केंद्रीय सरकार ने नई आर्थिक नीति का अनावरण किया, उद्योग और कृषि पर ध्यान केंद्रित
City News Mumbai••0 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें
भारत की केंद्रीय सरकार ने आज एक नई आर्थिक नीति जारी की, जिसमें उद्योग, कृषि और रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया है। इस नीति का उद्देश्य आर्थिक विकास को तेज करना और ग्रामीण-शहरी समन्वय को बढ़ावा देना है।
केंद्रीय सरकार ने आज सुबह अपने प्रमुख आर्थिक नीति दस्तावेज़ का अनावरण किया, जिसे संसद में प्रस्तुत किया गया और आगामी सत्र में अनुमोदन के लिए भेजा गया। इस नीति का मुख्य उद्देश्य भारत के आर्थिक विकास को तेज करना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। दस्तावेज़ में उद्योग, कृषि, डिजिटल अवसंरचना और ऊर्जा क्षेत्र में सुधार के लिए कई योजनाओं का विवरण दिया गया है।
संसद के प्रमुख सदस्य और नीति-निर्माता ने यह स्पष्ट किया कि नई नीति का आधार 2024-25 के वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्यों पर है। विशेष रूप से, सरकार ने विनिर्माण क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए 'मेक इन इंडिया' पहल को और सुदृढ़ करने का निर्णय लिया है। साथ ही, कृषि क्षेत्र में किसानों को प्रौद्योगिकी आधारित सहायता देने के लिए एक नया 'कृषि डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म' शुरू किया जाएगा।
इसके अलावा, नीति में रोजगार सृजन के लिए युवाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों और स्टार्टअप इकोसिस्टम को प्रोत्साहित करने हेतु कर लाभों का प्रावधान भी शामिल है। ऊर्जा क्षेत्र में नवीनीकरणीय स्रोतों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 2030 तक 40% नवीनीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य की घोषणा की है।
केंद्रीय सरकार के वित्त मंत्री ने कहा, "यह नीति हमारी आर्थिक नीति का एक नया अध्याय है, जो समावेशी विकास और सतत वृद्धि को सुनिश्चित करेगा।" उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यह नीति आर्थिक स्थिरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत की स्थिति को मजबूत करेगी।
विश्लेषकों का कहना है कि नई नीति का प्रभाव देश के औद्योगिक और कृषि दोनों क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से महसूस किया जाएगा। खासकर, ग्रामीण इलाकों में डिजिटल अवसंरचना के विस्तार से किसानों को बाजार से सीधे जोड़ने में मदद मिलेगी।
साथ ही, नीति में वित्तीय समावेशन के लिए बैंकिंग सेवाओं का विस्तार, डिजिटल भुगतान और फिनटेक नवाचार को बढ़ावा देने के कदम भी शामिल हैं। यह पहल आर्थिक समावेशन को बढ़ाने और वित्तीय असमानता को कम करने का लक्ष्य रखती है।
समग्र रूप से, केंद्रीय सरकार की यह नई आर्थिक नीति भारत की आर्थिक प्रगति के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह नीति न केवल उद्योग और कृषि के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए भी लाभकारी होगी। सरकार के इस निर्णय से आने वाले वर्षों में भारत के आर्थिक परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद की जा रही है।