जैंटर मैन्टर ने राजस्थान में 150 मेगावाट सौर पावर प्लांट की शुरुआत
City News Mumbai••0 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
जैंटर मैन्टर ने राजस्थान में 150 मेगावाट सौर पावर प्लांट के उद्घाटन के साथ नवीकरणीय ऊर्जा में नया मानक स्थापित किया, जिससे 50,000 घरों को स्वच्छ बिजली मिलेगी।
जैंटर मैन्टर, जो भारत के प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा प्रदाताओं में से एक है, ने 15 सितंबर 2024 को राजस्थान के जालंधर जिले में 150 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र आधिकारिक रूप से उद्घाटन किया। यह परियोजना कंपनी के 2023-24 वित्तीय वर्ष के ऊर्जा उत्पादन लक्ष्यों को पूरा करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी और इसमें 30,000 उच्च दक्षता वाले सौर पैनलों का उपयोग किया गया है। संयंत्र के माध्यम से अनुमानित 50,000 घरेलू और औद्योगिक ग्राहकों को स्वच्छ बिजली की आपूर्ति की जाएगी। इस परियोजना के तहत, कंपनी ने क्षेत्रीय ऊर्जा ग्रिड को सुदृढ़ करने के साथ-साथ पर्यावरणीय स्थिरता को भी बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। संयंत्र में 30,000 सौर पैनलों को 2.5 मीटर अंतर पर व्यवस्थित किया गया है, जिससे कुल सतह क्षेत्र 75,000 वर्ग मीटर होता है। प्रत्येक पैनल की दक्षता 20.5% है, जिससे कुल विद्युत उत्पादन क्षमता 150 मेगावाट तक पहुँचती है। संयंत्र के साथ 15 किलोमीटर की ट्रांसमिशन लाइन जुड़ी है, जो पावर ग्रिड में ऊर्जा को तुरंत स्थानांतरित करने में सक्षम बनाती है। इस संयंत्र के माध्यम से वर्ष में लगभग 250 गीगावाट-घंटे ऊर्जा उत्पादन की उम्मीद है, जो राज्य की ऊर्जा मांग का लगभग 5% हिस्सा पूरा करेगा। जैंटर मैन्टर ने इस परियोजना को अपने "ग्रीन एनर्जी 2030" रणनीति के अंतर्गत चुना है, जिसमें 2025 तक कुल 500 मेगावाट सौर क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कंपनी ने 2024 में 200 मेगावाट के दो नए संयंत्रों की योजना बनाई है, जिन्हें अगले वर्ष के अंत तक पूरा किया जाएगा। इसके अलावा, जैंटर मैन्टर ने स्थानीय समुदायों के लिए ऊर्जा शिक्षा कार्यक्रम शुरू किया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा जागरूकता बढ़ाई जा सके। परियोजना के पर्यावरणीय लाभों में कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में 200,000 टन की वार्षिक कमी और 1.5 मिलियन वर्ग मीटर वन्यजीव आवास का संरक्षण शामिल है। स्थानीय जल संसाधनों पर न्यूनतम प्रभाव सुनिश्चित करने के लिए, पैनलों के नीचे पानी के पुनर्चक्रण प्रणाली स्थापित की गई है, जिससे वर्षा जल का 90% उपयोग होता है। जैंटर मैन्टर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, श्री अमित शर्मा ने कहा, "यह संयंत्र न केवल हमारी ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाता है, बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करता है।" उन्होंने आगे कहा, "हमारा लक्ष्य है कि हर भारतीय परिवार को स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराना।" जैंटर मैन्टर का यह कदम नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की अग्रणी भूमिका को पुनः स्थापित करता है और आने वाले दशक में ऊर्जा स्वावलंबन के लक्ष्यों को साकार करने के मार्ग को प्रशस्त करता है।