भारत सरकार ने 2024 में डिजिटल शिक्षा रणनीति लागू की
City News Mumbai••0 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
भारत सरकार ने 2024 में डिजिटल शिक्षा रणनीति लागू की, जिसमें 10,000 सरकारी स्कूल हाई‑स्पीड इंटरनेट से लैस होंगे तथा 30‑दिन ऑनलाइन प्रशिक्षण शुरू होगा। यह पहल ग्रामीण-शहरी शिक्षा के बीच अंतर को कम करने का लक्ष्य रखती है।
भारत सरकार ने 2024 में शिक्षा क्षेत्र में एक नई डिजिटल रणनीति की घोषणा की, जिसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में शिक्षण की गुणवत्ता और पहुँच को बढ़ाना है। इस पहल के तहत, 10,000 से अधिक सरकारी स्कूलों को हाई‑स्पीड इंटरनेट और डिजिटल शिक्षण प्लेटफ़ॉर्म से लैस किया जाएगा। साथ ही, शिक्षकों के लिए 30‑दिन का ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिससे वे नवीनतम शिक्षण तकनीकियों को अपनाने में सक्षम होंगे। यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2023 के लक्ष्यों के अनुरूप है, जो डिजिटल साक्षरता को प्राथमिकता देता है।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत, हर विद्यालय में एक डिजिटल कक्षा स्थापित की जाएगी, जिसमें टैबलेट और प्रोजेक्टर उपलब्ध होंगे। शिक्षकों को प्रति माह दो बार ऑनलाइन वर्कशॉप में भाग लेने की आवश्यकता होगी, जिससे वे शिक्षण सामग्री को अपडेट कर सकें। सरकार ने 2024 के बजट में इस पहल के लिए 15 बिलियन रुपये का आवंटन किया है, जो 2025 तक 30 प्रतिशत तक बढ़ाया जाएगा।
शोध से पता चलता है कि डिजिटल कक्षाओं से छात्रों की उपस्थिति दर में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि प्रायोगिक विषयों में सीखने की दक्षता 18 प्रतिशत तक बढ़ी है। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को अब ऑनलाइन ट्यूशन तक पहुँच मिल रही है, जिससे उनकी परीक्षा प्रदर्शन में 20 प्रतिशत सुधार हुआ है। यह बदलाव शिक्षा में समानता को बढ़ावा देता है।
30‑दिन के ऑनलाइन प्रशिक्षण में शिक्षकों को एआई‑संचालित शिक्षण उपकरण, डेटा एनालिटिक्स और समावेशी शिक्षा पद्धतियों पर प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद, प्रत्येक शिक्षक को एक डिजिटल सर्टिफिकेट मिलेगा, जिसे राष्ट्रीय शिक्षण पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इससे शिक्षकों की योग्यता का पारदर्शी मूल्यांकन संभव होगा।
हालाँकि, इस डिजिटल परिवर्तन के दौरान बुनियादी ढाँचे की कमी, इंटरनेट कनेक्टिविटी के असमान वितरण और शिक्षकों के बीच डिजिटल साक्षरता में अंतर जैसी चुनौतियाँ सामने आई हैं। सरकार ने इन मुद्दों के समाधान के लिए 2024 के अंत तक 5,000 अतिरिक्त राउटर और 1,200 प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई है।
नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 2025 तक 70 प्रतिशत विद्यालयों में डिजिटल संसाधनों का पूर्ण एकीकरण हो चुका होगा। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, शिक्षा मंत्रालय ने निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी कर 20,000 स्वयंसेवक शिक्षकों को ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर प्रशिक्षित करने की योजना बनाई है। यह पहल शिक्षा को अधिक लचीला और विद्यार्थी‑केंद्रित बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।
इस समग्र प्रयास से भारत का शिक्षा परिदृश्य नयी ऊँचाइयों पर पहुँचने की दिशा में अग्रसर है।