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मीरा-भाईंदर(सिटी न्यूज़ मुंबई)
मीरा-भाईंदर महानगरपालिका की शुक्रवार को हुई महासभा में हंगामे, पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार और आम नागरिकों की पिटाई के आरोपों को लेकर जारी विवाद के बीच सोमवार को भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता और महापौर डिंपल मेहता ने पत्रकार परिषद आयोजित की। दोनों ने इस घटनाक्रम पर खेद व्यक्त करते हुए मीरा-भाईंदर के पत्रकारों से विवाद को समाप्त करने की अपील की।
महापौर डिंपल मेहता ने क्या कहा?
महानगरपालिका में दोपहर करीब डेढ़ बजे आयोजित पत्रकार परिषद में महापौर डिंपल मेहता ने शुक्रवार की महासभा के घटनाक्रम पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उस समय जानबूझकर प्रतीकात्मक रूप से मोबाइल से शूटिंग करने का प्रयास किया जा रहा था, जिसके बाद महासभा का कामकाज रोक दिया गया था।
महापौर ने कहा कि संबंधित नगरसेवकों की ओर से माफी मांगी जा चुकी है, इसलिए अब इस विवाद को समाप्त कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकारों के साथ उनका कोई व्यक्तिगत विरोध नहीं है। उनके अनुसार, शहर में जिस तरह का माहौल बनाया जा रहा है, उससे ऐसा प्रतीत होता है कि भाजपा को निशाना बनाया जा रहा है।
नरेंद्र मेहता ने निभाई मध्यस्थ की भूमिका
भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने भी पत्रकार परिषद में विवाद को खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भाजपा और पत्रकारों के बीच पहले से अच्छे संबंध रहे हैं। यदि किसी के साथ दुर्व्यवहार हुआ है, तो संबंधित नगरसेवक माफी मांग चुके हैं और अब इस मामले को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।
मेहता ने पत्रकारों से अपील की कि आपसी संबंधों को ध्यान में रखते हुए विवाद को यहीं समाप्त किया जाए।
महानगरपालिका परिसर में दिनभर पुलिस बंदोबस्त
शुक्रवार की महासभा में हुए घटनाक्रम के विरोध में सोमवार को मीरा-भाईंदर महानगरपालिका क्षेत्र में दिनभर पुलिस का कड़ा बंदोबस्त रहा। विभिन्न संगठनों ने महानगरपालिका परिसर में धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी करते हुए संबंधित नगरसेवकों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की।
प्रदर्शन में मराठी एकीकरण समिति, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे), कांग्रेस और अन्य संगठनों के शामिल होने की जानकारी सामने आई। प्रदर्शनकारियों ने पत्रकारों और आम नागरिकों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में कार्रवाई की मांग उठाई।
मनपा आयुक्त के कार्यालय के बाहर भी आंदोलन
प्रदर्शन के दौरान मनपा आयुक्त राधा विनोद शर्मा के कार्यालय के बाहर भी धरना आंदोलन किया गया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि महासभा में हुए घटनाक्रम की जांच की जाए और जिन लोगों की भूमिका सामने आए, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
अब इस पूरे विवाद के बीच विधायक नरेंद्र मेहता और महापौर डिंपल मेहता की ओर से खेद जताने तथा मामला समाप्त करने की अपील के बाद पत्रकार संगठनों और विरोध प्रदर्शन कर रहे संगठनों की अगली भूमिका पर सबकी नजर है।







