बुधवार, 21 अक्टूबर 2026
Englishहिन्दीMarathi
सिटी न्यूज़ मुंबई
सिटी न्यूज़ मुंबई
होमई-पेपरवीडियोराष्ट्रीयमुंबईराजनीतिखेलस्वास्थ्यप्रौद्योगिकीअपराधइतिहास
टॉपराष्ट्रीयमुंबईराजनीतिखेलस्वास्थ्यप्रौद्योगिकीअपराधइतिहास

सिटी न्यूज़ मुंबई

मुंबई की हर खबर, सबसे पहले

श्रेणियाँ

  • स्थानीय
  • राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • व्यापार
  • प्रौद्योगिकी
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा

त्वरित लिंक

  • होम
  • ई-पेपर
  • वीडियो
  • आज की तस्वीर
  • हमारे बारे में
  • संपर्क करें
  • गोपनीयता नीति
  • नियम और शर्तें

न्यूजरूम

  • संपादकीय नीति
  • सुधार और शिकायतें
  • विज्ञापन
  • न्यूजरूम संपर्क

भाषाएँ

  • English
  • हिन्दी (Hindi)
  • मराठी (Marathi)

हमें फॉलो करें

Email: citynewsmumbai@gmail.com

Phone: 9869128483

© 2026 City News Mumbai. सर्वाधिकार सुरक्षित

Designed and Developed byZeloiteZeloite
यार्न 35% महंगा, कपड़े की मांग घटी; भिवंडी के पावरलूम उद्योग पर संकट
  1. होम
  2. महाराष्ट्र
महाराष्ट्र

यार्न 35% महंगा, कपड़े की मांग घटी; भिवंडी के पावरलूम उद्योग पर संकट

City News Mumbai•6 सितंबर 2026 को 02:00 pm बजे•109 व्यूज़•4 मिनट पढ़ें

लूम मालिक बोले- हालात नहीं सुधरे तो कारखाने बंद करने को होंगे मजबूर


सिटी न्यूज़ मुंबई/गनी खान
भिवंडी का पावरलूम उद्योग एक बार फिर गंभीर संकट में फंसता नजर आ रहा है। पिछले दो महीनों में यार्न के दाम में करीब 35 फीसदी तक बढ़ोतरी होने के बावजूद कपड़े के भाव में कोई खास इजाफा नहीं हुआ है। नतीजा यह है कि कपड़ा उत्पादन की लागत बिक्री मूल्य से ज्यादा हो गई है। मंदी के बीच कपड़े की मांग और खरीदारी घटने से लूम मालिकों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।

भिवंडी में लाखों पावरलूमों पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में लोग निर्भर हैं। यार्न के लगातार बढ़ते दाम और तैयार कपड़े की कमजोर मांग ने पूरे वस्त्रोद्योग की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है। लूम मालिकों का कहना है कि मौजूदा हालात लंबे समय तक बने रहे तो उनके सामने कारखाने बंद करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।
लक्ष्मी नारायण ट्रेडर्स के मालिक कौशल झा के मुताबिक, जिस यार्न की कीमत करीब दो महीने पहले 210 रुपये प्रति किलो थी, वह अब बढ़कर 270 रुपये प्रति किलो हो गई है। उन्होंने बताया कि कॉटन यार्न की 60 कार्डेड पांच किलो की कीमत 1,050 रुपये से बढ़कर 1,350 रुपये हो गई है। वहीं, 60 कॉम्बेड की कीमत 1,250 रुपये से बढ़कर 1,500 रुपये और 40 कार्डेड यार्न की कीमत 190 रुपये किलो से बढ़कर 220 रुपये किलो हो गई है।

