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केंद्रीय सरकार ने 2025-26 के लिए नई आर्थिक योजना की घोषणा की, जिसमें कृषि, उद्योग और डिजिटल अवसंरचना पर विशेष ध्यान दिया गया है और 1.2 लाख करोड़ रुपये का निवेश तय किया गया है।
केंद्रीय सरकार ने 2025-26 के वित्तीय वर्ष के लिए नई आर्थिक योजना की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य आर्थिक वृद्धि को 6.5% तक बढ़ाना है। इस योजना के तहत कृषि, उद्योग और डिजिटल अवसंरचना पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रमुख बिंदुओं में किसानों के लिए ऋण सुविधा में 15% की कटौती, औद्योगिक क्षेत्र में 20% कर छूट और डिजिटल इंडिया पहल के तहत 500 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। सरकार ने यह भी बताया कि इस योजना का वित्त पोषण 2024-25 के बजट से 10% अधिक होगा। इस घोषणा के साथ ही संसद में चर्चा के लिए दस्तावेज़ प्रस्तुत किए गए।
नई योजना के तहत कृषि क्षेत्र में 3 नई पहलें लागू की जाएंगी: जल संरक्षण, फसल बीमा और प्रिसिजन फार्मिंग। फसल बीमा प्रीमियम को 30% तक घटाने का निर्णय लिया गया है, जिससे किसानों का जोखिम कम होगा। साथ ही, जल संरक्षण के तहत वर्षा जल संचयन परियोजनाओं के लिए 200 करोड़ रुपये की अनुदान राशि तय की गई है। प्रिसिजन फार्मिंग के लिए डिजिटल टूल्स और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का शुभारंभ किया जाएगा, जिससे उत्पादन में 10% की बढ़ोतरी की उम्मीद है।
उद्योग क्षेत्र में 20% कर छूट से विनिर्माण लागत में कमी आने की संभावना है। इसके अतिरिक्त, 150 नई औद्योगिक पार्कों के निर्माण के लिए 1.2 लाख करोड़ रुपये का निवेश घोषित किया गया है। यह कदम रोजगार सृजन और विदेशी निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से है। डिजिटल अवसंरचना पर 500 करोड़ रुपये का निवेश से ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कवरेज में 30% वृद्धि की उम्मीद है।
किसानों के संगठन ने इस योजना पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, जबकि कुछ व्यापार संघों ने कर छूट के बावजूद निवेश में अनिश्चितता जताई। केंद्रीय बैंक ने कहा कि मौद्रिक नीति में कोई बदलाव नहीं होगा। शैक्षणिक विशेषज्ञों ने डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आवश्यकता पर जोर दिया।
योजना के कार्यान्वयन में वित्तीय सीमाएँ और प्रशासनिक बाधाएँ प्रमुख चुनौतियाँ हैं। इसके अलावा, जलवायु परिवर्तन के कारण कृषि उत्पादन पर असर पड़ सकता है। सरकार ने इन जोखिमों को कम करने के लिए जोखिम प्रबंधन ढांचे को मजबूत करने का वादा किया है। दीर्घकालिक दृष्टिकोण से यह योजना 2030 तक भारत को वैश्विक आर्थिक मानचित्र पर ऊँची स्थिति दिलाने का लक्ष्य रखती है।
इस प्रकार, केंद्रीय सरकार की नई आर्थिक योजना देश की समृद्धि और विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।







