मुंबई में 24×7 कचरा संग्रहण पायलट प्रोजेक्ट शुरू, बैंड्रा में नई पहल
City News Mumbai••0 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
मुंबई नगर निगम ने बैंड्रा में 24 घंटे कचरा संग्रहण पायलट शुरू किया। यह पहल शहर की कचरा प्रबंधन समस्याओं को हल करने और स्वच्छता स्तर बढ़ाने के लिए बनाई गई है।
मुंबई, 5 सितंबर 2026 – मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने बैंड्रा क्षेत्र में 24 घंटे कचरा संग्रहण पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया, जिससे शहर की बढ़ती कचरा प्रबंधन चुनौती का समाधान खोजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस पहल का उद्देश्य कचरा निकासी में देरी को समाप्त करना, गंदगी के कारण सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम को घटाना और नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करना है। बीएमसी के प्रमुख अधिकारी ने बताया कि इस पायलट में 500 टन कचरा प्रतिदिन दो शिफ्टों में एकत्र किया जाएगा, जिससे मौजूदा दो‑शिफ्ट प्रणाली से अधिक दक्षता प्राप्त होगी।
पायलट प्रोजेक्ट के पीछे का मुख्य कारण मुंबई की जनसंख्या में निरंतर वृद्धि और शहरीकरण के कारण कचरा उत्पादन में वृद्धि है। 2025 में बीएमसी ने अनुमान लगाया था कि शहर में प्रतिदिन लगभग 4,800 टन कचरा उत्पन्न होता है, जबकि मौजूदा संग्रहण प्रणाली अक्सर ओवरलोड हो जाती है। बैंड्रा, जो अपने व्यस्त व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों के लिए जाना जाता है, इस पायलट का पहला चयनित क्षेत्र बना।
बीएमसी ने इस योजना के लिए नई कचरा संग्रहण ट्रकों की खरीद की है, जिनमें GPS ट्रैकिंग और रियल‑टाइम डेटा मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित है। इससे संग्रहण की सटीकता बढ़ेगी और गंदगी के ढेर जमा होने की संभावना कम होगी। साथ ही, नगर निगम ने स्थानीय स्वच्छता कर्मचारियों को अतिरिक्त प्रशिक्षण दिया है, ताकि वे रात के समय भी सुरक्षित और प्रभावी रूप से काम कर सकें।
परियोजना के प्रमुख लाभों में कचरा जमा होने से होने वाले जलजमाव और जलजनित रोगों में कमी, सड़क की साफ-सफाई में सुधार, और नागरिकों की जीवन गुणवत्ता में वृद्धि शामिल है। बीएमसी ने कहा है कि पायलट के परिणामों के आधार पर इस मॉडल को पूरे शहर में विस्तार किया जा सकता है।
शहर के पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. अनीता पाटिल ने टिप्पणी की, “24 घंटे कचरा संग्रहण से न केवल कचरा प्रबंधन में सुधार होगा, बल्कि यह सतत शहरी विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। यदि यह पायलट सफल रहता है, तो यह अन्य महानगरों के लिए मॉडल बन सकता है।”
बैंड्रा के निवासी भी इस नई सुविधा को लेकर आशावादी हैं। स्थानीय व्यापारियों ने कहा कि कचरे की नियमित सफाई से उनके व्यापारिक क्षेत्रों की आकर्षकता बढ़ेगी और ग्राहक अनुभव में सुधार होगा। बीएमसी ने इस पायलट की अवधि को छह महीने निर्धारित किया है, जिसके बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शहर के सभी क्षेत्रों में लागू करने का निर्णय लिया जाएगा।
यह पहल मुंबई के स्वच्छता मिशन का एक हिस्सा है, जिसमें 2030 तक शहर को ‘स्मार्ट सिटी’ बनाना और कचरा प्रबंधन को डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से सुदृढ़ करना शामिल है। यदि पायलट सफल रहता है, तो यह न केवल मुंबई की स्वच्छता स्थिति को बेहतर बनाएगा, बल्कि भारत के अन्य महानगरों के लिए भी एक मानक स्थापित करेगा।