गेम्स के पहले सप्ताह में भारत ने 12 स्वर्ण, 18 रजत और 22 कांस्य पदक जीते, जिससे कुल 52 पदक हासिल हुए। स्वर्ण पदकों में एथलेटिक्स के 400 मीटर दौड़ में धीरज सिंह, तीरंदाजी में अर्चना सिंह और बैडमिंटन के मिश्रित डबल्स में साक्षी और रवीना ने जीत दर्ज की। रजत पदकों में कुश्ती के 74 किलोग्राम वर्ग में अजय वर्मा और शूटरों की टीम ने क्रमशः दो सिल्वर पदक जीते। इस प्रदर्शन ने भारतीय टीम को मध्यवर्ती रैंकिंग में पाँचवें स्थान पर स्थापित किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग और जल क्रीड़ा में भारत की संभावनाएं इस बार विशेष रूप से उज्ज्वल हैं। 2024 में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाले शॉर्ट ट्रैक स्केटर राजेश कौर को कोचिंग स्टाफ ने विशेष समर्थन दिया है। जल क्रीड़ा में 2025 एशियन जल खेलों में दो स्वर्ण पदक जीतने वाली महिला टीम ने अब एशियन गेम्स में चार पदकों की उम्मीद जताई है। इन खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल अकादमी द्वारा अतिरिक्त पोषण और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान की जा रही है।
आगामी दो हफ्तों में एथलेटिक्स, तैराकी और जिम्नैस्टिक के फाइनल मुकाबले आयोजित होंगे। 30 जुलाई को एथलेटिक्स का 100 मीटर फाइनल भारत के लिए निर्णायक माना जा रहा है, जहाँ धीरज सिंह को विश्व रैंक 8 के रूप में प्रतिस्पर्धा करनी होगी। तैराकी में 2 अगस्त को 200 मीटर बटरफ्लाई में महिला एथलीट नेहा शर्मा ने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय दर्ज किया है, जो स्वर्ण पदक की संभावना को बढ़ाता है। जिम्नैस्टिक में युवा प्रतिभा अनीता गुप्ता ने टीम इवेंट में स्थिर प्रदर्शन दिखाया, जिससे टीम इवेंट में संभावित पदक की उम्मीद है।
सभी आंकड़ों को देखते हुए, भारतीय खेल मंत्रालय ने 30 स्वर्ण पदक के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन आवंटित करने की घोषणा की है और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुविधाएं प्रदान करने का वादा किया है। इस पहल से न केवल इस बार के एशियन गेम्स में भारत की सफलता की संभावनाएं बढ़ेंगी, बल्कि दीर्घकालिक खेल विकास में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।







