बीजेपी के पूर्व विधायक नरेंद्र पवार की मुश्किलें बढ़ीं
City News Mumbai••4 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें
भिवंडी कोर्ट ने नरेंद्र पवार की अग्रिम जमानत याचिका की खारिज ।।
गैंगरेप मामले में नरेंद्र पवार को कोर्ट से झटका ।
सिटी न्यूज़ मुंबई/गनी खान भिवंडी ।महाराष्ट्र के भिवंडी तालुका के बापगांव स्थित फार्महाउस में हुए कथित सामूहिक बलात्कार के मामले में बीजेपी के पूर्व विधायक नरेंद्र पवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं. भिवंडी की अदालत ने नरेंद्र पवार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है. ऐसे में अब उनकी गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है.
इस मामले में 22 वर्षीय एक विवाहित महिला ने पडघा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के आधार पर नरेंद्र पवार और बर्खास्त पुलिसकर्मी शैलेश पाटील के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. दोनों की तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है. गिरफ्तारी से बचने के लिए नरेंद्र पवार ने भिवंडी अतिरिक्त सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी. इससे पहले अदालत ने उन्हें अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था. सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत में दलील दी कि मामले की जांच के लिए नरेंद्र पवार की गिरफ्तारी जरूरी है. पुलिस की ओर से अदालत को बताया गया कि फार्महाउस से सीसीटीवी का DVR गायब है. इसके अलावा कथित घटना में इस्तेमाल किए गए वाहन समेत अन्य महत्वपूर्ण सबूतों की भी जांच की जानी है. पुलिस ने इन बिंदुओं को जांच के लिए महत्वपूर्ण बताया. वहीं, नरेंद्र पवार के वकील ने आरोपों को खारिज करते हुए बचाव पक्ष की ओर से दलीलें पेश कीं. कथित तौर पर शिकायतकर्ता महिला के साथ हुई चैट को भी बचाव पक्ष ने अदालत के सामने रखा. नरेंद्र पवार पहले भी अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार कर चुके हैं. अब भिवंडी कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद नरेंद्र पवार के खिलाफ पुलिस की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें हैं. मामले में सहआरोपी बर्खास्त पुलिसकर्मी शैलेश पाटील की भी पुलिस तलाश कर रही है. गौरतलब है कि मामले में लगाए गए आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं और जांच जारी है.