पीआईबी की नवीनतम प्रेस विज्ञप्ति: 2025-26 बजट में 5% वृद्धि और नई आर्थिक योजनाएँ
City News Mumbai••2 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें
पीआईबी ने 2025-26 वित्तीय वर्ष के बजट में 5% वृद्धि की घोषणा की है। इस बजट में कृषि, अवसंरचना और स्वास्थ्य पर विशेष जोर दिया गया है। नई योजनाएँ रोजगार सृजन और गरीबी उन्मूलन पर केंद्रित हैं।
पीआईबी, भारत सरकार का आधिकारिक प्रेस सूचना ब्यूरो, ने आज सुबह 10:00 बजे एक नई प्रेस विज्ञप्ति जारी की है, जिसमें आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में 5% की वृद्धि के प्रमुख बिंदु संक्षेप में प्रस्तुत किये गये हैं। इस दस्तावेज़ में सरकार की आर्थिक रणनीति, निवेश योजनाओं और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों के विस्तृत विवरण को सम्मिलित किया गया है। विज्ञप्ति के अनुसार, यह कदम घरेलू मांग को प्रोत्साहित करने और दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता को सुदृढ़ करने के लिए उठाया गया है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अनुमानित राजस्व 23 लाख करोड़ रुपये है, जबकि व्यय 23.6 लाख करोड़ रुपये तय किया गया है, जो 5% का अतिरिक्त निवेश दर्शाता है। इस बजट में कृषि, सड़क निर्माण, डिजिटल अवसंरचना और स्वास्थ्य सेवा पर विशेष ध्यान दिया गया है। विशेष रूप से, कृषि क्षेत्र में 1.2 लाख करोड़ रुपये का निवेश बढ़ाया गया है, जिससे किसानों को सीधे लाभ पहुँचाने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्ट सिटी योजनाओं के लिए 0.8 लाख करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं।
इन बदलावों का सबसे बड़ा प्रभाव ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार सृजन पर पड़ेगा। सरकार का लक्ष्य है कि 2025-26 के अंत तक 10 लाख नई नौकरी के अवसर पैदा किये जाएँ। इसके साथ ही, आयातित वस्तुओं पर कर में कमी के माध्यम से उपभोक्ता कीमतों को नियंत्रित करने का प्रयास भी किया गया है। बजट में ऊर्जा क्षेत्र के लिए 0.5 लाख करोड़ रुपये की नई सब्सिडी भी शामिल है, जो स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं को तेज़ी से आगे बढ़ाने में सहायक होगी।
वित्त मंत्री अनिल शंकर ने इस बजट पर टिप्पणी करते हुए कहा, "यह बजट भारत की आर्थिक प्रगति के लिए एक नया अध्याय लिखेगा। हम इस वर्ष के निवेश को बढ़ाकर देश की प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूती देंगे।" उन्होंने यह भी बताया कि सरकार का उद्देश्य है कि सभी सामाजिक वर्गों को बराबर लाभ मिले। पीआईबी की इस विज्ञप्ति में यह स्पष्ट किया गया है कि सरकार का लक्ष्य है कि 2025-26 तक गरीबी दर को 10% से घटाकर 5% तक लाया जाये।
इस नई बजट घोषणा के साथ, भारत सरकार ने अपनी आर्थिक रणनीति को और सुदृढ़ किया है। पीआईबी द्वारा जारी इस दस्तावेज़ से यह स्पष्ट होता है कि सरकार का उद्देश्य है कि सभी नागरिकों को आर्थिक रूप से सुरक्षित और समृद्ध बनाना। इस कदम से देश की आर्थिक दिशा में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद है।