मिरा-भाईंदर को बड़ी सौगात! ट्रैफिक शाखा के लिए बनेगा स्वतंत्र पुलिस उपायुक्त पद, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मंजूरी


मुंबई, दि. 6 (सिटी न्यूज़ मुंबई)
महाराष्ट्र के सफाई कर्मचारियों को अब सेवा निवास के साथ-साथ मालिकाना हक वाले घर भी दिए जाएंगे। राज्य सरकार ने इस संबंध में निर्णय लिया है और इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। भविष्य में किसी भी सफाई कर्मचारी को अपने परिवार के आवास की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। यह विश्वास मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दक्षिण मुंबई के कोलाबा स्थित पंचशील नगर में आश्रय योजना कक्ष, चरण-2 के अंतर्गत नवनिर्मित कर्मचारी आवासों के उद्घाटन और चाबी वितरण कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस अवसर पर 140 आवासों का उद्घाटन किया गया।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, विधानसभा अध्यक्ष एडवोकेट राहुल नार्वेकर, महापौर रितु तावड़े, उपमहापौर संजय घाडी, नगरसेवक मकरंद नार्वेकर, हर्षिता नार्वेकर और मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिड़े सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
2028 तक सफाई कर्मचारियों को सेवा आवास देने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि सफाई कर्मचारी खुद के स्वास्थ्य की परवाह किए बिना मुंबईकरों के स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं। ऐसे कर्मचारियों को बेहतर और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि सफाई कर्मचारियों के लिए डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर श्रमसाफल्य और वाल्मीकि आवास योजना शुरू की गई है। सेवा आवास की व्यवस्था के तहत संबंधित कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने के बाद उसके स्थान पर नियुक्त होने वाले बेटे को आवास हस्तांतरित किया जाता है। वर्ष 2028 तक सफाई कर्मचारियों को सेवा आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक प्री-फैब्रिकेटेड तकनीक का इस्तेमाल मुख्य रूप से बड़ी निजी इमारतों के निर्माण में होता था। पहली बार महानगरपालिका की इमारत का निर्माण इस तकनीक से किया गया है। परिसर में सामूहिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
उन्होंने कहा कि लाडपागे समिति का गठन वर्ष 1973 में हुआ था, लेकिन कुछ कारणों से इसका कामकाज बंद हो गया था। वर्ष 2015 में सरकार ने नए निर्णय के माध्यम से समिति को दोबारा शुरू किया और उत्तराधिकार के आधार पर नियुक्ति की व्यवस्था लागू की।
सफाई कर्मचारियों के योग्यताधारी बच्चों को वर्ग-3 में नौकरी देने का निर्णय भी लिया गया है। सरकार ने न्यायालयीन लड़ाई जीतकर लाडपागे समिति की सिफारिशें लागू की हैं। इसके अलावा ठेका, दैनिक वेतन और अन्य अस्थायी व्यवस्थाओं के तहत काम करने वाले कर्मचारियों को भी न्यूनतम वेतन और आवश्यक सुविधाएं देने का निर्णय लिया गया है।
सफाई कर्मचारी ही मुंबई के असली हीरो : एकनाथ शिंदे
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सफाई कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि जब मुंबई गहरी नींद में होती है, तब सफाई कर्मचारी सड़कों की सफाई करके शहरवासियों के स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं। कोविड महामारी के दौरान भी इन कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना सेवाएं दीं। गहन स्वच्छता अभियान और बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति में भी ये कर्मचारी लगातार काम करते हैं। इसलिए मुंबई के असली हीरो सफाई कर्मचारी ही हैं।
उन्होंने बताया कि मुंबई महानगरपालिका के 29 हजार सफाई कर्मचारियों को सेवा आवास उपलब्ध कराने की योजना का पहला चरण शुरू हो चुका है। मुंबई की 146 कर्मचारी कॉलोनियों का चरणबद्ध तरीके से पुनर्विकास कर सभी कर्मचारियों को बेहतर आवास दिए जाएंगे।
इस परियोजना में पहले 150 वर्ग फुट के बजाय अब 300 वर्ग फुट के घर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुंबई महानगरपालिका ने पहली बार प्री-फैब्रिकेटेड तकनीक का इस्तेमाल कर इन घरों का निर्माण तेजी से किया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कई सफाई कर्मचारी मुंबई के बाहर रहते हैं और उन्हें प्रतिदिन रेल से लंबा सफर करना पड़ता है। मुंबई में ही आवास मिलने से उनके स्वास्थ्य और कार्यक्षमता में सुधार होगा तथा शहर को स्वच्छ और स्वस्थ रखने में मदद मिलेगी।
उन्होंने महानगरपालिका को निर्देश दिया कि सफाई कर्मचारियों के बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए विशेष योजना तैयार की जाए, ताकि वे डॉक्टर, इंजीनियर, वकील और वास्तुकार बनकर समाज की मुख्यधारा में आगे बढ़ सकें।
29 हजार सफाई कर्मचारियों के घरों का सपना पूरा करने की शुरुआत : राहुल नार्वेकर
विधानसभा अध्यक्ष एडवोकेट राहुल नार्वेकर ने कहा कि मुंबई के 29 हजार सफाई कर्मचारियों को घर उपलब्ध कराने के सपने की शुरुआत पंचशील नगर में 140 आवासों की चाबियां वितरित करके हुई है। मुंबई को स्वच्छ और स्वस्थ रखने वाले सफाई कर्मचारियों को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।
पंचशील नगर की दो इमारतों में 140 आवास बनाए गए हैं। इनमें 10 लिफ्ट सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। स्वच्छ परिसर, बच्चों के अध्ययन की सुविधाएं और विभिन्न गतिविधियों के लिए अनुकूल वातावरण भी तैयार किया गया है।
कार्यक्रम की शुरुआत फीता काटकर आवासों के उद्घाटन से हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री सहित उपस्थित अतिथियों ने इमारतों का निरीक्षण किया।
आश्रय योजना के तहत 12,144 घरों का निर्माण
मुंबई महानगरपालिका की आश्रय योजना के अंतर्गत 30 कॉलोनियों के 35 प्रोजेक्ट का तीन चरणों में पुनर्विकास किया जा रहा है।
इस योजना के तहत 300 वर्ग फुट क्षेत्रफल के 11,371 और 600 वर्ग फुट क्षेत्रफल के 773 घर बनाए जाएंगे। इस प्रकार कुल 12,144 घर उपलब्ध कराए जाएंगे।
मुंबई महानगरपालिका के सभी 29 हजार सफाई कर्मचारियों को सेवा आवास उपलब्ध कराने की योजना है।
पांच सफाई कर्मचारियों को प्रतीकात्मक रूप से सौंपी गई चाबियां
पंचशील नगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पांच सफाई कर्मचारियों को प्रतीकात्मक रूप से आवास की चाबियां सौंपी गईं। इनमें भारती धोत्रे, सचिन सोलंकी, वंदना गोरेगांवकर, श्यामसिंह वाल्मीकि, प्रशांत सावंत और सतीश मार्चंडे शामिल हैं।

संस्थापक और मुख्य संपादक | सिटी न्यूज़ मुंबई







