शनिवार, 10 अक्टूबर 2026
Englishहिन्दीMarathi
सिटी न्यूज़ मुंबई
सिटी न्यूज़ मुंबई
होमई-पेपरवीडियोराष्ट्रीयमुंबईराजनीतिखेलस्वास्थ्यप्रौद्योगिकीअपराधइतिहास
टॉपराष्ट्रीयमुंबईराजनीतिखेलस्वास्थ्यप्रौद्योगिकीअपराधइतिहास

सिटी न्यूज़ मुंबई

मुंबई की हर खबर, सबसे पहले

श्रेणियाँ

  • स्थानीय
  • राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • व्यापार
  • प्रौद्योगिकी
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा

त्वरित लिंक

  • होम
  • ई-पेपर
  • वीडियो
  • आज की तस्वीर
  • हमारे बारे में
  • संपर्क करें
  • गोपनीयता नीति
  • नियम और शर्तें

न्यूजरूम

  • संपादकीय नीति
  • सुधार और शिकायतें
  • विज्ञापन
  • न्यूजरूम संपर्क

भाषाएँ

  • English
  • हिन्दी (Hindi)
  • मराठी (Marathi)

हमें फॉलो करें

Email: citynewsmumbai@gmail.com

Phone: 9869128483

© 2026 City News Mumbai. सर्वाधिकार सुरक्षित

Designed and Developed byZeloiteZeloite
एसआयआर से कांग्रेस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का घेरा...!
  1. होम
  2. मुंबई
मुंबई

एसआयआर से कांग्रेस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का घेरा...!

City News Mumbai•10 अक्टूबर 2026 को 03:37 am बजे•0 व्यूज़•4 मिनट पढ़ें

कपिल सिब्बल के पुराने भाषण का 'साक्ष्य' आगे मुख्यमंत्री का दावा: ‘संसद में रिकॉर्ड नहीं बदलता’; कांग्रेस का आपत्ति.....

मुंबई, (अनंत नलावडे) – राज्य में वर्तमान में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कारण देश के राजनीति में संघर्ष उत्पन्न हुआ है, जबकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस को उसकी ही पुरानी संसदीय भूमिका का प्रमाण देते हुए शुक्रवार को सीधे निशाना बनाया है। इसमें उन्होंने तत्कालीन केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल के संसद में भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करके फडणवीस ने कांग्रेस की आज की विरोधाभासी भूमिका पर प्रश्नचिह्न लगाया। "राजनीति के रंग बदल गए, लेकिन संसद में रिकॉर्ड नहीं बदलते। कौन सच है, कौन झूठ, आप ही तय करें"......! इन शब्दों में उन्होंने विरोधियों को चुनौती दी।

हालांकि, भाजपा द्वारा पुरानी भाषण का प्रमाण दिया जा रहा है, जबकि कांग्रेस का आपत्ति एसआईआर के वर्तमान कार्यान्वयन में पारदर्शिता और पात्र मतदाताओं के नामों को बाहर करने के संभावित जोखिम पर केंद्रित है। इसलिए यह विवाद केवल पुराने बयानों का नहीं, बल्कि मतदाता सूची की विश्वसनीयता और चुनाव प्रक्रिया पर जनता के विश्वास का भी मुद्दा बन गया है।

फडणवीस का दावा.....: और कांग्रेस की भूमिका बदल गई.......!

मुख्यमंत्री फडणवीस ने 9 अक्टूबर को ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए वीडियो में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के समय के तत्कालीन कानून मंत्री कपिल सिब्बल के संसदीय वक्तव्य का संदर्भ दिया है। सिब्बल ने उस समय मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया का समर्थन किया था, यह दावा मुख्यमंत्री ने किया। कांग्रेस आज एसआईआर के विरोध में आंदोलन कर रही है, जबकि वह अपनी ही सरकार के मंत्रियों की पुरानी भूमिका को जनता को जांचने को कह रहा है, यह भी मुख्यमंत्री फडणवीस की आलोचना का हिस्सा है।

कांग्रेस की वर्तमान भूमिका को उन्होंने राजनीतिक सुविधा से जोड़ा है और संसद की आधिकारिक रिकॉर्ड को आधार बनाकर विरोधियों को जवाब देने का प्रयास किया है। एसआईआर के समर्थन में भाजपा द्वारा मतदाता सूचियों में दोहराव वाले रिकॉर्ड और मृत व्यक्तियों के नामों की जांच की आवश्यकता पर ज़ोर दिया जा रहा है। हालांकि, सिब्बल के पुराने भाषण का सटीक संदर्भ और वर्तमान प्रक्रिया की व्यवस्थाओं की तुलना करने पर ही इस दावे की सीमा स्पष्ट हो सकती है।

अब कांग्रेस का आपत्ति क्या है....: पुनरीक्षण के नाम पर पात्र मतदाताओं को बाहर किया जाएगा क्या....?

