बारिश में तालाब बना भिवंडी एसटी स्टेशन, यात्रियों की बढ़ी मुसीबत
City News Mumbai••2 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
70 साल पुरानी जर्जर इमारत की जगह बनेगी नई बिल्डिंग, लेकिन जलनिकासी की समस्या से यात्री परेशान
सिटी न्यूज़ मुंबई/गनी खान भिवंडी: भिवंडी एसटी स्टेशन इन दिनों बारिश के पानी से तालाब में तब्दील हो गया है। करीब 70 साल पुरानी जर्जर इमारत को तोड़कर नई इमारत बनाने की प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद यात्रियों की परेशानी कम होने के बजाय बढ़ गई है। स्टेशन परिसर में पानी निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से यार्ड में पानी जमा है। वहीं, नालियां जाम होने और कचरा जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। स्कूली छात्रों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को पानी के बीच से होकर बसों तक पहुंचना पड़ रहा है। पिछले एक महीने से जारी मूसलाधार बारिश के चलते स्टेशन परिसर में जगह-जगह जलभराव हो गया है। यात्रियों का कहना है कि बारिश से बचने के लिए पर्याप्त शेड भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में उन्हें पानी में खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। जलनिकासी की व्यवस्था ठप होने से स्टेशन परिसर में गंदगी और दुर्गंध की समस्या भी बनी हुई है। कीटनाशक का छिड़काव नहीं होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की शिकायत यात्रियों ने की है। भिवंडी से शहर के बाहर जाने वाले लोगों के लिए महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (एसटी) की बसें आज भी प्रमुख सार्वजनिक परिवहन साधन हैं। कल्याण और ठाणे महानगरपालिका की सिटी बस सेवा शुरू होने से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन सिटी बसें शहर के सभी इलाकों तक नहीं पहुंचतीं। इसलिए बड़ी संख्या में यात्री अब भी भिवंडी एसटी स्टेशन पर निर्भर हैं।
भिवंडी डिपो से मुंबई-कल्याण मार्ग पर रोजाना करीब 80 फेरे, जबकि ठाणे मार्ग पर करीब 50 फेरे लगाए जाते हैं। डिपो में कुल 66 बसें हैं, जिनमें 5 राजमाता जिजाऊ, 10 लालपरी और 48 सीएनजी बसें शामिल हैं। यात्रियों का आरोप है कि वसई-बोरीवली मार्ग पर भी पर्याप्त बसें नहीं चल रही हैं। फिलहाल इस मार्ग पर सिर्फ एक बस संचालित होने से भिवंडी से बोरीवली की सीधी कनेक्टिविटी प्रभावित हुई है। ठाणे होकर जाने वाली बसों के कारण यात्रियों को अतिरिक्त समय और खर्च उठाना पड़ रहा है। मजबूरी में कई लोग निजी वाहनों का सहारा ले रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, भिवंडी एसटी स्टेशन की जलनिकासी व्यवस्था कई दशक पुरानी है। पहले स्टेशन परिसर का पानी अलग-अलग दिशाओं से निकलकर मनपा की नालियों में चला जाता था। लेकिन पिछले 5-6 वर्षों से नालियां बंद होने के कारण बारिश का पानी स्टेशन परिसर में ही जमा हो रहा है। नागरिकों ने मनपा से नालियों की सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने की मांग की है। यात्रियों ने परिवहन मंत्री से भी मामले में हस्तक्षेप की अपील की है। भिवंडी एसटी डिपो प्रमुख केशव महाजन ने बताया कि डिपो की पुरानी इमारत खतरनाक घोषित की गई है और उसकी जगह नई इमारत बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि नई इमारत का काम प्रस्तावित होने के कारण फिलहाल बारिश के पानी की निकासी की मरम्मत करना संभव नहीं है। बोरीवली रूट को लेकर उन्होंने कहा कि ठाणे से बोरीवली के लिए बसें चल रही हैं, इसलिए भिवंडी के यात्री ठाणे जाकर बोरीवली की बस पकड़ सकते हैं। फिलहाल भिवंडी से बोरीवली के लिए एक बस संचालित की जा रही है।