भारत में तकनीकी नवाचार का नया मोड़: 2024 में प्रमुख रुझान
City News Mumbai••0 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें
2024 में भारत ने तकनीकी क्षेत्र में अभूतपूर्व निवेश और नीति समर्थन देखा। सरकारी पहल, निजी निवेश और उभरती तकनीकों ने देश को डिजिटल शक्ति के रूप में स्थापित किया।
भारत ने 2024 में तकनीकी विकास के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं, जहाँ सरकार ने 2.5 ट्रिलियन रुपये के राष्ट्रीय डिजिटल इंफ़्रास्ट्रक्चर फंड की घोषणा की और निजी कंपनियों ने अनुसंधान एवं विकास में 15% वार्षिक वृद्धि दर्ज की। इस पहल ने क्लाउड, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में नवाचार को तेज़ किया, जिससे देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार मजबूत हुआ।
केन्द्र सरकार ने इस वर्ष डिजिटल साक्षरता मिशन को 2024-2025 में 250 मिलियन नागरिकों तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा, साथ ही 5G नेटवर्क का विस्तार 1,200 शहरों में किया। इस नीति के तहत स्टार्टअप इकोसिस्टम को कर लाभ और ग्रांट प्रदान की गई, जिससे 1,800 नई तकनीकी कंपनियों की स्थापना हुई।
निजी क्षेत्र में, प्रमुख टेक दिग्गजों ने कुल 450 बिलियन रुपये का निवेश किया, जिसमें 120 बिलियन रुपये कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग पर केंद्रित है। इस निवेश ने स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा में डिजिटल समाधान विकसित करने को प्रेरित किया, जहाँ 300 मिलियन उपयोगकर्ताओं ने नई एप्प्लिकेशन सेवाओं को अपनाया।
उभरती तकनीकों के संदर्भ में, भारत ने 2024 में क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए राष्ट्रीय प्रयोगशाला स्थापित की और 2025 तक 10 क्वांटम प्रोसेसर विकसित करने की योजना बनाई। साथ ही, नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकी में 30% वृद्धि हुई, जिससे इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में 2,500 नई स्टेशन स्थापित किए गए।
इन सभी प्रगति के बावजूद, साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता और कुशल मानव संसाधन की कमी जैसी चुनौतियाँ बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सतत नीति सुधार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग इन बाधाओं को दूर कर भारत को तकनीकी अग्रणी बनाते रहेंगे। इस प्रकार, 2024 का तकनीकी परिदृश्य भारत को डिजिटल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम पर रखता है।