४ अपर जिल्हाधिकारी + ४७ अपर तहसीलदार कार्यालये......; हेलपाटे कम करने के लिए सरकार का बड़ा विकेंद्रीकरण निर्णय.....
मुंबई, दि. 23 (अनंत नलावडे) - राज्य के राजस्व प्रशासन का चेहरा बदलने की दिशा में राज्य सरकार ने बुधवार एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने राज्य में ४ नए अपर जिल्हाधिकारी कार्यालय और कुल ४७ नए अपर तहसीलदार कार्यालय शुरू करने का निर्णय लिया है। इससे जिल्हा और तालुका मुख्यालय से दूर स्थित ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को राजस्व सेवाओं के लिए बार‑बार करना पड़ने वाला यात्रा, समय और खर्च कम होने की उम्मीद है।
पुणे जिले के बारामती, सोलापुर के पंढरपूर, रत्नागिरि के दापोली और नागपुर (ग्रामीण) में नए अपर जिल्हाधिकारी कार्यालय शुरू किए जाएंगे। साथ ही राज्य के २१ जिल्हों में ४७ अपर तहसीलदार कार्यालयों का निर्माण किया जाएगा। बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण, भौगोलिक दूरी और राजस्व प्रशासन पर बढ़ते कार्यभार को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, यह राजस्व विभाग ने स्पष्ट किया है।
मुख्यालय से दूरी कम; काम के लिए हेलपैट भी कम......?
राजस्व विभाग से संबंधित दस्तावेज़, जमीन संबंधी फेरबदल, पुनर्वास, संजय गांधी निराधार योजना और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए नागरिकों को अक्सर तालुका या जिला मुख्यालय तक जाना पड़ता है। विशेषकर दुर्गम और आदिवासी क्षेत्रों में इसके लिए समय और पैसा बड़ी मात्रा में खर्च होता है। अब नए कार्यालयों से ऐसे नागरिकों को स्थानीय स्तर पर अधिक राजस्व सेवाएँ उपलब्ध होने का मार्ग भी खुल जाएगा।
गडचिरोली जैसे अत्यंत दुर्गम क्षेत्र से लेकर मुंबई महानगर क्षेत्र के बढ़ते शहरी हिस्सों तक नए अपर तहसीलदार कार्यालयों का जाल विस्तारित होने से राजस्व प्रशासन केवल जिल्हाधिकारी या तहसीलदार कार्यालय तक सीमित न रहकर सीधे नागरिकों के अधिक नजदीक पहुँचाने का प्रयास इस निर्णय से स्पष्ट होता है।
गडचिरोली से मुंबई उपनगर तक नई कार्यालयें........
नए अपर तहसीलदार कार्यालयों में गडचिरोली के मालेवाडा, वैरागड, पेंढरी, आसरअल्ली, कसनसूर और जिमलगट्टा, भंडारा के अड्याळ, वर्धा के अल्लीपूर और सिंदी (रेलवे), साथ ही नागपुर जिले के बुटीबोरी, हुडकेश्वर, वानाडोंगरी, पारडी, वडोदा, कोंढाळी, जलालखेडा, कोदामेंढी और वेलतूर शामिल हैं। इसके अलावा वाशिम, बुलढाणा, यवतमाल, नांदेड़, लातूर, परभणी, जालना, बीड, छत्रपती संभाजीनगर, अहिल्यानगर, नंदूरबार, नाशिक, कोल्हापूर, सातारा, पुणे, पालघर और मुंबई उपनगर जिलों में भी नए कार्यालय स्थापित किए जाएंगे।
मुंबई में भी राजस्व प्रणाली का विस्तार......
मुंबई उपनगर जिले में चेंबूर, मालाड और वांद्रे में अपर तहसीलदार कार्यालय शुरू किए जाएंगे। पालघर जिले में कासा, विरार और बोईसर, पुणे जिले में चाकण, और सातारा जिले में साखरवाडी और उंब्रज में नए कार्यालय होंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ तेज़ी से शहरीकरण हो रहे क्षेत्रों में राजस्व प्रशासन को भी अतिरिक्त व्यवस्था मिल जाएगी।
वास्तविक लाभ किसे......?
किसान : जमीन अभिलेख, फेरबदल और राजस्व कार्यों के लिए यात्रा कम होने की संभावना। ग्रामीण नागरिक : दस्तावेज़ और अन्य राजस्व सेवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधा। दुर्गम क्षेत्रों की जनता : जिला‑तालुका मुख्यालय तक का समय और खर्च कम करने में मदद। राजस्व प्रशासन : मुख्य कार्यालयों पर बढ़ते कार्यभार को विभाजित होने की अपेक्षा। शहरी क्षेत्र : बढ़ती जनसंख्या और तेज़ी से हो रहे शहरीकरण की पृष्ठभूमि में अतिरिक्त प्रशासनिक व्यवस्था।
इस संदर्भ में बात करते हुए राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने स्पष्ट किया कि, “राज्य के तले‑स्तर, ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के सामान्य नागरिकों को राजस्व सेवाओं का लाभ अत्यंत सरल और गतिशील तरीके से मिले, इसके लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। इसी में प्रशासन को वास्तव में लोक‑उन्मुख बनाने के लिए ४७ नए अपर तहसीलदार कार्यालय और ४ नए अपर जिल्हाधिकारी कार्यालय करने का निर्णय लिया गया है।”