शनिवार, 5 सितंबर 2026
Englishहिन्दीMarathi
सिटी न्यूज़ मुंबई
सिटी न्यूज़ मुंबई
होमई-पेपरवीडियोराष्ट्रीयमुंबईराजनीतिखेलस्वास्थ्यप्रौद्योगिकी
टॉपराष्ट्रीयमुंबईराजनीतिखेलस्वास्थ्यप्रौद्योगिकी

सिटी न्यूज़ मुंबई

मुंबई की हर खबर, सबसे पहले

श्रेणियाँ

  • स्थानीय
  • राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • व्यापार
  • प्रौद्योगिकी
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा

त्वरित लिंक

  • होम
  • ई-पेपर
  • वीडियो
  • आज की तस्वीर
  • हमारे बारे में
  • संपर्क करें
  • गोपनीयता नीति
  • नियम और शर्तें

न्यूजरूम

  • संपादकीय नीति
  • सुधार और शिकायतें
  • विज्ञापन
  • न्यूजरूम संपर्क

भाषाएँ

  • English
  • हिन्दी (Hindi)
  • मराठी (Marathi)

हमें फॉलो करें

Email: citynewsmumbai@gmail.com

Phone: 9869128483

© 2026 City News Mumbai. सर्वाधिकार सुरक्षित

Designed and Developed byZeloiteZeloite
भारतीय आईटी सेक्टर की तेज़ी: 2023‑24 में आय‑वृद्धि, चुनौतियां और भविष्य की दिशा
  1. होम
  2. प्रौद्योगिकी
प्रौद्योगिकी

भारतीय आईटी सेक्टर की तेज़ी: 2023‑24 में आय‑वृद्धि, चुनौतियां और भविष्य की दिशा

City News Mumbai•5 सितंबर 2026 को 07:15 am बजे•0 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें

2023‑24 में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र ने 12.5% आय‑वृद्धि दर्ज की, निर्यात और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग ने इसे सशक्त किया। नीति समर्थन और स्टार्ट‑अप उछाल के बीच साइबर सुरक्षा व कौशल अंतर जैसी चुनौतियां भी सामने हैं।

भारत के सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र ने पिछले दशक में निरंतर गति पकड़ते हुए वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति को सुदृढ़ किया है। 2023‑24 वित्तीय वर्ष में इस सेक्टर की आय में 12.5 % की वृद्धि दर्ज हुई, जो निर्यात, क्लाउड सेवाओं, और डिजिटल समाधान की बढ़ती मांग को दर्शाती है। सरकार की ‘डिजिटल इंडिया’ पहल, स्टार्ट‑अप इकोसिस्टम, और बड़े बहुराष्ट्रीय कंपनियों की निवेश प्रवृत्ति ने रोजगार सृजन और तकनीकी नवाचार को गति दी है। हालांकि, साइबर सुरक्षा, कौशल अंतर, और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियां भी सामने हैं। इस लेख में हम वर्तमान स्थितियों, प्रमुख रुझानों, और भविष्य की संभावनाओं का विश्लेषण करेंगे।

**आर्थिक प्रदर्शन और निर्यात**
इंडियन टैक्नोलॉजी इन्डस्ट्री असोसिएशन (इटिया) के आंकड़ों के अनुसार, 2023‑24 में कुल आईटी सेवाओं की आय लगभग ₹13.2 ट्रिलियन (US$160 बिलियन) तक पहुँची, जिसमें निर्यात आय 70 % से अधिक रही। प्रमुख बाजारों में यूएसए, यूरोप, और एशिया‑पैसिफिक शामिल हैं, जहाँ क्लाउड माइग्रेशन, एआई‑आधारित समाधान और साइबर सुरक्षा सेवाओं की माँग में उल्लेखनीय उछाल देखा गया। छोटे‑मध्यम उद्यमों (एसएमई) ने भी डिजिटल ट्रांसफ़ॉर्मेशन प्रोजेक्ट्स के कारण आय में औसत 15 % की बढ़ोतरी दर्ज की।

