भारत में टेक्नोलॉजी का विकास: 2024 में प्रमुख रुझान और चुनौतियाँ
City News Mumbai••0 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
2024 में भारत ने डिजिटल बुनियादी ढाँचे, AI निवेश और स्टार्ट‑अप उछाल के साथ तकनीकी प्रगति की नई ऊँचाइयाँ हासिल कीं, जबकि साइबर सुरक्षा और डिजिटल विभाजन जैसी चुनौतियों का सामना जारी है।
भारत ने पिछले दो दशकों में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, और 2024 में यह गति और तेज़ हो गई है। सरकार की डिजिटल भारत पहल, निजी निवेश और अंतरराष्ट्रीय सहयोग ने तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र को व्यापक रूप से विस्तारित किया है। इस वर्ष, देश ने 78 प्रतिशत इंटरनेट उपयोगकर्ता वृद्धि दर्ज की, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी कनेक्टिविटी में सुधार हुआ। साथ ही, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्लाउड कंप्यूटिंग और 5G नेटवर्क की तैनाती ने उद्योगों के संचालन मॉडल को पुनः परिभाषित किया है। इन बदलावों ने रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर गहरा प्रभाव डाला है। समग्र रूप से प्रभावी।
डिजिटल इंडिया योजना के तहत केंद्र सरकार ने 2024 में 1.2 ट्रिलियन रुपये का अतिरिक्त बजट आवंटित किया, जिससे ई-गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार हुआ। इस बजट में विशेष रूप से ग्रामीण broadband, साइबर सुरक्षा और डेटा संरक्षण के लिए 250 अरब रुपये earmarked किए गए। नई नीति ने सार्वजनिक‑निजी भागीदारी को प्रोत्साहित किया, जिससे 150 नई डिजिटल प्लेटफ़ॉर्मों का विकास हुआ और सेवाओं की पहुंच में 30 प्रतिशत सुधार आया।
भारतीय कंपनियों ने 2023‑2024 वित्तीय वर्ष में कृत्रिम बुद्धिमत्ता में 45 अरब रुपये निवेश किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत बढ़ा। इस निवेश का 60 प्रतिशत हिस्सा वित्तीय सेवाओं, स्वास्थ्य और विनिर्माण क्षेत्रों में केंद्रित था। राष्ट्रीय AI रणनीति के अनुसार, 2025 तक देश में AI‑संचालित समाधान 12 करोड़ उपयोगकर्ताओं तक पहुँचेंगे, जिससे उत्पादकता में अनुमानित 7 प्रतिशत वृद्धि होगी।
स्टार्ट‑अप इकोसिस्टम ने 2024 में 2,800 नई तकनीकी फर्में स्थापित कीं, जिनमें 35 प्रतिशत ने क्लाउड, बिग डेटा और ब्लॉकचेन पर केंद्रित समाधान पेश किए। इन फर्मों को विभिन्न वेंचर कैपिटल फर्मों से कुल 9.5 अरब रुपये की फंडिंग मिली, जिसमें सरकारी इनोवेशन फंड का 1.2 अरब रुपये का योगदान शामिल था। इस प्रवाह ने रोजगार सृजन में 120,000 नई नौकरियों का सृजन किया।
5G नेटवर्क का राष्ट्रीय कवरेज 2024 के अंत तक 65 प्रतिशत जनसंख्या तक पहुँच गया, जिससे औसत डाउनलोड गति 250 मेगाबिट प्रति सेकंड तक बढ़ी। टेलीकॉम कंपनियों ने 2024 में 3.4 अरब रुपये का निवेश 5G बेस स्टेशन और फाइबर ऑप्टिक कनेक्शन में किया। इस बुनियादी ढांचे ने ई-कॉमर्स, ऑनलाइन शिक्षा और दूरस्थ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को तेज किया।
समग्र रूप से देखा जाए तो 2024 में भारत की तकनीकी प्रगति ने आर्थिक विकास को नई दिशा दी है, लेकिन साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता और डिजिटल विभाजन जैसी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। नीति निर्माताओं, उद्योग नेताओं और नागरिक समाज को मिलकर इन मुद्दों को संबोधित करना होगा, ताकि डिजिटल परिवर्तन सभी वर्गों के लिए समावेशी और सतत हो सके।