कबड्डी विश्व कप 2025 में भारत ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की
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भारत ने कबड्डी विश्व कप 2025 में 28-12 से जीत दर्ज की, कप्तान अर्जुन सिंह के नेतृत्व में टीम ने ऐतिहासिक तीसरा खिताब हासिल किया।
कबड्डी विश्व कप 2025, जो 12 जून से 26 जून तक रियाद, सऊदी अरब में आयोजित हुआ, भारत की टीम ने ऐतिहासिक रूप से तीसरा खिताब जीतते हुए अपनी प्रभुत्व की पुष्टि की। यह टूर्नामेंट विश्व भर के 16 देशों के बीच प्रतिस्पर्धा के रूप में सामने आया, जिसमें एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका के शीर्ष दल शामिल थे। भारत ने समूह चरण में 5 जीत के साथ प्रथम स्थान हासिल किया, जिससे उन्हें सीधे फाइनल में प्रवेश मिला। फाइनल में वे सऊदी अरब के होम टीम से भिड़े, जहां 28-12 के स्कोर से भारत ने जीत दर्ज की। यह जीत भारतीय कबड्डी को विश्व स्तर पर फिर से स्थापित करती है।
कबड्डी विश्व कप 2025 को अंतरराष्ट्रीय कबड्डी महासंघ (IWB) ने आधिकारिक तौर पर मान्यता दी, जिससे यह आयोजन विश्व के सबसे बड़े टीम स्पोर्ट्स इवेंट्स में से एक बन गया। टुर्नामेंट में 16 टीमों ने 4 समूहों में विभाजित होकर राउंड-रॉबिन खेल खेले। हर मैच का समय 20 मिनट, दो 10 मिनट के अर्ध में बंटा हुआ था, और स्कोरिंग के लिए रक्षात्मक और आक्रमण दोनों पक्षों के अंक गिने जाते थे। इस संरचना ने खेल को तेज़ और दर्शनीय बना दिया।
फाइनल मैच का प्रारंभ 12:30 बजे हुआ, जब भारत ने 2-0 से पहले अर्ध में बढ़त बनाई। सऊदी अरब ने दूसरे अर्ध में 5 अंक जुटाए, परंतु भारत के रक्षात्मक रणनीति ने उन्हें रोक दिया। मैच का निर्णायक क्षण 18वें मिनट में आया जब भारतीय रक्षक ने सऊदी के स्टार खिलाड़ी को टैकल कर कैच किया, जिससे स्कोर 28-12 पर स्थिर रहा। मैच को 10,000 से अधिक दर्शकों ने लाइव देखा, जबकि अंतरराष्ट्रीय प्रसारण में 30 करोड़ दर्शक शामिल हुए।
इस टूर्नामेंट में भारतीय कप्तान अर्जुन सिंह ने 12 कैच और 8 टैकल के साथ शानदार प्रदर्शन किया, जिससे वे सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार जीत गए। सहायक खिलाड़ी रोहित पाटिल ने 4 रश और 3 ब्लॉक के साथ 18 अंक जुटाए, जबकि फॉरवर्ड प्रिया मेहरा ने 5 रश और 2 कैच के साथ 10 अंक अर्जित किए। इन खिलाड़ियों की टीम वर्क और अनुशासन ने भारत को विश्व स्तर पर शीर्ष स्थान दिलाया।
कबड्डी विश्व कप 2025 में भारत की जीत ने राष्ट्रीय गर्व को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी। इस सफलता से भारतीय कबड्डी संघ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक निवेश और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए समर्थन मिला। भविष्य में, भारत का लक्ष्य अगले विश्व कप में भी इसी तरह की उत्कृष्टता बनाए रखना है, ताकि देश की खेल पहचान वैश्विक मंच पर और मजबूत हो सके।