कांग्रेस ने एसआईआर के कार्यान्वयन पर प्रश्न उठाते हुए मतदाता सूचियों से पात्र मतदाताओं के नामों को बाहर करने की संभावना, सत्यापन में त्रुटियों और प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर चिंता व्यक्त की है। विरोधकों के अनुसार, मतदाता सूची को शुद्ध करने के उद्देश्य का विरोध नहीं है, बल्कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और पात्र मतदाताओं के मतदान अधिकार की रक्षा करने वाली होनी चाहिए।

इस पृष्ठभूमि पर कांग्रेस द्वारा एसआईआर का विरोध और साथ ही चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर आलोचना की जा रही है। इसलिए मुख्यमंत्री फडणवीस द्वारा उठाया गया पुराना संसदीय भूमिका का मुद्दा और कांग्रेस द्वारा उठाए गए वर्तमान कार्यान्वयन के प्रश्न दो अलग-अलग मुद्दे हैं। पुराने भाषण का प्रमाण देने से वर्तमान प्रक्रिया पर हर आपत्ति स्वचालित रूप से समाप्त नहीं होती; उसी तरह संभावित त्रुटियों के आरोपों की भी तथ्यों के आधार पर जांच आवश्यक है।

राजनीतिक संघर्ष का केंद्र बिंदु मतदाता सूची है
एसआईआर के समर्थन में भाजपा ‘एक नागरिक, एक वोट’ और सटीक मतदाता सूची का मुद्दा रख रही है। दूसरी ओर, विरोधक चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा का प्रश्न उठा रहे हैं। हाल ही में एसआईआर के विरोध में हुए आंदोलनों के कारण चुनाव आयोग की भूमिका पर भी राजनीतिक संघर्ष तीव्र हो गया है, ऐसा कहा जाता है।

इस सभी संघर्ष में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कपिल सिब्बल के पुराने भाषण का उपयोग करके कांग्रेस की राजनीतिक विश्वसनीयता पर प्रश्न उठाया है। अब इस विवाद का निर्णायक मुद्दा केवल यह नहीं रहेगा कि किस नेता ने पहले क्या कहा था। इसमें मुख्य रूप से यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची की त्रुटियों को दूर करते हुए एक भी पात्र मतदाता को अन्याय न हो, यह प्रश्न भी उतना ही महत्वपूर्ण रहेगा।
साझा करें:

More from मुंबई

मादक पदार्थों के अपराधों की अब होगी “फास्ट ट्रैक” सुनवाई!
मुंबई

मादक पदार्थों के अपराधों की अब होगी “फास्ट ट्रैक” सुनवाई!

7 अक्टू॰ 2026
सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ और ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का आयोजन
मुंबई

सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ और ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का आयोजन

7 अक्टू॰ 2026
पंडित दिनदयाल उपाध्याय स्वयंम योजना के भत्तों में सुधार
मुंबई

पंडित दिनदयाल उपाध्याय स्वयंम योजना के भत्तों में सुधार

6 अक्टू॰ 2026
जिला योजना के फंड को भी सूखा 'दिशा'.........! 30 नवंबर तक प्रशासनिक मंजूरी की अवधि बढ़ाई....; जलसंधारण, कृषि, स्वास्थ्य-शिक्षा के कार्यों को प्राथमिकता.....
मुंबई

जिला योजना के फंड को भी सूखा 'दिशा'.........! 30 नवंबर तक प्रशासनिक मंजूरी की अवधि बढ़ाई....; जलसंधारण, कृषि, स्वास्थ्य-शिक्षा के कार्यों को प्राथमिकता.....

6 अक्टू॰ 2026
सहकारी गृहनिर्माण संस्थाओं के स्व-पुनर्विकास पर विशेष मार्गदर्शन शिविर
मुंबई

सहकारी गृहनिर्माण संस्थाओं के स्व-पुनर्विकास पर विशेष मार्गदर्शन शिविर

4 अक्टू॰ 2026
सीजेपी को आंबेडकरी जनता और महाराष्ट्र से माफी माँगनी चाहिए.
मुंबई

सीजेपी को आंबेडकरी जनता और महाराष्ट्र से माफी माँगनी चाहिए.

4 अक्टू॰ 2026