भिवंडी में साइजिंग उद्योग पर संकट, 8 नवंबर से अनिश्चितकालीन बंदी


अभय योजना 2026-27 शुरू; एकमुश्त भुगतान करने पर मूल बकाया में 20 प्रतिशत तक की छूट
सिटी न्यूज़ मुंबई/गनी खान
दिवाली के अवसर पर महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी (महावितरण) ने बकाया बिजली बिल वाले ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। महावितरण की ओर से ‘अभय योजना 2026-27’ शुरू की गई है। 6 नवंबर 2026 से लागू हुई यह योजना 15 जनवरी 2027 तक जारी रहेगी। इसके तहत बकाया बिजली बिल पर लगने वाला 100 प्रतिशत ब्याज और विलंब शुल्क माफ किया जाएगा। वहीं, एकमुश्त भुगतान करने वाले पात्र ग्राहकों को मूल बकाया राशि में 20 प्रतिशत तक की छूट भी मिलेगी।
योजना के तहत लघुदाब बिजली ग्राहकों को बकाया अवधि के अनुसार 10 से 20 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। तीन वर्ष तक बिजली आपूर्ति खंडित रहने वाले ग्राहकों को 10 प्रतिशत और तीन वर्ष से अधिक समय से खंडित ग्राहकों को 20 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। अन्य लघुदाब और उच्चदाब ग्राहकों के लिए भी निर्धारित शर्तों के अनुसार 10 से 15 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान है।जो ग्राहक एकमुश्त भुगतान करने में असमर्थ हैं, उनके लिए भी राहत दी गई है। लघुदाब ग्राहक 50 प्रतिशत डाउन पेमेंट कर शेष राशि छह समान ब्याजमुक्त किस्तों में जमा कर सकते हैं। वहीं, उच्चदाब ग्राहकों को तीन से छह किस्तों में भुगतान की सुविधा मिलेगी।
15 दिसंबर तक भुगतान करने वालों को अतिरिक्त लाभ
महावितरण ने योजना के शुरुआती चरण में भुगतान करने वाले ग्राहकों के लिए अर्ली बर्ड रिबेट की घोषणा की है। 15 दिसंबर 2026 तक एकमुश्त भुगतान करने वालों को अतिरिक्त छूट मिलेगी। इसके अलावा 20 किलोवाट तक के ऐसे ग्राहक, जो प्रीपेड स्मार्ट मीटर का विकल्प चुनेंगे, उन्हें मूल बकाया राशि पर अतिरिक्त पांच प्रतिशत छूट दी जाएगी।
पुनः बिजली कनेक्शन भी मिलेगा
योजना के अंतर्गत बकाया भुगतान करने वाले ग्राहकों की मांग पर बिजली आपूर्ति तत्काल दोबारा शुरू करने की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए पुनः कनेक्शन शुल्क तथा लघुदाब ग्राहकों का सर्विस कनेक्शन शुल्क पूरी तरह माफ रहेगा। योजना का लाभ महावितरण के पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन लिया जा सकता है।
7,650 करोड़ रुपये का बकाया
महावितरण के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक स्थायी रूप से बिजली आपूर्ति खंडित हुए 34 लाख 86 हजार ग्राहकों पर कुल 7,650 करोड़ रुपये बकाया हैं। इसमें 2,092 करोड़ रुपये ब्याज और विलंब शुल्क के रूप में माफ किए जाएंगे। वहीं, 31 दिसंबर 2025 तक अस्थायी रूप से बिजली आपूर्ति खंडित हुए 2 लाख 60 हजार 829 ग्राहकों पर 488.78 करोड़ रुपये बकाया हैं, जिसमें से 163.93 करोड़ रुपये का ब्याज माफ होगा।टोरेंट पावर कंपनी के साथ ही महावितरण ने पात्र ग्राहकों से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि में अभय योजना का लाभ उठाकर अपने पुराने बिजली बिलों का निपटारा करें और ब्याज व मूल बकाया में मिलने वाली छूट का फायदा उठाएं।

संस्थापक और मुख्य संपादक | सिटी न्यूज़ मुंबई