आरके टेक्सटाइल्स के मालिक राकेश केसरवानी ने बताया कि लगभग हर क्वालिटी के यार्न के दाम में तेजी आई है। इसका सीधा असर कपड़ा उत्पादन की लागत पर पड़ा है। दूसरी ओर बाजार में कपड़े का भाव पहले के स्तर पर ही बना हुआ है।
लूम कारोबारी वीएल टेक्सटाइल्स के मालिक श्रीनिवास वल्लाल और एए यार्न के मालिक दीपक सरावगी ने बताया कि यार्न महंगा होने से उत्पादन लागत काफी बढ़ गई है। उनके मुताबिक, जिस कपड़े को तैयार करने में करीब 26 रुपये प्रति मीटर खर्च आ रहा है, वह बाजार में लगभग 24 रुपये प्रति मीटर में ही बिक रहा है।
कारोबारियों के मुताबिक, यार्न के दाम बढ़ने के बावजूद कपड़ा खरीदने वाले व्यापारी कपड़े की कीमत बढ़ाने के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसे में लूम मालिकों को नुकसान उठाकर कपड़ा तैयार करना पड़ रहा है। मजदूरों का रोजगार बनाए रखने के लिए तैयार माल का स्टॉक किया जा रहा है, लेकिन उसकी बिक्री कब होगी, इसे लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
लूम मालिकों का कहना है कि लगातार घाटे में उत्पादन करना मुश्किल होता जा रहा है। पहले यार्न खरीदने के लिए पैसा लगाना पड़ता है और फिर तैयार कपड़ा बिकने में समय लग रहा है। इससे कारोबार में पूंजी फंस रही है।
कारोबारियों ने चेतावनी दी है कि यदि यार्न के दाम कम नहीं हुए और कपड़े के भाव में बढ़ोतरी नहीं हुई तो कई लूम कारखाने बंद हो सकते हैं। उनका कहना है कि लगातार नुकसान उठाने की न तो अब क्षमता बची है और न ही कारोबार में नई पूंजी लगाने की स्थिति।
भिवंडी में पावरलूम उद्योग का बड़ा नेटवर्क है। एक लूम मशीन से 24 घंटे में औसतन 50 से 60 मीटर कपड़ा तैयार होता है। कारोबारियों के अनुसार, यहां रोजाना करोड़ों मीटर कपड़े का उत्पादन होता है। यार्न महंगा होने और तैयार माल की बिक्री धीमी पड़ने से बड़ी मात्रा में कपड़ा स्टॉक में जमा हो रहा है।
कारोबारियों का आरोप है कि यार्न बाजार में दलालों की सक्रियता के कारण कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है। इससे लूम मालिकों के लिए उत्पादन की लागत का अनुमान लगाना भी मुश्किल हो गया है।
पीपल्स रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के अल्पसंख्यक विभाग के भिवंडी शहर अध्यक्ष अब्दुल गनी खान ने यार्न की लगातार बढ़ती कीमतों को केंद्र और राज्य सरकार की गलत नीतियों का नतीजा बताया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि यार्न बैंक की स्थापना कर कम से कम तीन महीने के लिए यार्न की कीमत निर्धारित की जाए।
अब्दुल गनी खान के मुताबिक, यार्न की कीमत के आधार पर कपड़े का न्यूनतम बिक्री भाव भी तय किया जाना चाहिए। इससे यार्न की कीमतों में होने वाले अचानक उतार-चढ़ाव पर रोक लगेगी और भिवंडी के पावरलूम उद्योग को मंदी और बढ़ते घाटे से बचाने में मदद मिलेगी।
साझा करें:

More from महाराष्ट्र

भिवंडी की दो महिला डॉक्टरों को मिला ‘एपीजे अब्दुल कलाम सच्चा रत्न बेस्ट डॉक्टर अवॉर्ड
महाराष्ट्र

भिवंडी की दो महिला डॉक्टरों को मिला ‘एपीजे अब्दुल कलाम सच्चा रत्न बेस्ट डॉक्टर अवॉर्ड

21 अक्टू॰ 2026
दुर्गा माता के दर्शन के लिए उमड़ रही भक्तों की भीड़, गरबा-डांडिया में उत्साह
महाराष्ट्र

दुर्गा माता के दर्शन के लिए उमड़ रही भक्तों की भीड़, गरबा-डांडिया में उत्साह

18 अक्टू॰ 2026
   स्वीकृत नगरसेवक के चयन पर समाजवादी पार्टी के 6 नगरसेवक निष्कासित
महाराष्ट्र

स्वीकृत नगरसेवक के चयन पर समाजवादी पार्टी के 6 नगरसेवक निष्कासित

16 अक्टू॰ 2026
भिवंडी मनपा में 9 स्वीकृत नगरसेवकों की नियुक्ति मंजूर, कांग्रेस में घमासान
महाराष्ट्र

भिवंडी मनपा में 9 स्वीकृत नगरसेवकों की नियुक्ति मंजूर, कांग्रेस में घमासान

15 अक्टू॰ 2026
भिवंडी में कोर्ट के आदेश पर चार मंजिला इमारत पर चला बुलडोजर
महाराष्ट्र

भिवंडी में कोर्ट के आदेश पर चार मंजिला इमारत पर चला बुलडोजर

14 अक्टू॰ 2026
एसटी के ३,५०० एकर पर ९८ वर्ष का निजी दावा......?
महाराष्ट्र

एसटी के ३,५०० एकर पर ९८ वर्ष का निजी दावा......?

10 अक्टू॰ 2026