ईशा खान के कार्यालय उद्घाटन में पहुंचीं सुप्रिया सुले।
बोलीं- साफ नीयत से काम करें, ट्रोलिंग की परवाह न करें
सिटी न्यूज़ मुंबई/गनी खान भिवंडी। जेन-जी के दौर में भिवंडी की युवा महिलाएं समाज और राजनीति में नेतृत्व के लिए आगे आ रही हैं। यह आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। साफ नीयत से काम करने वालों को किसी से डरने की जरूरत नहीं है। राजनीतिक ट्रोलिंग को नजरअंदाज कर काम पर ध्यान देना चाहिए। यह बात राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने कही। सुले भिवंडी महानगरपालिका की स्थायी समिति सभापति ईशा इमरान खान के कार्यालय के उद्घाटन समारोह में बोल रही थीं। कार्यक्रम में सांसद सुरेश म्हात्रे उर्फ बाल्या मामा, विधायक जितेंद्र आव्हाड, विधायक रईस शेख, महापौर नारायण चौधरी, उपमहापौर तारीक मोमिन, शहर अध्यक्ष शोएब खान गुड्डू, गुटनेता मुशरत अर्शद अंसारी और पूर्व उपमहापौर इमरान खान समेत बड़ी संख्या में नगरसेवक व नागरिक मौजूद थे। सुप्रिया सुले ने ईशा खान का जिक्र करते हुए कहा कि वह जेन-जी पीढ़ी का नेतृत्व कर रही हैं और उन्हें मराठी, हिंदी तथा अंग्रेजी भाषाओं का ज्ञान है। मातृभाषा के साथ मराठी भाषा से भी उतना ही प्रेम करने की सलाह उन्होंने दी। उन्होंने कहा कि शरद पवार ने महिलाओं को राजनीति में आरक्षण देने की पहल की, लेकिन कई जगह महिला जनप्रतिनिधियों का काम उनके पति संभालते हैं। इसके विपरीत भिवंडी में एक युवा महिला आगे बढ़कर नेतृत्व कर रही है और उसके पीछे उसके पिता मजबूती से खड़े हैं, यह तस्वीर सुखद है। ईशा खान ने शहर में विकास कार्यों के लिए निधि की कमी का मुद्दा उठाते हुए राज्य सरकार से विशेष निधि उपलब्ध कराने की मांग की। इस पर सुले ने भरोसा दिलाया कि भिवंडी के विकास के लिए आवश्यक निधि दिलाने के लिए वह खुद प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री के पास लेकर जाएंगी। सांसद सुरेश म्हात्रे ने कहा कि भिवंडी में हिंदू-मुस्लिम एकता के जरिए महानगरपालिका का कामकाज आगे बढ़ रहा है और इसकी देशभर में सराहना होती है। वहीं, विधायक जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों को किनारे रखकर सभी नेताओं का शुभकामनाएं देने के लिए एक मंच पर आना सकारात्मक तस्वीर है। भिवंडी की राजनीति में महिलाओं का आगे आना स्वागतयोग्य कदम है।