कोकण में खुलेगा ‘फिल्म टूरिज्म’ का नया अध्याय! गुहागर के पालशेत में 125 एकड़ में फिल्मसिटी बनाने की तैयारी
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**मुंबई, दि. 13 (सिटी न्यूज़ मुंबई अनंत नलावडे)**
महाराष्ट्र के कोकण क्षेत्र में प्राकृतिक सुंदरता के साथ फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने कदम उठाया है। रत्नागिरी जिले के गुहागर तालुका स्थित पालशेत में लगभग 125 एकड़ सरकारी जमीन पर ‘फिल्म टूरिज्म’ परियोजना विकसित करने की तैयारी है। सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशिष शेलार ने महाराष्ट्र पर्यटन विकास महामंडल (एमटीडीसी) के साथ संयुक्त भागीदारी में परियोजना का विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एक महीने के भीतर प्रस्ताव प्रस्तुत करने और इसके लिए वित्तीय विकल्पों की जांच करने को कहा है।
### 🎬 एक ही जगह पर मिलेंगी शूटिंग की सुविधाएं
गुहागर और दापोली क्षेत्र के समुद्र तट, प्राकृतिक स्थल और पर्यटन की संभावनाएं फिल्मों तथा धारावाहिकों की शूटिंग के लिए अनुकूल हैं। इस क्षेत्र में पहले भी मराठी फिल्मों और धारावाहिकों की शूटिंग हो चुकी है। हालांकि, आवश्यक अनुमतियां और शूटिंग से जुड़ी सुविधाएं समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण निर्माताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए शूटिंग के लिए जरूरी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की योजना पर विचार किया जा रहा है।
बैठक में पालशेत के साथ वेळणेश्वर और तवसाळ स्थित सरकारी जमीन का उपयोग करके फिल्म निर्माण के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं विकसित करने पर भी चर्चा हुई। पूर्व विधायक डॉ. विनय नातू ने कोकण में फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न सुझाव दिए।
### एमटीडीसी और म्हाडा के माध्यम से जुटाई जा सकती है धनराशि
मंत्री आशिष शेलार की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई बैठक में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से परियोजना विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
एमटीडीसी के साथ संयुक्त उपक्रम स्थापित करने के अलावा, फिल्म पर्यटन योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त करने और इसके लिए म्हाडा की मदद लेने के विकल्प पर भी विचार करने के निर्देश दिए गए।
### कोकण की अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिल सकती है गति
यदि यह परियोजना साकार होती है, तो फिल्म निर्माताओं, कलाकारों और तकनीशियनों के कोकण आने से स्थानीय होटल, परिवहन, खानपान और पर्यटन से जुड़े अन्य व्यवसायों को लाभ मिल सकता है। स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी और सेवा क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी पैदा होने की संभावना है।
हालांकि, इन संभावनाओं को वास्तविक आर्थिक लाभ में बदलने के लिए स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देना, पर्यावरण के अनुकूल विकास करना और परियोजना का पारदर्शी प्रबंधन सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल परियोजना का अंतिम स्वरूप, वित्तीय व्यवस्था, क्रियान्वयन की प्रक्रिया और काम शुरू होने की तारीख तय नहीं हुई है। ऐसे में एक महीने के भीतर प्रस्तुत होने वाले प्रस्ताव से इन मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
### बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
इस बैठक में पूर्व विधायक डॉ. विनय नातू वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। सांस्कृतिक कार्य विभाग के सचिव किरण कुलकर्णी, दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी की प्रबंध निदेशक स्वाती म्हसे-पाटील, म्हाडा के उपाध्यक्ष संजीव जयस्वाल, एमटीडीसी के अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।