नरेंद्र मोदी: भारत की राजनीतिक दिशा में तीन दशकों की यात्रा
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नरेंद्र मोदी की शुरुआती जीवन से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर उनके प्रमुख नीतियों और 2024 के चुनाव में जीत तक की पूरी कहानी, जो भारत की दिशा को नया रूप देती है।
भारत के वर्तमान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में जन्मे, अपने राजनीतिक सफर में कई मोड़ पार कर चुके हैं। 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सत्ता में आए, उन्होंने विकास मॉडल को पुनः परिभाषित किया और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। 2014 में भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख उम्मीदवार के रूप में लोकसभा चुनाव जीत कर, उन्होंने देश के सबसे शक्तिशाली पद का दायित्व संभाला। तब से अब तक, मोदी ने आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति में परिवर्तन लागू किए हैं, जो भारतीय राजनीति की दिशा को नई दिशा देते हैं।
नरेंद्र मोदी ने अपने प्रारम्भिक शिक्षा वडनगर के मूलभूत विद्यालय से प्राप्त की और बाद में गुजरात विश्वविद्यालय से राजनैतिक विज्ञान में स्नातक किया। बचपन में उन्होंने परिवार के साथ कपड़े बेचते हुए आर्थिक संघर्ष का सामना किया, जिससे सामाजिक असमानताओं के प्रति उनकी संवेदनशीलता बढ़ी। युवा अवस्था में उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ जुड़ाव स्थापित किया, जहाँ उन्होंने अनुशासन और स्वयंसेवी कार्यों की नींव रखी। इन अनुभवों ने उनके भविष्य के नेतृत्व शैली पर गहरा प्रभाव डाला।
RSS में कार्यरत रहते हुए मोदी ने भारतीय जनसंघ (भाजपा) में प्रवेश किया और 1995 में पार्टी के गुजरात शाखा अध्यक्ष बने। 1998 में उन्होंने गुजरात विधानसभा चुनाव में पहली बार उम्मीदवार के रूप में भाग लिया, हालांकि वह असफल रहे, परन्तु पार्टी के भीतर उनका प्रभाव बढ़ता गया। 2001 में अटकलबाज़ी के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली और तीन लगातार कार्यकालों में विकास कार्य को गति दी। इस अवधि में उन्होंने बुनियादी ढाँचे, ऊर्जा और जल प्रबंधन परियोजनाओं को प्राथमिकता दी।
प्रधान मंत्री बनने के बाद मोदी ने कई राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम शुरू किए, जिनमें 2014 में लॉन्च किया गया स्वच्छ भारत मिशन, 2015 की डिजिटल इंडिया पहल और 2017 का मेक इन इंडिया प्रमुख हैं। 2017 में वस्तु एवं सेवा कर (GST) का एकीकृत कर प्रणाली लागू करके कर संरचना को सरल बनाया गया। साथ ही उन्होंने आयुष्मान भारत के तहत 10 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया। इन नीतियों ने आर्थिक वृद्धि और सामाजिक समावेशन दोनों को प्रोत्साहित किया।
2024 के आम चुनाव में भाजपा ने दो तिहाई सीटें जीतकर निरंतर बहुमत सुरक्षित किया, और नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार प्रधान मंत्री पद की शपथ ली। अंतरराष्ट्रीय मंच पर उन्होंने कई देशों के साथ रणनीतिक समझौतों को सुदृढ़ किया, विशेषकर जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्रों में। घरेलू स्तर पर उन्होंने कृषि सुधारों को पुनः समीक्षा करने का वादा किया, जिससे किसानों की चिंताओं को दूर करने की दिशा में कदम उठाए गए। इन सभी पहलुओं को देखते हुए, नरेंद्र मोदी का नेतृत्व भारतीय राजनीति में एक स्थायी प्रभाव छोड़ रहा है।