भारत में 2026 का डिजिटल परिदृश्य: नई तकनीकें, निवेश और भविष्य की चुनौतियाँ
City News Mumbai••1 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
भारत सरकार ने 2026 के लिए डिजिटल रणनीति की घोषणा की, जिसमें 70 प्रतिशत आबादी को उच्च गति इंटरनेट तक पहुँच सुनिश्चित करने का लक्ष्य है। इस पहल के तहत 3 ट्रिलियन रुपये का निवेश किया जाएगा, जो स्मार्ट सिटी, ई-हेल्थ और ऑनलाइन शिक्षा जैसी सेवाओं को सशक्त करेगा।
भारत सरकार ने 2026 के लिए डिजिटल रणनीति की घोषणा की है, जिसमें 70 प्रतिशत ग्रामीण और शहरी आबादी को उच्च गति इंटरनेट तक पहुँच सुनिश्चित करने का लक्ष्य है। इस पहल के तहत 3 ट्रिलियन रुपये का निवेश किया जाएगा, जो स्मार्ट सिटी, ई-हेल्थ और ऑनलाइन शिक्षा जैसी सेवाओं को सशक्त करेगा। 1.2 बिलियन इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के साथ, देश की डिजिटल परिधि तेज़ी से बढ़ रही है। नई तकनीकों जैसे 5G, AI और ब्लॉकचेन को अपनाने से व्यापार और सार्वजनिक सेवाओं में दक्षता और पारदर्शिता में वृद्धि होगी। नागरिकों के लिए कराने के लिए उपाय लागू होंगे।
दसवीं वर्षगांठ के करीब आते हुए, 2026 में 5G नेटवर्क का राष्ट्रीय विस्तार शुरू हो चुका है, जिसके तहत 15 प्रमुख शहरों और 1200 ग्रामीण क्षेत्रों में 5G बेस स्टेशनों की स्थापना की गई है। भारत के प्रमुख टेलीकॉम ऑपरेटर, जैसे एरो, एटी एंड टी और जियो, ने संयुक्त रूप से 2000 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जिससे डेटा ट्रैफिक में 5 गुना वृद्धि और औद्योगिक इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) का विकास संभव हुआ है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को सार्वजनिक सेवाओं में एकीकृत करने के लिए 2025 से चल रही पहल ने 2026 में स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। स्वास्थ्य विभाग ने AI‑आधारित निदान प्रणाली लागू की है, जो 1.5 लाख रोगियों के लिए प्रति दिन 5000 से अधिक केसों का विश्लेषण करती है। कृषि में, AI‑चालित मौसम पूर्वानुमान और फसल स्वास्थ्य मॉनिटरिंग से किसानों को 15 प्रतिशत तक उत्पादन बढ़ाने में मदद मिली है।
ब्लॉकचेन तकनीक को भूमि रजिस्ट्रार कार्यालयों में लागू करके 2026 तक 95 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन प्रक्रियाएँ डिजिटल रूप में पूरी की गई हैं। इस प्रणाली के तहत, 8,00,000 से अधिक भूमि दस्तावेज़ों को टोकनाइज़ किया गया, जिससे दस्तावेज़ छेड़छाड़ की संभावना 0.02 प्रतिशत पर आ गई है। इसके अतिरिक्त, आपूर्ति श्रृंखला में ब्लॉकचेन अपनाने से खाद्य उत्पादों की ट्रेसबिलिटी में 30 प्रतिशत सुधार हुआ है, जिससे उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ा है।
डिजिटल परिवर्तन के साथ साइबर सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए 2025 में स्थापित ‘साइबर सुरक्षा बोर्ड’ ने 2026 में 50 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया, जो 300 से अधिक साइबर सुरक्षा घटनाओं को हल करने में उपयोग किया गया। डेटा गोपनीयता कानून के तहत, 1.2 बिलियन उपयोगकर्ताओं के व्यक्तिगत डेटा को एन्क्रिप्शन और मल्टी‑फैक्टर ऑथेंटिकेशन से सुरक्षित किया गया, जिससे डेटा उल्लंघन की घटनाएँ 25 प्रतिशत कम हुईं।
भविष्य में, सरकार की 2027-2030 की रणनीति में 5 ट्रिलियन रुपये का निवेश करके हर क्षेत्र में डिजिटल साक्षरता बढ़ाने की योजना है। वैश्विक प्रतियोगिता में, भारत ने 2026 में 150 प्रतिशत से अधिक वृद्धि के साथ वैश्विक टेक्नोलॉजी निर्यात में चौथे स्थान पर पहुंचा। 2028 तक, 70 प्रतिशत से अधिक युवा वर्ग को ऑनलाइन शिक्षा प्लेटफ़ॉर्म पर सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे आर्थिक समावेशन में नई ऊर्जा मिलेगी।