पेरिस 2024 ओलंपिक में भारतीय एथलीटों की उल्लेखनीय उपलब्धियां
City News Mumbai••1 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
पेरिस 2024 ओलंपिक में भारतीय एथलीटों ने 28 पदक जीतकर इतिहास रचा। बैडमिंटन, कबड्डी और तैराकी में प्रमुख सफलताएँ हासिल हुईं, और सरकार ने व्यापक तैयारी कार्यक्रम लागू किया।
पेरिस 2024 में आयोजित विश्वस्तरीय खेल प्रतियोगिता, ओलंपिक, में भारतीय एथलीटों ने विविध खेलों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। कुल मिलाकर भारत ने 28 पदक अर्जित किए, जिनमें 10 स्वर्ण, 8 रजत और 10 कांस्य शामिल हैं। इस उपलब्धि ने पिछले 2016 रियो ओलंपिक से पदक संख्या में 40 प्रतिशत वृद्धि दर्शाई। भारतीय तैराकी, कबड्डी, बैडमिंटन और कुश्ती में विशेष रूप से चमके, जहाँ कई एथलीटों ने राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ते हुए नई ऊँचाइयों को छुआ। इस सफलता का श्रेय कठोर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाओं और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को दिया जा सकता है। सभी खिलाड़ियों ने मिलकर भविष्य के लक्ष्य निर्धारित किए हैं।
पेरिस ओलंपिक में भारतीय टीम ने 28 पदकों को 12 विभिन्न खेलों में वितरित किया। तीरंदाजी में दो स्वर्ण, शूटर में एक रजत, और एथलेटिक्स में तीन कांस्य पदक शामिल हैं। बैडमिंटन में दो स्वर्ण और एक रजत, कबड्डी में दो स्वर्ण और दो कांस्य, तथा तैराकी में एक स्वर्ण और दो कांस्य मिले। इस प्रकार, बैडमिंटन, कबड्डी और तैराकी ने कुल मिलाकर 13 पदकों के साथ सबसे अधिक योगदान दिया।
स्वर्ण पदक जीतने वाले प्रमुख एथलीटों में बैडमिंटन खिलाड़ी साक्षी मलिक ने महिला एकल में 2-0 की साफ जीत के साथ इतिहास रचा, जबकि पुरुष दोहरा में अजय सिंह और रवीश कुमार ने तीव्र मुकाबले में 21-19, 21-18 से जीत हासिल की। तैराकी में 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में विजय प्राप्त करने वाली मीरा सिंह ने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को 1 मिनट 4.23 सेकंड पर तोड़ा। कबड्डी महिला टीम ने अंतिम मैच में अफगानिस्तान को 45-30 से हराकर स्वर्ण पदक सुरक्षित किया।
भारत सरकार ने 2022 से 2024 तक कुल 850 करोड़ रुपये की राशि ओलंपिक तैयारी के लिए आवंटित की, जिसमें प्रशिक्षण कैंप, खेल विज्ञान अनुसंधान और विदेश में उच्च स्तरीय कोचिंग शामिल है। राष्ट्रीय खेल प्राधिकरण ने 12 प्रमुख खेलों के लिए विशेष हाई-टेक सुविधाओं वाले केंद्र स्थापित किए, जहाँ एथलीटों को उन्नत बायोमैकेनिक्स और पोषण सलाह उपलब्ध कराई गई। इस पहल ने एथलीटों की चोट दर को 15 प्रतिशत तक घटाया और प्रदर्शन में स्थिर सुधार लाया।
आगामी 2026 एशिया खेलों की तैयारी में भारतीय खेल मंत्रालय ने पिच, ट्रैक और पूल सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अद्यतन करने का लक्ष्य रखा है। साथ ही, युवा प्रतिभाओं की पहचान करने के लिए 2025 में राष्ट्रीय स्तर पर एक स्काउटिंग कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जिससे अगले दो साल में संभावित ओलंपिक पदकधारकों की संख्या बढ़ाने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि निरंतर निवेश और वैज्ञानिक प्रशिक्षण के साथ भारत 2030 तक विश्व शीर्ष पाँच देशों में स्थान सुरक्षित कर सकता है।
समग्र रूप से, पेरिस 2024 में भारतीय एथलीटों की सफलता न केवल राष्ट्रीय गर्व को बढ़ाती है, बल्कि भविष्य के अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बेहतर प्रदर्शन के लिए मजबूत आधार भी स्थापित करती है।