जंटर मंतर में 10,000 से अधिक लोगों का प्रदर्शन: दिल्ली सरकार पर मुफ्त बस सेवा का दबाव
City News Mumbai••0 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें
12 मार्च 2024 को दिल्ली के जंटर मंतर पर 10,000 से अधिक नागरिकों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। मुख्य मांग थी मुफ्त सार्वजनिक परिवहन सेवाएं। इस घटना ने राष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक नीति पर चर्चा को बढ़ावा दिया।
12 मार्च 2024 को दिल्ली के ऐतिहासिक जंटर मंतर पर 10,000 से अधिक नागरिकों ने सरकार के खिलाफ एक बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन मुफ्त सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की मांग के साथ-साथ सड़क सुरक्षा और शहरी नियोजन पर भी केंद्रित था। हजारों लोगों ने रंगीन झंडे, ध्वज और पट्टिकाएँ लेकर जंटर मंतर के चारों ओर एकत्रित होकर अपनी असंतुष्टि व्यक्त की। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य दिल्ली सरकार को सार्वजनिक परिवहन नीतियों में सुधार के लिए प्रेरित करना था, और नागरिकों को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की प्रेरणा दी।
जंटर मंतर, जिसे 18वीं शताब्दी में राजपूत शासक जयपाल द्वारा बनाया गया, आज भी दिल्ली के नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मंच है। यह स्थल 2000 से अधिक वर्षों के इतिहास के बावजूद, आज भी विरोध प्रदर्शन के लिए एक प्रतीकात्मक स्थान बना हुआ है। 2019 में भी यहाँ पर पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन पर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए, जिससे यह स्थल नागरिकों की आवाज़ का केंद्र बन गया।
प्रदर्शन के दौरान, प्रमुख नेता ने मुफ्त बस सेवा के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा सुधार और सड़क दुर्घटनाओं में कमी की मांग की। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार को जनता की आवाज़ सुननी चाहिए।" साथ ही, उन्होंने सड़क पर चढ़े हुए ध्वजों पर "मुफ्त बस" के शब्द लिखे और भीड़ को नारा लगाने के लिए प्रेरित किया।
दिल्ली सरकार ने तत्कालीन मुख्यमंत्री को बैठक में बुलाया और पुलिस ने शांतिपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की। अधिकारियों ने कहा कि वे सार्वजनिक परिवहन योजनाओं पर पुनर्विचार करेंगे और अगले महीने के भीतर एक कार्यदल गठित करेंगे।
इस घटना से नागरिकों को अपनी मांगों के लिए सक्रिय होने का संदेश मिला और सरकार ने अगले महीने एक कार्यदल गठित करने का वादा किया। इसके अलावा, राष्ट्रीय स्तर पर इस प्रदर्शन ने अन्य शहरों में समान मांगों के लिए प्रेरणा दी और नागरिक समाज के साथ सरकार के बीच संवाद की नई दिशा खुली।
कानूनी दृष्टि से, प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर पुलिस ने टकराव के कारण हल्का दंगा दर्ज किया, जिससे कई नागरिकों को हल्के चोटें आईं। हालांकि, पुलिस ने सभी को शांत करने के लिए संवाद का मार्ग अपनाया। इस घटना के बाद, नागरिकों ने ऑनलाइन मंचों पर अपने अनुभव साझा किए और सरकार से जवाबी कार्रवाई की मांग की।