कर्ज दिलाने और सरकारी कॉन्ट्रैक्ट का झांसा, 20.58 करोड़ की ठगी का केस
City News Mumbai••0 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें
सिटी न्यूज़ मुंबई/गनी खान भिवंडी: फैक्ट्री विस्तार के लिए कर्ज मंजूर कराने और विभिन्न राज्य सरकारों से स्कूल यूनिफॉर्म सप्लाई का कॉन्ट्रैक्ट दिलाने का झांसा देकर एक टेक्सटाइल कंपनी से 20.58 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कोनगांव पुलिस ने चार नामजद आरोपियों और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार, बुर टेक्सटाइल लिमिटेड के संचालक तुषार प्रेमचंद गोसराणी (41) ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के मुताबिक, 2020 से दिसंबर 2025 के बीच आरोपियों ने कंपनी के आंतरिक विस्तार और कोविड के दौरान हुए नुकसान के चलते वित्तीय मदद की जरूरत का फायदा उठाया। आरोप है कि आरोपियों ने कंपनी को कर्ज मंजूर कराने तथा विभिन्न राज्य सरकारों से स्कूल यूनिफॉर्म सप्लाई के ठेके दिलाने का भरोसा दिया। कर्ज मंजूरी के लिए सिक्योरिटी के तौर पर कंपनी से हस्ताक्षर किए हुए खाली चेक, लेटरहेड और कागजात भी लिए गए। शिकायतकर्ता के मुताबिक, कर्ज मंजूर कराए बिना आरोपियों ने कथित तौर पर 2.95 करोड़ रुपये नकद और 17,63,42,760 रुपये बैंक ट्रांसफर के जरिए, कुल 20,58,42,760 रुपये ले लिए। इसके बाद रकम का कथित तौर पर दुरुपयोग कर कंपनी के साथ धोखाधड़ी की गई। कोनगांव पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 316(5), 336(2), 338, 340(2), 351(2), 61(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच पुलिस निरीक्षक धनंजय देवडीकर कर रहे हैं।