राष्ट्रीय खेल महासंघ ने 2026 ओलंपिक हेतु नई तैयारी योजना का अनावरण किया
City News Mumbai••0 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
राष्ट्रीय खेल महासंघ ने 2026 ओलंपिक के लिए 1.2 अरब रुपये का बजट और 1500 युवा एथलीटों के लिए प्रशिक्षण योजना प्रस्तुत की। इस योजना में अंतरराष्ट्रीय कोचिंग, हाई‑टेक सुविधाएँ और 12 पदक जीतने का लक्ष्य शामिल है।
राष्ट्रीय खेल महासंघ (NSF) ने आज दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में 2026 ओलंपिक खेलों के लिए एक व्यापक तैयारी योजना का अनावरण किया। इस योजना के तहत, 1500 से अधिक युवा एथलीटों को केंद्रित प्रशिक्षण, पोषण और मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों से लैस किया जाएगा। प्रमुख उद्देश्यों में 15 प्रमुख खेलों में भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना और 10 नए विश्व रिकॉर्ड तोड़ने की दिशा में कार्य करना शामिल है। योजना के प्रमुख बिंदुओं में प्रशिक्षण सुविधाओं का आधुनिकीकरण, अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोचों की नियुक्ति और डेटा एनालिटिक्स का समावेश है। सभी कार्यक्रमों को राष्ट्रीय स्तर पर समन्वित किया जाएगा।
इस पहल के लिए NSF ने 2024-2025 वित्तीय वर्ष में 1.2 अरब रुपये का बजट आवंटित किया है। बजट का 55 प्रतिशत प्रशिक्षण केंद्रों के निर्माण में और 25 प्रतिशत कोचिंग एवं अंतरराष्ट्रीय टूर में खर्च किया जाएगा। शेष 20 प्रतिशत को पोषण, चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक सहायता के लिए earmarked किया गया है। इस वित्तीय योजना के तहत, हर राज्य में एक प्रीमियम एथलेटिक सुविधा स्थापित करने का लक्ष्य है।
नई प्रशिक्षण सुविधाओं में हाई‑टेक स्पीड स्क्रिनिंग, एरोबिक वर्कआउट मॉड्यूल और 4K वीडियो विश्लेषण कक्ष शामिल होंगे। इन सुविधाओं के माध्यम से एथलीटों के प्रदर्शन को रीयल‑टाइम में मॉनिटर किया जा सकेगा। इसके अलावा, हर शहर में 10 किलोमीटर के भीतर एक ओलंपिक‑स्तर का ट्रैक और फील्ड कॉम्प्लेक्स स्थापित किया जाएगा। यह कदम स्थानीय स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाले प्रतियोगी अनुभव सुनिश्चित करेगा।
NSF ने विश्व के शीर्ष कोचिंग संस्थानों के साथ साझेदारी की है। ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया के सिडनी एथलेटिक क्लब और जापान के टोक्यो स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इन सहयोगों के तहत, 30 से अधिक अंतरराष्ट्रीय कोचों को भारत में प्रशिक्षित करने के लिए नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही, भारतीय एथलीटों को विदेश में प्रशिक्षण शिविरों में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
एथलीट चयन के मानदंडों में राष्ट्रीय चैंपियनशिप के अंक, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रदर्शन और स्वास्थ्य जांच शामिल हैं। चयन समिति हर वर्ष जून में अपनी बैठक करेगी। चयनित एथलीटों को 12 महीने की अनुकूलित प्रशिक्षण योजना दी जाएगी। इसके अलावा, मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए, प्रत्येक एथलीट को एक मनोवैज्ञानिक से परामर्श मिलेगा।
इस योजना के तहत, 2026 ओलंपिक में भारत को 12 पदक (5 स्वर्ण, 4 रजत, 3 कांस्य) जीतने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, 10 नए विश्व रिकॉर्ड तोड़ने की आशा है। राष्ट्रीय खेल महासंघ ने बताया कि यह लक्ष्य पिछले ओलंपिक में प्राप्त 8 पदकों से अधिक है। एथलीटों की संख्या में 20 प्रतिशत की वृद्धि और प्रदर्शन में 15 प्रतिशत सुधार अपेक्षित है।
इस व्यापक रणनीति के साथ, भारत 2026 ओलंपिक में अपनी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को मजबूत करने के लिए तैयार है।