महाराष्ट्र में भर्ती परीक्षाओं की मौजूदा पद्धति की होगी समीक्षा, उच्चस्तरीय समिति गठित
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मुंबई, दि. 4 सितंबर 2026 (सिटी न्यूज़ मुंबई)
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में होने वाली भर्ती परीक्षाओं की मौजूदा पद्धति का व्यापक अध्ययन कर आवश्यक सुधारों की सिफारिश करने के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से 4 सितंबर 2026 को जारी शासन निर्णय में यह जानकारी दी गई है।
सरकार के अनुसार भर्ती परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित, विश्वसनीय और उम्मीदवारों के लिए निष्पक्ष बनाने के साथ-साथ गैरकानूनी एवं अनुचित साधनों पर रोक लगाने की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से मौजूदा परीक्षा व्यवस्था की संपूर्ण समीक्षा करने का निर्णय लिया गया है।
सात सदस्यीय समिति गठित
इस समिति की अध्यक्षता श्रीमती डी. राधा, अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग (सेवा) करेंगी। समिति में पुलिस महानिदेशक महाराष्ट्र राज्य सदानंद दाते, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता विभाग के सचिव वीरेंद्र सिंह, पशुसंवर्धन एवं दुग्ध व्यवसाय विकास व मत्स्यव्यवसाय विभाग के सचिव डॉ. एन. रामास्वामी, नाशिक विभाग के विभागीय आयुक्त प्रवीण गेडाम, पूर्व UPSC सदस्य एयर मार्शल अजित शंकरराव भोसले (सेवानिवृत्त), AVSM, VSM तथा IIT मुंबई के प्रोफेसर इयामप्रसाद करगड़े सदस्य के रूप में शामिल हैं। डॉ. एन. रामास्वामी को सदस्य-सचिव बनाया गया है।
समिति के प्रमुख कार्य
समिति राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, प्राधिकरणों और भर्ती परीक्षाएं आयोजित करने वाली संस्थाओं की मौजूदा परीक्षा प्रणाली एवं कार्यप्रणाली का अध्ययन करेगी।
इसके अलावा प्रश्नपत्र तैयार करने, प्रिंटिंग अथवा डिजिटल वितरण, गोपनीयता एवं सुरक्षा, परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था, तकनीक के इस्तेमाल, अनुचित साधनों पर रोक, मूल्यांकन एवं परिणाम घोषित करने जैसी पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी।
समिति प्रश्नपत्र लीक, गोपनीयता भंग, नकल, फर्जी उम्मीदवार, संगठित नकल तथा प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल जैसे मामलों को रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा एवं निगरानी उपाय सुझाएगी।
परीक्षा प्रक्रिया में डिजिटल प्रणाली, सूचना प्रौद्योगिकी और सुरक्षा तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल, प्रमाणन, प्रवेश नियंत्रण, ऑडिट ट्रेल और अन्य तकनीकी सुरक्षा उपायों पर भी समिति अपनी सिफारिशें देगी।
इसके साथ ही अन्य राज्यों और अन्य देशों में लागू बेहतर परीक्षा प्रणालियों का अध्ययन कर, महाराष्ट्र में आवश्यकतानुसार उन्हें लागू करने के संबंध में सुझाव दिए जाएंगे।
समिति जिला अधिकारियों, पुलिस आयुक्त/पुलिस अधीक्षकों, शिक्षा विभाग तथा परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय के लिए संस्थागत कार्यप्रणाली की भी सिफारिश करेगी।
उम्मीदवारों से भी ली जाएगी राय
शासन निर्णय के अनुसार समिति राज्य के प्रत्येक राजस्व विभाग का दौरा कर विद्यार्थियों, उम्मीदवारों, शैक्षणिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित हितधारकों से चर्चा करेगी। उनकी राय और सुझावों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा प्रणाली में सुधार के उपाय सुझाए जाएंगे।
समिति को अपने अध्ययन के बाद संबंधित हितधारकों से प्रत्यक्ष अथवा ऑनलाइन संवाद करके सर्वसमावेशक अंतिम रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
यह शासन निर्णय महाराष्ट्र सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया है और इसे डिजिटल हस्ताक्षर के साथ जारी किया गया है।