2024 एशिया कप में भारत की फुटबॉल जीत: क्वार्टर फ़ाइनल से फ़ाइनल तक की रोमांचक यात्रा
City News Mumbai••0 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
भारत ने 2024 एशिया कप में इतिहास रचा, क्वार्टर फ़ाइनल से लेकर फ़ाइनल तक लगातार जीत हासिल करके देश को फुटबॉल में नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया। इस जीत ने राष्ट्रीय फुटबॉल संरचना में निवेश और युवा विकास के लिए नई उम्मीदें जगाई।
2024 एशिया कप, जो 12 जून से 30 जून तक कतर के दो शहरों, दोहा और अल-खोर में आयोजित हुआ, ने एशिया के प्रमुख फुटबॉल राष्ट्रों को एक मंच पर लाया। इस बार टूर्नामेंट में कुल 24 टीमें भाग ले रही थीं, जिसमें भारत ने ग्रुप बी में अपनी पहली जीत हासिल की और समूह चरण में दो बराबरी के साथ क्वार्टर फ़ाइनल तक पहुंचा। भारत की इस सफलता ने देश के फुटबॉल प्रेमियों के बीच उत्साह की लहर पैदा की, जबकि विशेषज्ञों ने टीम की रणनीतिक बदलावों को प्रमुख कारक बताया। कोच जेम्स एरविन ने इस जीत को युवा प्रतिभा के विकास और नई फिटनेस प्रोटोकॉल के परिणामस्वरूप बताया, जिससे टीम का खेल स्तर उल्लेखनीय रूपसे सुधरा।
क्वार्टर फ़ाइनल में भारत ने दक्षिण कोरिया की मजबूत पंक्ति को 2-1 से मात दी। पहले आधे में भारतीय फ़ॉरवर्ड अर्जुन सिंह ने पेनल्टी के माध्यम से पहला गोल किया, जबकि मध्य मैदान में मधु शर्मा ने गेंद को नियंत्रित करके कई बार आक्रमण को गति दी। दोहरा गोल दक्षिण कोरिया के प्रतिपक्षी गोलकीपर की गलती से आया, और देर तक खेलते हुए भारत ने अतिरिक्त समय में अपना दूसरा गोल सुरक्षित किया, जिससे टीम ने इतिहास रचा।
सेमीफ़ाइनल में भारत ने जापान के खिलाफ 1-0 की संकीर्ण जीत दर्ज की। इस मैच में कोच ने 4-3-3 व्यवस्था अपनाई, जिससे विंगरों को अधिक जगह मिली और प्रतिपक्षी की रक्षा पर दबाव बढ़ा। केवल एक ही गोल मध्यवर्ती खिलाड़ी रोहन वर्मा ने 68वें मिनट में हेडर मारकर किया, जो सेट‑प्ले से उत्पन्न हुआ। जापान की मजबूत रक्षा को तोड़ने में भारत की तेज़ी और सटीक पासिंग ने मुख्य भूमिका निभाई।
फ़ाइनल में भारत का सामना सऊदी अरब से हुआ, जो टूर्नामेंट में अंडरडॉग बनकर उभरा था। दोनों टीमों ने 90 मिनट तक कोई गोल नहीं किया, जिससे मैच एंटी‑ड्रॉ में गया। पेनल्टी शूट‑आउट में भारत ने 4-3 से जीत हासिल की, अर्जुन सिंह ने दो पेनल्टी मारकर हीरो बन गया। इस जीत के बाद भारत के फुटबॉल संघ ने दर्शकों की संख्या 2.3 मिलियन तक पहुंची बताई, जो पिछले एशिया कप की तुलना में 35% अधिक थी।
भारत की एशिया कप जीत ने राष्ट्रीय स्तर पर फुटबॉल के विकास में नई दिशा दी है। सरकार ने अब अगले दो वर्षों में 500 मिलियन रुपये की निधि आवंटित करने की योजना बनाई है, जिससे बुनियादी ढांचा, कोचिंग और युवा अकादमी को सुदृढ़ किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सफलता से युवा खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ेगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा में भारत की स्थिति मजबूत होगी। इस प्रकार, एशिया कप ने भारतीय फुटबॉल को एक नई पहचान दिलाई।