नयी दिल्ली=कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने आज दिल्ली के आकाशवाणी भवन में स्थित चुनाव आयोग के मुख्य दफ्तर के बाहर जबरदस्त प्रदर्शन किया। उन्होंने चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से मिलने की मांग की लेकिन सुरक्षा दीवार तोड़कर अंदर घुस गए।
प्रदर्शन का कारण
राहुल गांधी ने तीन मुख्य मुद्दों पर आयोग को घेरा:
1.फॉर्म-6 में गैरकानूनी बदलाव राहुल का कहना है कि चुनाव आयोग ने फॉर्म-6 दस्तावेज में गैरकानूनी संशोधन किए हैं 2. वोट चोरी के आरोप — उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) के जरिए बड़े पैमाने पर वोट चोरी हो रही है 3. SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) का विरोध — नई मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया को असंवैधानिक बताया
राहुल का बयान
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने कहा: "यह हमारा संवैधानिक अधिकार है। हम चुनाव आयोग से सीधे सवाल पूछना चाहते हैं कि देश में वोट चोरी क्यों हो रही है? फॉर्म-6 को कानूनी तरीके के बिना क्यों बदला गया? हम तीनों चुनाव आयुक्तों से जवाब मांग रहे हैं।"
गिरफ्तारी और हिरासत
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के कई शीर्ष नेताओं को हिरासत में लिया गया:
- प्रियंका गांधी— राहुल के साथ प्रदर्शन के समय गिरफ्तार -भूपेंद्र सिंह हुड्डा— पूर्व हरियाणा मुख्यमंत्री -चन्नी — पूर्व पंजाब मुख्यमंत्री - पवन खेड़ा — कांग्रेस सांसद - अन्य कई कांग्रेस कार्यकर्ता
पुलिस ने इन सभी को अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में ले जाया। आंदोलनकारियों की भीड़ लगभग 300 से 500 के बीच बताई जा रही है।
बीजेपी का जवाब
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राहुल गांधी पर कड़ी नुक्ताचीनी की:
- रविशंकर प्रसाद(बीजेपी प्रवक्ता) ने कहा: "राहुल गांधी देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं। बैलेट पेपर की मांग करना booth capturing का इशारा है। यह संवैधानिक तरीके से लोकतंत्र को कमजोर करना है।"
- शोएब इब्राहिम चौधरी (बीजेपी राष्ट्रीय प्रवक्ता) ने कहा कि कांग्रेस की यह मनोवैज्ञानिक रणनीति है और वह चुनाव में हारने का बहाना तैयार कर रही है।
- बीजेपी ने इस प्रदर्शन में 300 सांसदों की मौजूदगी का दावा झूठा बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल कांग्रेस की ढकोसले की राजनीति है।
चुनाव आयोग का प्रतिक्रिया
चुनाव आयोग के प्रवक्ता ने राहुल गांधी के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया:
- "फॉर्म-6 में कोई गैरकानूनी बदलाव नहीं हुए हैं। सभी बदलाव कानूनी प्रक्रिया के तहत किए गए हैं।" - "वोट चोरी के आरोप एकदम गलत हैं। भारत की EVM तकनीक विश्व में सबसे सुरक्षित मानी जाती है।" - "राहुल गांधी का यह प्रदर्शन चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को कम करने की कोशिश है।"
चुनाव आयोग ने कहा कि राहुल गांधी के ये आरोप पहले भी सुप्रीम कोर्ट में खारिज किए जा चुके हैं।
**सुप्रीम कोर्ट की पिछली टिप्पणी**
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही EVM और मतदान प्रक्रिया की सुरक्षा पर बैठक की थी। कोर्ट ने साफ कहा था कि:
- भारत की EVM प्रणाली विश्वविद्यालय स्तर पर परीक्षित और प्रमाणित है - VVPAT (Voter Verifiable Paper Audit Trail) के साथ यह सिस्टम 100% सुरक्षित है - कोर्ट ने कांग्रेस के बैलेट पेपर की मांग को अस्वीकार किया
**कांग्रेस का बयान**
कांग्रेस की ओर से कहा गया: "यह राहुल गांधी की जिद्द और समर्पण है कि वह हर तरीके से आम जनता के सामने चुनाव में नियमितता के सवाल को रखना चाहते हैं। हम संवैधानिक तरीके से इस लड़ाई को लड़ेंगे।"
**पुलिस की कार्रवाई**
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण तरीके से हिरासत में लिया। हालांकि, कुछ झड़पें हुईं जब प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ी। पुलिस ने लॉथी चार्ज नहीं किया बल्कि प्रदर्शनकारियों को भीड़ में से निकाला।
**मीडिया की प्रतिक्रिया**
- लिबरल मीडिया ने इसे राहुल गांधी की साहस की लड़ाई बताया - रूढ़िवादी मीडिया ने इसे नाटकबाजी और राजनीतिक चालबाजी का नाम दिया - अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भारतीय लोकतंत्र की गतिविधियों पर ध्यान दिया
आगे की संभावनाएं
1. राहुल गांधी अगले दिनों में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सकते हैं 2. कांग्रेस के अन्य नेता भी अलग-अलग राज्यों में प्रदर्शन कर सकते हैं 3. चुनाव आयोग से राहुल गांधी के आरोपों पर विस्तृत रिपोर्ट आने की संभावना है 4. इस मुद्दे पर संसद में प्रश्न उठाए जा सकते हैं
निष्कर्ष
आज का यह प्रदर्शन भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण पल है। राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव प्रणाली की पारदर्शिता का सवाल उठाया है, जबकि सरकार और बीजेपी इसे राजनीतिक नाटकबाजी बता रहे हैं। आने वाले दिनों में इस विवाद का क्या रूप लेगा, यह देखना दिलचस्प होगा।