विवादित फैसला स्कूल ने लिया वापस, मनसे की आक्रामकता के बाद सेवन स्क्वेयर अकादमी ने हटाया निर्देश
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मीरा-भायंदर, दि. 10 सितंबर 2026 (सिटी न्यूज़ मुंबई)
जैन धर्म के पवित्र पर्युषण पर्व के दौरान विद्यार्थियों के डिब्बे में प्याज, लहसुन, आलू, बीट, अन्य कंदमूल पदार्थों के साथ नॉनवेज नहीं लाने संबंधी सेवन स्क्वेयर अकादमी के निर्देश को लेकर शुरू हुआ विवाद अब नया मोड़ ले चुका है। मनसे के विरोध और आंदोलन की चेतावनी के बाद स्कूल प्रशासन ने कथित तौर पर अपना विवादित निर्देश वापस लेते हुए उसे वेबसाइट से हटा दिया है। इस पूरे मामले की हालिया रिपोर्टों में भी स्कूल के निर्देश और मनसे के विरोध की पुष्टि हुई है।
मनसे नेता सचिन पोपले के अनुसार, उनके विरोध के बाद मनसे के ठाणे जिला अध्यक्ष अविनाश जाधव ने भी स्कूल प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि शाम तक संबंधित निर्देश वापस नहीं लिया गया तो मनसे आंदोलन करेगी। इसके बाद स्कूल प्रशासन ने निर्देश को अपनी वेबसाइट से हटा दिया।
सचिन पोपले ने दावा किया कि जनमत के दबाव के आगे आखिरकार भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता से जुड़े स्कूल प्रशासन को झुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि समाज को वेज और नॉनवेज के आधार पर बांटा नहीं जा सकता और किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत खान-पान की पसंद पर धार्मिक नियम थोपना उचित नहीं है।
पोपले ने कहा, “इस पूरे मामले ने यह साबित कर दिया है कि जनमत के सामने सत्ता पक्ष को भी झुकना पड़ सकता है।”
उन्होंने इस मुद्दे को प्रमुखता से सामने लाने के लिए पत्रकारों का भी आभार व्यक्त किया। उनका कहना था कि मीडिया ने मामले पर प्रभावी ढंग से प्रकाश डाला, जिससे जनमत तैयार हुआ और अंततः स्कूल प्रशासन को अपना फैसला वापस लेना पड़ा।
गौरतलब है कि सेवन स्क्वेयर अकादमी के पर्युषण संबंधी निर्देश को लेकर पिछले दिनों राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विवाद खड़ा हुआ था। स्कूल की ओर से इसे धार्मिक भावना और पर्युषण पर्व के संदर्भ में की गई अपील बताया गया था, जबकि मनसे ने विद्यार्थियों के खान-पान में धार्मिक आधार पर हस्तक्षेप का आरोप लगाया था।