मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026
Englishहिन्दीMarathi
सिटी न्यूज़ मुंबई
सिटी न्यूज़ मुंबई
होमई-पेपरवीडियोराष्ट्रीयमुंबईराजनीतिखेलस्वास्थ्यप्रौद्योगिकीअपराधइतिहास
टॉपराष्ट्रीयमुंबईराजनीतिखेलस्वास्थ्यप्रौद्योगिकीअपराधइतिहास

सिटी न्यूज़ मुंबई

मुंबई की हर खबर, सबसे पहले

श्रेणियाँ

  • स्थानीय
  • राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • व्यापार
  • प्रौद्योगिकी
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा

त्वरित लिंक

  • होम
  • ई-पेपर
  • वीडियो
  • आज की तस्वीर
  • हमारे बारे में
  • संपर्क करें
  • गोपनीयता नीति
  • नियम और शर्तें

न्यूजरूम

  • संपादकीय नीति
  • सुधार और शिकायतें
  • विज्ञापन
  • न्यूजरूम संपर्क

भाषाएँ

  • English
  • हिन्दी (Hindi)
  • मराठी (Marathi)

हमें फॉलो करें

Email: citynewsmumbai@gmail.com

Phone: 9869128483

© 2026 City News Mumbai. सर्वाधिकार सुरक्षित

Designed and Developed byZeloiteZeloite
चुनाव आयोग केसामने आकाशवाणी दफ्तर में प्रदर्शन
चुनाव आयोग केसामने आकाशवाणी दफ्तर में प्रदर्शन — photo 2
चुनाव आयोग केसामने आकाशवाणी दफ्तर में प्रदर्शन — photo 3
1/3
  1. होम
  2. राष्ट्रीय
राष्ट्रीय

चुनाव आयोग केसामने आकाशवाणी दफ्तर में प्रदर्शन

City News Mumbai•6 अक्टूबर 2026 को 05:27 pm बजे•32 व्यूज़•4 मिनट पढ़ें

नयी दिल्ली=कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने आज दिल्ली के आकाशवाणी भवन में स्थित चुनाव आयोग के मुख्य दफ्तर के बाहर जबरदस्त प्रदर्शन किया। उन्होंने चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से मिलने की मांग की लेकिन सुरक्षा दीवार तोड़कर अंदर घुस गए।

प्रदर्शन का कारण

राहुल गांधी ने तीन मुख्य मुद्दों पर आयोग को घेरा:

1.फॉर्म-6 में गैरकानूनी बदलाव राहुल का कहना है कि चुनाव आयोग ने फॉर्म-6 दस्तावेज में गैरकानूनी संशोधन किए हैं
2. वोट चोरी के आरोप — उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) के जरिए बड़े पैमाने पर वोट चोरी हो रही है
3. SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) का विरोध — नई मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया को असंवैधानिक बताया

राहुल का बयान

प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने कहा: "यह हमारा संवैधानिक अधिकार है। हम चुनाव आयोग से सीधे सवाल पूछना चाहते हैं कि देश में वोट चोरी क्यों हो रही है? फॉर्म-6 को कानूनी तरीके के बिना क्यों बदला गया? हम तीनों चुनाव आयुक्तों से जवाब मांग रहे हैं।"

गिरफ्तारी और हिरासत

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के कई शीर्ष नेताओं को हिरासत में लिया गया:

- प्रियंका गांधी— राहुल के साथ प्रदर्शन के समय गिरफ्तार
-भूपेंद्र सिंह हुड्डा— पूर्व हरियाणा मुख्यमंत्री
-चन्नी — पूर्व पंजाब मुख्यमंत्री
- पवन खेड़ा — कांग्रेस सांसद
- अन्य कई कांग्रेस कार्यकर्ता

पुलिस ने इन सभी को अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में ले जाया। आंदोलनकारियों की भीड़ लगभग 300 से 500 के बीच बताई जा रही है।

बीजेपी का जवाब

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राहुल गांधी पर कड़ी नुक्ताचीनी की:

- रविशंकर प्रसाद(बीजेपी प्रवक्ता) ने कहा: "राहुल गांधी देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं। बैलेट पेपर की मांग करना booth capturing का इशारा है। यह संवैधानिक तरीके से लोकतंत्र को कमजोर करना है।"

- शोएब इब्राहिम चौधरी (बीजेपी राष्ट्रीय प्रवक्ता) ने कहा कि कांग्रेस की यह मनोवैज्ञानिक रणनीति है और वह चुनाव में हारने का बहाना तैयार कर रही है।

- बीजेपी ने इस प्रदर्शन में 300 सांसदों की मौजूदगी का दावा झूठा बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल कांग्रेस की ढकोसले की राजनीति है।

चुनाव आयोग का प्रतिक्रिया

चुनाव आयोग के प्रवक्ता ने राहुल गांधी के आरोपों को
पूरी तरह निराधार बताया:

