तुकाराम मुंढें की धडक अभियान के पीछे अधिकारियों से बड़ी 'लूट'.....?
City News Mumbai••9 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें
संजय राऊत के सीधे आयुक्त को तीन पन्ने का पत्र.....; "क्लोजिंग" के नाम पर ७५ हजार से २ लाख की वसूली......? अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग......!
मुंबई, (अनंत नलावडे) – राज्य के अन्न एवं औषध प्रशासन विभाग के आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में चल रही राज्यव्यापी धडक कार्रवाई के दौरान, जब भेसलखोर और नियमभंग करने वालों पर कार्रवाई का धडाका जारी है, उसी अभियान के आड़ छोटे व्यवसायियों द्वारा विभाग के अधिकारियों से कथित खंडणी वसूली के गंभीर आरोप सामने आए हैं। पहले जिन "क्लोजिंग नोटिस" के लिए 10 से 12 हजार रुपये लिए जाने की बात की जा रही थी, अब वही कथित दर सीधे 75 हजार से 2 लाख रुपये तक पहुँचने का आरोप लगाया गया है।
और भी चौंकाने वाला दावा ठाणे की एक क्विक कॉमर्स कंपनी के लाइसेंस से संबंधित है। उनके निलंबित लाइसेंस को पूर्ववत करने के लिए संबंधित अधिकारियों के संगनमत से 17 से 18 लाख रुपये उकले जाने का गंभीर आरोप भी लगाया गया है। इन आरोपों के कारण FDA में धडक कार्रवाई के आड़ वास्तव में क्या चल रहा है, यह सवाल उठ रहा है।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी के सांसद संजय राऊत ने इस मामले की सीधी दखल लेते हुए FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे को विभाग के अधिकारियों की वसूली के गंभीर आरोपों वाला तीन पन्नों का पत्र भेजा है। उसमें खा.राऊत ने पहले मुंढे की धडक कार्रवाई का स्वागत करते हुए, इस अभियान का दुरुपयोग करने वाले भ्रष्ट अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही राऊत ने पत्र में नकली शिकायतों की स्वतंत्र जांच, नियम के अनुसार नोटिस व सुनवाई प्रक्रिया न पालन करने वाले अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई और लाइसेंस निलंबन व पुनर्स्थापना की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की भी मांग की है।
अन्न भेसल रोकने की कठोर अभियान नागरिकों के स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से आवश्यक है, परंतु यदि उसके नाम पर नियमबाह्य दबाव या कथित वसूली हो रही है, तो उसकी भी जांच आवश्यक है। इसलिए मुंढे की धडक अभियान की अगली परीक्षा अब कार्रवाई कितनी हुई उससे अधिक, यह कितनी पारदर्शी हुई, इस पर आधारित होगी।