MPSC का नया मास्टर प्लान: तीन साल की रिक्तियां एक साथ घोषित, ग्रुप-सी भर्ती में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी
City News Mumbai••0 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें
मुंबई - एमपीएससी के कामकाज को लेकर आंदोलन की तैयारी में लगे विद्यार्थियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को विस्तृत चर्चा की। इस बैठक में सरकार ने विद्यार्थियों की विभिन्न मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए तीन वर्षों की रिक्तियों को एक साथ घोषित करने और ग्रुप-सी भर्ती में रिकॉर्ड बढ़ोतरी का ठोस आश्वासन दिया। इसके साथ ही, एमपीएससी सचिव की तत्काल बदली का निर्णय भी लिया गया। इस चर्चा के बाद विद्यार्थियों ने अपने 2 अक्टूबर के आंदोलन को अस्थायी रूप से स्थगित करने की घोषणा की।
## अध्यक्ष-सदस्यों पर तीन महीने में न्यायिक जांच
एमपीएससी अध्यक्ष एक संवैधानिक पद हैं, इसलिए उन्हें हटाने का अधिकार राज्य सरकार या राज्यपाल को नहीं है। सम्मेलन में यह स्पष्ट किया गया। विद्यार्थी संविधान के अनुच्छेद 317 के अंतर्गत पूर्व और वर्तमान अध्यक्ष तथा सदस्यों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इस पर सरकार ने तीन महीने के भीतर न्यायिक जांच कराने का आश्वासन दिया, ताकि उसके निष्कर्षों के आधार पर आगे कार्रवाई की जा सके।
## सचिव की तुरंत बदली
विद्यार्थियों की एक प्रमुख मांग एमपीएससी सचिव की बदली थी, जिस पर भी सरकार ने तुरंत निर्णय लिया है। इससे यह स्पष्ट है कि सरकार ने आयोग के प्रशासनिक कामकाज से संबंधित विद्यार्थियों द्वारा उठाए गए सवालों पर ध्यान दिया है।
## परीक्षा की पद्धति - ऑफलाइन रहेगी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि एमपीएससी की परीक्षाएं ऑफलाइन ही आयोजित की जाएंगी। परीक्षा पद्धति में कोई भी बदलाव विद्यार्थियों और सभी संबंधित पक्षों के साथ चर्चा किए बिना नहीं किया जाएगा।
बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य सरकार में लगभग 30 से 40 हजार पदोन्नतियों के पद लंबित हैं, और 1960 से भर्ती नियमों में जरूरी सुधार नहीं हुए हैं।