- "फॉर्म-6 में कोई गैरकानूनी बदलाव नहीं हुए हैं। सभी बदलाव कानूनी प्रक्रिया के तहत किए गए हैं।"
- "वोट चोरी के आरोप एकदम गलत हैं। भारत की EVM तकनीक विश्व में सबसे सुरक्षित मानी जाती है।"
- "राहुल गांधी का यह प्रदर्शन चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को कम करने की कोशिश है।"

चुनाव आयोग ने कहा कि राहुल गांधी के ये आरोप पहले भी सुप्रीम कोर्ट में खारिज किए जा चुके हैं।

**सुप्रीम कोर्ट की पिछली टिप्पणी**

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही EVM और मतदान प्रक्रिया की सुरक्षा पर बैठक की थी। कोर्ट ने साफ कहा था कि:

- भारत की EVM प्रणाली विश्वविद्यालय स्तर पर परीक्षित और प्रमाणित है
- VVPAT (Voter Verifiable Paper Audit Trail) के साथ यह सिस्टम 100% सुरक्षित है
- कोर्ट ने कांग्रेस के बैलेट पेपर की मांग को अस्वीकार किया

**कांग्रेस का बयान**

कांग्रेस की ओर से कहा गया: "यह राहुल गांधी की जिद्द और समर्पण है कि वह हर तरीके से आम जनता के सामने चुनाव में नियमितता के सवाल को रखना चाहते हैं। हम संवैधानिक तरीके से इस लड़ाई को लड़ेंगे।"

**पुलिस की कार्रवाई**

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण तरीके से हिरासत में लिया। हालांकि, कुछ झड़पें हुईं जब प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ी। पुलिस ने लॉथी चार्ज नहीं किया बल्कि प्रदर्शनकारियों को भीड़ में से निकाला।

**मीडिया की प्रतिक्रिया**

- लिबरल मीडिया ने इसे राहुल गांधी की साहस की लड़ाई बताया
- रूढ़िवादी मीडिया ने इसे नाटकबाजी और राजनीतिक चालबाजी का नाम दिया
- अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भारतीय लोकतंत्र की गतिविधियों पर ध्यान दिया

आगे की संभावनाएं

1. राहुल गांधी अगले दिनों में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सकते हैं
2. कांग्रेस के अन्य नेता भी अलग-अलग राज्यों में प्रदर्शन कर सकते हैं
3. चुनाव आयोग से राहुल गांधी के आरोपों पर विस्तृत रिपोर्ट आने की संभावना है
4. इस मुद्दे पर संसद में प्रश्न उठाए जा सकते हैं

निष्कर्ष

आज का यह प्रदर्शन भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण पल है। राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव प्रणाली की पारदर्शिता का सवाल उठाया है, जबकि सरकार और बीजेपी इसे राजनीतिक नाटकबाजी बता रहे हैं। आने वाले दिनों में इस विवाद का क्या रूप लेगा, यह देखना दिलचस्प होगा।

---
साझा करें:

More from राष्ट्रीय

राहुल गांधी के आज के प्रमुख बयानों और राजनीतिक कदमों पर विस्तृत रिपोर्ट
राष्ट्रीय

राहुल गांधी के आज के प्रमुख बयानों और राजनीतिक कदमों पर विस्तृत रिपोर्ट

6 अक्टू॰ 2026
राहुल गांधी ने अकाशवाणी पर विरोध प्रदर्शन किया: मुद्दे और प्रतिक्रियाएँ
राष्ट्रीय

राहुल गांधी ने अकाशवाणी पर विरोध प्रदर्शन किया: मुद्दे और प्रतिक्रियाएँ

6 अक्टू॰ 2026
जंटर मंतर में 10,000 से अधिक लोगों का प्रदर्शन: दिल्ली सरकार पर मुफ्त बस सेवा का दबाव
राष्ट्रीय

जंटर मंतर में 10,000 से अधिक लोगों का प्रदर्शन: दिल्ली सरकार पर मुफ्त बस सेवा का दबाव

6 अक्टू॰ 2026
सरबानंद सोनोवाल ने SCI को भारत की समुद्री और जहाज निर्माण महत्वाकांक्षाओं का प्रमुख आधार बताया
राष्ट्रीय

सरबानंद सोनोवाल ने SCI को भारत की समुद्री और जहाज निर्माण महत्वाकांक्षाओं का प्रमुख आधार बताया

3 अक्टू॰ 2026
बंदी होते हुए शिवाजी पार्क पर आंदोलन का निर्धार....; ‘जेल भरो’ का इशारा.....!
राष्ट्रीय

बंदी होते हुए शिवाजी पार्क पर आंदोलन का निर्धार....; ‘जेल भरो’ का इशारा.....!

1 अक्टू॰ 2026
महाराष्ट्र सरकार ने VIP हवाई यात्रा के लिए मौजूदा एजेंसियों को 6 महीने की मुदतवृद्धि दी
राष्ट्रीय

महाराष्ट्र सरकार ने VIP हवाई यात्रा के लिए मौजूदा एजेंसियों को 6 महीने की मुदतवृद्धि दी

1 अक्टू॰ 2026