आलमबाग के नटखेड़ा में जलभराव और गंदगी से लोग परेशान, नगर निगम की लापरवाही का आरोप


मुंबई, दि. (सिटी न्यूज़ मुंबई अनंत नलावडे)
महाराष्ट्र में पालों और अस्थायी बस्तियों में रहने वाले भटक्या-विमुक्त समुदायों के स्थायी पुनर्वास के लिए सिर्फ एक रुपये में जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव मंत्रिमंडल के सामने रखा जाएगा। इसके लिए 29 अक्टूबर तक जमीन के प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश राजस्व मंत्री एवं ओबीसी मंत्रिमंडलीय उपसमिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने दिए हैं।
सह्याद्री अतिथिगृह में हुई उपसमिति की सातवीं बैठक में पुनर्वास में हो रही देरी पर बावनकुले ने संबंधित अधिकारियों से नाराजगी जताई। उन्होंने पात्र नागरिकों को जाति प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने तथा उनके लिए नई बस्तियां बसाने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए। **एक रुपये में जमीन देने का निर्णय अभी अंतिम नहीं हुआ है।** प्रस्ताव मंत्रिमंडल के समक्ष पेश होने के बाद इस पर आगे निर्णय लिया जाएगा।
### महाज्योति के फंड पर छगन भुजबल ने उठाए सवाल
बैठक में महाज्योति और सारथी संस्थाओं के बजट में अंतर का मुद्दा भी उठा। मंत्री छगन भुजबल ने बताया कि सारथी को 1,484 करोड़ रुपये, जबकि महाज्योति को 288 करोड़ रुपये मिलने पर उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने सभी संस्थाओं को निर्धारित मानदंडों के अनुसार पर्याप्त धनराशि देने और स्वीकृत राशि जल्द जारी करने की मांग की।
बावनकुले ने बताया कि 600 करोड़ रुपये की बजटीय व्यवस्था के तहत राशि वितरित की गई है। उन्होंने कहा कि बजट में कटौती नहीं की जाएगी और अतिरिक्त निधि के लिए मुख्यमंत्री से चर्चा की जाएगी। विमुक्त जाति एवं घुमंतू जनजातियों (VJNT) के लिए अलग बजट बनाने का प्रस्ताव भी चर्चा में आया।
### सूखे में चरवाहों के लिए चारे की व्यवस्था
राज्य में भेड़पालकों के चराई क्षेत्र की समस्या पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को जिन वन क्षेत्रों में चराई की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
वन मंत्री गणेश नाईक ने सूखाग्रस्त क्षेत्रों में चारे की उपलब्धता का आकलन करने के लिए ड्रोन सर्वेक्षण और जिला नियोजन एवं विकास समिति (DPDC) के फंड से चारा उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। बैठक में भर्ती प्रक्रिया में नौ प्रतिशत बैकलॉग भरने और आर्थिक असमानता दूर करने के उपायों पर भी चर्चा हुई।
### ओबीसी छात्रावासों के प्रबंधन पर निर्देश
अन्य पिछड़ा बहुजन कल्याण मंत्री अतुल सावे ने ओबीसी विद्यार्थियों के छात्रावासों में कार्यालयीन जगह और विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था अलग रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रावासों को एकीकृत करने की प्रक्रिया में विद्यार्थियों के निवास की सुविधा प्रभावित नहीं होनी चाहिए। काम में देरी होने पर संबंधित विभाग की जिम्मेदारी तय करने की चेतावनी भी दी गई।
इस बीच, महामंडलों और उनकी सहायक कंपनियों के लिए नवी मुंबई के सिडको बेलापुर रेलवे स्टेशन परिसर में 11,455 वर्ग फुट जगह खरीदने की प्रक्रिया अंतिम चरण में होने की जानकारी प्रशासन ने दी।
बैठक में मंत्री छगन भुजबल, गणेश नाईक, पंकजा मुंडे, गुलाबराव पाटील, अतुल सावे और संजय राठोड सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।







