उत्कृष्ट टायक्वोंडो अकादमी 18वां स्मिट टायक्वोंडो चैम्पियनशिप में चमकती है


भारत ने 2025 एशिया खेलों की तैयारी के तहत खेल बुनियादी ढाँचे, निधि और एथलीट प्रशिक्षण में व्यापक सुधार किए हैं। सरकार, निजी क्षेत्र और खेल संघ मिलकर इस बड़े आयोजन के लिए रणनीतिक योजना बना रहे हैं।
राष्ट्रीय खेल मंच ने 12 जुलाई 2024 को एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में 2025 एशिया खेलों की तैयारी के लिए विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की, जिसमें कुल 1,250 करोड़ रुपये की सरकारी निधि आवंटित की गई है। इस राशि का 60 प्रतिशत भाग खेल सुविधाओं के आधुनिकीकरण, 30 प्रतिशत भाग एथलीटों की अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कैंप और शेष 10 प्रतिशत भाग विज्ञान‑आधारित प्रदर्शन विश्लेषण में जाएगा। योजना के तहत नई स्टेडियम, स्विमिंग पूल और एथलेटिक्स ट्रैक का निर्माण या नवीनीकरण किया जाएगा, जिससे भारत को विश्व स्तर की सुविधाएँ मिलेंगी।
केंद्रीय खेल मंत्रालय ने कहा कि 2025 एशिया खेलों के लिए तैयारियों में सबसे बड़ी प्राथमिकता बुनियादी ढाँचे का उन्नयन है, जिसमें 15 प्रमुख शहरों में कुल 22 खेल परिसर का आधुनिकीकरण शामिल है। इन परियोजनाओं में जलवायु‑अनुकूल तकनीक, ऊर्जा‑संचयन प्रणाली और डिजिटल टिकटिंग प्रणाली को लागू किया जाएगा, जिससे दर्शकों और खिलाड़ियों दोनों के अनुभव में सुधार होगा।
एथलीट चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए राष्ट्रीय खेल संघों ने एकत्रित डेटा‑आधारित स्कोरिंग मॉडल अपनाया है। इस मॉडल के तहत 2023-2024 के अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्राप्त अंक, शारीरिक परीक्षण परिणाम और मानसिक दृढ़ता को मिलाकर प्रत्येक खिलाड़ी को रैंक किया जाता है। चयनित एथलीटों को अब राष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्रों में 12 महीने की उच्च तीव्रता वाले शिविरों में भाग लेने का अवसर मिलेगा, जहाँ उन्हें विश्वस्तरीय कोच, पोषण विशेषज्ञ और खेल विज्ञान टीम की देखरेख में तैयार किया जाएगा।
पिछले वर्ष भारत ने एशिया खेलों में कुल 45 पदक जीतकर अपनी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया, जिसमें एथलेटिक्स, तीरंदाजी और बैडमिंटन में उल्लेखनीय प्रगति देखी गई। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सफलता को निरंतर बनाए रखने के लिए निरंतर प्रतिस्पर्धात्मक अभ्यास और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगिताओं में भागीदारी आवश्यक है। नई रणनीति के तहत 2024 में 10 अंतरराष्ट्रीय टुर्नामेंट में भारतीय टीम को भाग लेने की योजना है, जिससे खिलाड़ियों को विविध परिस्थितियों में अनुकूलन का अनुभव मिलेगा।
निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी इस योजना में प्रमुख स्थान दिया गया है। प्रमुख कॉरपोरेशन और स्टार्ट‑अप्स ने खेल विज्ञान, बायोमैकेनिक्स और डेटा एनालिटिक्स में निवेश किया है, जिससे एथलीटों को व्यक्तिगत प्रदर्शन सुधार के उपकरण उपलब्ध हों। साथ ही, इन कंपनियों ने खेल सामग्री, पोषण सप्लीमेंट और डिजिटल प्रशिक्षण प्लेटफ़ॉर्म की आपूर्ति का वादा किया है, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है। हालांकि, मौसम परिवर्तन और जलवायु जोखिम जैसे चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, सभी सुविधाओं में जल निकासी और तापमान नियंत्रण प्रणाली को अनिवार्य किया गया है।
समग्र रूप से, भारत की 2025 एशिया खेलों की तैयारी एक बहु‑स्तरीय, समन्वित और विज्ञान‑आधारित पहल के रूप में सामने आई है, जो राष्ट्रीय खेल नीति के साथ संरेखित है और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में भारत की स्थिति को सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखती है। इस व्यापक योजना के सफल कार्यान्वयन से न केवल एशिया खेलों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है, बल्कि भविष्य में ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप में भी भारत की जीत की संभावनाएँ बढ़ेंगी।







