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 महाराष्ट्र के हाईवे पर हादसों के बाद अब घायलों को किया जाएगा ‘एयरलिफ्ट’! नए साल से एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू करने की तैयारी
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महाराष्ट्र के हाईवे पर हादसों के बाद अब घायलों को किया जाएगा ‘एयरलिफ्ट’! नए साल से एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू करने की तैयारी

City News Mumbai•14 अक्टूबर 2026 को 03:18 am बजे•0 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें

समृद्धि महामार्ग, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और मुंबई-गोवा हाईवे को प्राथमिकता; परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक की घोषणा

*मुंबई, (सिटी न्यूज़ मुंबई अनंत नलावडे)*

महाराष्ट्र के प्रमुख महामार्गों पर भीषण सड़क दुर्घटनाओं के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने में होने वाली देरी को कम करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू करने की तैयारी की है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने मंगलवार को मंत्रालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान इसकी घोषणा की।

इस सेवा के लिए मुख्य रूप से समृद्धि महामार्ग, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और मुंबई-गोवा महामार्ग को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार की योजना नए साल की शुरुआत में यह सेवा शुरू करने की है।

परिवहन मंत्री सरनाईक ने बताया कि इसके लिए 15 नवंबर तक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाएगी। नवंबर के अंत तक उच्चाधिकार समिति से मंजूरी लेने और उसके बाद निविदा प्रक्रिया शुरू करने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।

### दुर्घटना के बाद ‘गोल्डन अवर’ बचाना सबसे बड़ी चुनौती

सड़क दुर्घटना के बाद का पहला घंटा, जिसे चिकित्सा क्षेत्र में ‘गोल्डन अवर’ कहा जाता है, गंभीर रूप से घायल व्यक्ति के उपचार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।

हालांकि, महामार्गों पर यातायात जाम, दुर्घटनास्थल से ट्रॉमा केयर सेंटर की दूरी और तत्काल चिकित्सा सुविधाओं की कमी के कारण घायलों को समय पर उपचार मिलने में देरी हो सकती है।

ऐसी गंभीर परिस्थितियों में एयर एम्बुलेंस के माध्यम से घायलों को जल्द से जल्द उचित अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था विकसित करने की सरकार की योजना है।

इस सेवा के लिए ट्रॉमा केयर सेंटरों का नेटवर्क निर्धारित करना, सेवा प्रदाताओं का पैनल तैयार करना, सड़क सुरक्षा निधि से आर्थिक प्रावधान करना तथा परिवहन, स्वास्थ्य और पुलिस विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम किया जाएगा।

इस संबंध में मंत्रालय में आयोजित बैठक में स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर, गृह राज्य मंत्री योगेश कदम और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

### केवल घोषणा नहीं, प्रभावी क्रियान्वयन भी जरूरी!

एयर एम्बुलेंस सेवा को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए केवल हेलिकॉप्टर या विमान उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं होगा।

दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद एयर एम्बुलेंस का घटनास्थल तक पहुंचना, घायल व्यक्ति को सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित करना और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित अस्पताल में भर्ती कराना, इस पूरी प्रक्रिया में लगने वाला समय अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।

इसके अलावा मौसम की स्थिति, रात के समय सेवा की उपलब्धता, हेलिकॉप्टर की लैंडिंग की सुविधा, प्रशिक्षित चिकित्सा दल और सेवा का खर्च भी महत्वपूर्ण पहलू होंगे।

इसलिए योजना की सफलता केवल निविदा प्रक्रिया पूरी होने पर निर्भर नहीं करेगी, बल्कि दुर्घटना के बाद वास्तविक प्रतिक्रिया समय, एयर एम्बुलेंस की उपलब्धता और उपचार की गुणवत्ता पर भी निर्भर करेगी।

### नए साल में सेवा शुरू करने की योजना, अंतिम तारीख अभी तय नहीं

राज्य सरकार ने नए साल की शुरुआत में एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू करने की योजना बनाई है। हालांकि, इसके वास्तविक क्रियान्वयन और सेवा शुरू होने की अंतिम तारीख की अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

यदि यह योजना प्रभावी तरीके से लागू होती है, तो महाराष्ट्र के प्रमुख महामार्गों पर गंभीर दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने और उनकी जान बचाने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।
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