पर्युषण काल में मांस‑मछली की बिक्री प्रतिबंध वापस ले; मराठी एकीकरण समिति आक्रामक
City News Mumbai••92 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें
मैं शाकाहारी हूँ, इसलिए सभी को मांस‑मछली की बिक्री बंद करनी चाहिए; यह एक तुच्छ निर्णय है।
मीरा-भाईंदर, दि. ८ सप्टेंबर (सिटी न्यूज़ मुंबई)
पर्युषण काल में मांस व मछली की बिक्री पर दो दिन की प्रतिबंध लगाने के निर्णय का मराठी एकीकरण समिति ने तीव्र विरोध किया है। इस निर्णय को तुरंत वापस लेना चाहिए, ऐसी मांग समिति के शिष्टमंडल ने महापालिका आयुक्त से मिलकर की।
शहर में धार्मिक तनाव, संघर्ष या दंगली की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, ऐसे निर्णय नहीं लेने चाहिए। धर्म प्रत्येक को स्वयं संजोना चाहिए; लेकिन वह दूसरों पर थोपना नहीं चाहिए, ऐसी भूमिका समिति ने रखी। भारत के संविधान द्वारा नागरिकों को दिया गया भोजन‑पीने का स्वतंत्रता ध्यान में रखते हुए किसी भी नागरिक पर ऐसा बंधन नहीं लगाना चाहिए, यह भी समिति ने स्पष्ट किया।
जैन समाज के पर्युषण पर्व का सम्मान हो तो भी उसके लिए स्थानीय आगरी‑कोळी समाज की मछली बेचने वाली महिलाओं की आजीविका का विचार कौन करेगा?, ऐसा सवाल समिति ने उठाया। दो दिन की बिक्री बंद होने से रोज़ की आय पर निर्भर परिवारों पर इसका प्रभाव पड़ेगा, यह समिति ने बताया।
समिति के गोवर्धन देशमुख ने महापालिका के निर्णय पर सवाल उठाते हुए कहा, “मैं टोपिया पहनता हूँ इसलिए आयुक्त और अतिरिक्त आयुक्त भी टोपिया पहनें, यह चलेगा क्या? फिर एक व्यक्ति या समाज की आहार पद्धति के आधार पर पूरे शहर पर निर्णय कैसे थोप सकते हैं?”
“मैं शाकाहारी हूँ इसलिए सभी को मांस‑मछली की बिक्री बंद करनी चाहिए, यह एक मनमाना निर्णय है। महापालिका द्वारा जारी किया गया पत्रक तुरंत वापस लेना चाहिए। यह दो दिन की प्रतिबंध हमें स्वीकार नहीं है,” इस स्पष्ट भूमिका समिति ने ली।
महापालिका द्वारा ठराव किया गया इसलिए वह निर्णय नागरिकों की मूलभूत स्वतंत्रता पर थोप नहीं सकता। कल बहुमत के दबाव से कोई अलग ठराव करके पूरे शहर पर लागू किया जाए तो उसका क्या अर्थ रहेगा, ऐसा प्रश्न भी समिति ने उठाया।
“हम अंग्रेज़ों की राजवट में नहीं हैं। हम लोगों की सेवा के लिए नियुक्त सेवक और लोकप्रतिनिधि हैं, यह बात महापालिका प्रशासन और लोकप्रतिनिधियों को समझनी चाहिए,” कहते हुए नागरिकों को भरोसा दिलाते हुए निर्णय लेने की मांग मराठी एकीकरण समिति ने की।
समिति ने महापालिका प्रशासन से मांस‑मछली की बिक्री प्रतिबंध का निर्णय वापस लेने और शहर में धार्मिक एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का आह्वान किया है।