मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देशानुसार सहयोगी और स्वास्थ्य सेवा परिषद की स्थापना कार्यवाही को गति • वैद्यकीय
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शिक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं में राज्य की बड़ी छलांग
मुंबई, दिनांक 21: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देशानुसार अब 'महाराष्ट्र राज्य सहयोगी व स्वास्थ्य सेवा परिषद' की स्थापना और उसकी प्रभावी कार्यान्वयन को बड़ी गति दी गई है। इस निर्णय से राज्य के स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों का शिक्षा, प्रशिक्षण और नियमन अधिक सक्षम और वैश्विक स्तर का हो जाएगा। यह निर्णय राज्य के चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र को अधिक गुणवत्ता और उन्नत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण होगा।
*राष्ट्रीय स्तर पर अद्यतन पाठ्यक्रम राज्य में लागू होगा*
राज्य के सहयोगी और स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों के लिए उत्कृष्ट गुणवत्ता की शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 10 अक्टूबर 2024 को इस परिषद की स्थापना की अधिसूचना जारी की गई थी। साथ ही, इस परिषद के कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए आवश्यक नियमावली भी तैयार की गई है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि राष्ट्रीय स्तर पर अद्यतन पाठ्यक्रम शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से पूरे महाराष्ट्र में लागू करने के दृष्टिकोण से तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं। इससे राज्य के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा और प्रशिक्षण प्राप्त करने का मार्ग खुल गया है।
*गुणवत्ता बढ़ाने के लिए चार स्वतंत्र बोर्डों की स्थापना*
स्वास्थ्य सेवा का स्तर बढ़ाने और कार्य में समन्वय लाने के लिए इस परिषद के अंतर्गत चार महत्वपूर्ण स्वतंत्र बोर्डों की स्थापना की जाएगी। पदवीपूर्व सहयोगी और स्वास्थ्य सेवा शिक्षा बोर्ड, पदव्युत्तर सहयोगी और स्वास्थ्य सेवा शिक्षा बोर्ड, सहयोगी और स्वास्थ्य सेवा व्यवसाय मूल्यांकन व मानांकन बोर्ड तथा सहयोगी और स्वास्थ्य सेवा व्यवसाय आचार संहिता व पंजीकरण बोर्ड की स्थापना की जाएगी। वर्तमान में इन पेशेवरों की पंजीकरण प्रक्रिया के लिए केंद्र के मार्गदर्शक सिद्धांतों की स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 31 अगस्त 2026 को इसके बारे में अधिसूचना प्रकाशित हुई है। इससे आगे की कार्यवाही शुरू करने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह तैयार हो गई है। महाराष्ट्र में फिजियोथेरेपिस्ट, रेडियोग्राफर, प्रयोगशाला तकनीशियन, नेत्र विशेषज्ञ, आहार विशेषज्ञ और अन्य 50 से अधिक विषयों का बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण लिया जा सकता है। इसकी भी प्रक्रिया शुरू की गई है।
*स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में आने वाली पारदर्शिता और सशक्तता*
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में संबंधित यंत्रणाओं में उचित समन्वय स्थापित करके इस परिषद के कार्य को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया जा रहा है। इस ऐतिहासिक कार्यवाही से राज्य के सहयोगी और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में गुणवत्ता वाले पेशेवर मानक, उत्कृष्ट आचार संहिता, उचित मूल्यांकन और एक अत्यंत सक्षम एवं उत्तरदायी व्यवस्था के निर्माण में बड़ी प्रोत्साहन मिलेगा। भविष्य में राज्य के स्वास्थ्य प्रबंधन और रोगियों की सेवा के लिए यह निर्णय एक बड़ा मील का पत्थर बनेगा! 000