शराब के नशे में घर से बाहर निकालकर केरोसिन डालने का आरोप, भिवंडी कोर्ट ने पति को सुनाई उम्रकैद
सिटी न्यूज़ मुंबई/गनी खान चिकन खाने को लेकर पत्नी से हुए मामूली विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। शराब के नशे में गुस्साए पति ने पत्नी को घर से बाहर निकालकर उस पर केरोसिन छिड़ककर आग लगा दी। गंभीर रूप से झुलसी महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। करीब 11 साल पुराने इस हत्या के मामले में भिवंडी अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी पति को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
दोषी आरोपी की पहचान राजू अंसारी उर्फ शिवशंकर उर्फ राजू लालमन सिंह (40) के रूप में हुई है। अदालत ने उस पर 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर छह महीने की साधारण कैद भुगतनी होगी।
बेटी के लिए रखा था चिकन, इसी बात पर बिगड़ी बात
पुलिस के मुताबिक, राजू अंसारी अपनी पत्नी तरन्नुम के साथ भिवंडी शहर पुलिस स्टेशन की सीमा में फेणेगांव की एक चॉल में रहता था। 6 अक्टूबर 2015 की रात करीब 11 बजे राजू शराब के नशे में घर पहुंचा। घर में पत्नी ने चिकन बनाया था, जिसे उसने अपनी बेटी के लिए बचाकर रखा था। राजू के चिकन खाने को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया।
आरोप है कि शराब के नशे और गुस्से में राजू ने पत्नी तरन्नुम को घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद उसके ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। आग की चपेट में आने से तरन्नुम गंभीर रूप से झुलस गई। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद भिवंडी शहर पुलिस स्टेशन में हत्या का मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच तत्कालीन सहायक पुलिस निरीक्षक एस. आर. पाटिल ने की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 17 अक्टूबर को फरार आरोपी राजू अंसारी को गिरफ्तार कर लिया।
मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस ने गवाहों और विभिन्न सबूतों को अदालत के समक्ष पेश किया। तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक आर. एच. सस्ते, कोर्ट पैरवी करने वाले पुलिसकर्मी अभिमन्यु सुभाष पाटोले, मोंढे और रामराजे ने अभियोजन पक्ष को सहयोग किया। सरकारी अभियोजक एडवोकेट सी. बी. नवले और एडवोकेट विजय मुंढे ने अदालत में अभियोजन पक्ष की पैरवी की।
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद 19 सितंबर को भिवंडी अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश एन. के. कारंडे ने राजू अंसारी को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत के फैसले से करीब 11 साल पुराने मामले में कानूनी कार्रवाई का निष्कर्ष सामने आया।
मामले में भिवंडी शहर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विनोद पाटिल, पुलिस निरीक्षक (अपराध) संदीप रासकर और पुलिस निरीक्षक (प्रशासन) ज्ञानेश्वर कदम का मार्गदर्शन रहा।