**नीति समर्थन और इकोसिस्टम**
सरकार ने ‘डिजिटल इंडिया’ के तहत 2025 तक 1 मिलियन डिजिटल नौकरियों का लक्ष्य रखा है, जिससे तकनीकी कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) ने आईटी‑ट्रेनिंग के लिए 2,500 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है, जबकि स्टार्ट‑अप इंडिया योजना ने 2023‑24 में 1,200 नई टेक स्टार्ट‑अप्स को फंडिंग प्रदान की। साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक डेटा एक्सचेंज (EDX) प्लेटफ़ॉर्म ने सार्वजनिक‑निजी साझेदारी को सुदृढ़ किया, जिससे सरकारी सेवाओं की डिजिटलाइजेशन तेज़ हुई।

**मुख्य चुनौतियां**
वृद्धि के बावजूद, सेक्टर को कई बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। साइबर सुरक्षा खतरों में लगातार वृद्धि ने कंपनियों को अधिक निवेश करने की आवश्यकता पैदा की है; 2023 में भारत में साइबर‑अटैक की संख्या 30 % बढ़ी। साथ ही, कुशल पेशेवरों की कमी ने वेतन में 10‑12 % की वार्षिक वृद्धि को प्रेरित किया, जिससे छोटे फर्मों की लागत दबाव में आई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीन और पूर्वी यूरोप के प्रतिस्पर्धियों की कीमत‑प्रभावी सेवाओं ने भारतीय निर्यातकों को मूल्य प्रतिस्पर्धा में चुनौतियों का सामना कराया।

**भविष्य की दिशा**
विश्लेषकों का मानना है कि अगले पाँच वर्षों में भारतीय आईटी सेक्टर का वार्षिक CAGR 10‑12 % रहेगा, बशर्ते कि एआई, इंटर्नेट ऑफ थिंग्स (IoT), और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश तेज़ी से बढ़े। सरकार के ‘नैशनल एआई स्ट्रैटेजी’ के तहत 2026 तक 5 बिलियन डॉलर के एआई‑इकोसिस्टम को स्थापित करने की योजना है, जो स्टार्ट‑अप्स और बड़े उद्योगों के बीच सहयोग को बढ़ावा देगी। इस बीच, निर्यात‑उन्मुख कंपनियों को वैकल्पिक बाजारों जैसे लैटिन अमेरिका और अफ्रीका में विस्तार करना होगा, ताकि जोखिम विविधीकरण हो सके और सतत वृद्धि सुनिश्चित हो सके।

समग्र रूप से, भारतीय आईटी सेक्टर ने मजबूत बुनियादी ढाँचा, नीति समर्थन, और वैश्विक मांग के साथ अपने विकास पथ को स्पष्ट किया है, परन्तु कौशल अंतर, साइबर जोखिम, और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा को संबोधित करना इस गति को बनाए रखने के लिये अनिवार्य रहेगा।
साझा करें:

More from प्रौद्योगिकी

कंप्यूटर सेक्टर में तेज़ी से बढ़ता विकास: नवाचार, बाजार विस्तार और रोजगार के नए अवसर
प्रौद्योगिकी

कंप्यूटर सेक्टर में तेज़ी से बढ़ता विकास: नवाचार, बाजार विस्तार और रोजगार के नए अवसर

5 सित॰ 2026
कॉर्पोरेट सेक्टर में नई दिशा: नवाचार, ESG और वैश्विक प्रतिस्पर्धा
प्रौद्योगिकी

कॉर्पोरेट सेक्टर में नई दिशा: नवाचार, ESG और वैश्विक प्रतिस्पर्धा

5 सित॰ 2026
सुविधा उद्योग की नई दिशा: वैश्विक रुझान और भारत की संभावनाएँ
प्रौद्योगिकी

सुविधा उद्योग की नई दिशा: वैश्विक रुझान और भारत की संभावनाएँ

5 सित॰ 2026
{
प्रौद्योगिकी

{

5 सित॰ 2026
सर्वश्रेष्ठ प्रौद्योगिकी: 2026 का डिजिटल परिदृश्य
प्रौद्योगिकी

सर्वश्रेष्ठ प्रौद्योगिकी: 2026 का डिजिटल परिदृश्य

4 सित॰ 2026
भारत में उभरती टॉप टेक्नोलॉजी: 2024 की प्रमुख नवाचारों का विश्लेषण
प्रौद्योगिकी

भारत में उभरती टॉप टेक्नोलॉजी: 2024 की प्रमुख नवाचारों का विश्लेषण

4 सित॰ 2026