मीरा भाईंदर केवल जैन नगरी है? भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता के बयान पर तीखा विवाद, शिवसेना समर्थकों ने माफी की मांग
City News Mumbai••66 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें
मुंबई/ठाणे (सिटी न्यूज मुंबई ) मीरा भाईंदर के भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता के हालिया बयान ने राजनीतिक गलियारों में तूफान खड़ा कर दिया है। मेहता ने ठाणे में कहा था कि मीरा भाईंदर केवल एक जैन नगरी है। इस बयान को जानबूझकर विवाद पैदा करने वाला बताते हुए स्थानीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।
एक विस्तृत बयान में स्थानीय कार्यकर्ताओं ने कहा कि मीरा भाईंदर शहर में सभी भाषाओं और समुदायों के लोग रहते हैं। इस शहर की नींव मूल आगरी और कोली समाज ने रखी थी और आज भी उनका प्रमुख योगदान है। बयान में कहा गया है कि जब चुनाव के समय वोट मांगने के लिए नरेंद्र मेहता हर जाति, धर्म और भाषा के लोगों के घर जाते थे और पैर छूते थे, तब क्या वे केवल जैन वोटों पर निर्भर थे?
बयान में आगे कहा गया, “अगर मीरा भाईंदर केवल जैनों की नगरी है तो साबित कीजिए। अन्यथा आपको इस बयान के लिए सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए।” कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि केवल एक धर्म के तुष्टिकरण के लिए ऐसे बयान दिए जा रहे हैं।
इसके साथ ही महापौर पद पर नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाए गए। बयान में कहा गया कि डिंपल मैडम इसलिए महापौर नहीं बनीं क्योंकि वे किसी खास भाषा या धर्म की हैं, बल्कि वे नरेंद्र मेहता के घर की सदस्य हैं। इस कारण पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को किनारे कर दिया गया।
कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर नरेंद्र मेहता इस बयान के लिए माफी नहीं मांगते हैं तो शिवसेना स्टाइल में मीरा भाईंदर की असली पहचान याद दिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि शहर में ९५ नगरसेवक विभिन्न भाषाओं और धर्मों से आते हैं।
बयान में आखिर में कहा गया है कि बेवजह शहर को बदनाम करना बंद करें और महानगरपालिका के बाकी जरूरी कामों पर ध्यान दें।
यह घटना मीरा भाईंदर में सांप्रदायिक और भाषाई सद्भाव को लेकर नए सिरे से बहस छेड़ गई है। फिलहाल भाजपा की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।