दुष्काळ सहायता में किसी को भी वंचित नहीं छोड़ा जाएगा.......!
City News Mumbai••2 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
265 तालुकों में सूखा घोषित....; फिर भी सूचीबाहरी तालुकों की भी जाँच....
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ठोस गवाही......!
मुंबई, दिनांक 27 (अनंत नलावडे) – राज्य में अपुरे वर्षा के कारण उत्पन्न दुष्काळी परिस्थितियों के पृष्ठभूमि पर 265 तालुकों में दुष्काळ घोषित किया गया है, और सूची में शामिल न हुए तालुकों को भी सहायता से वंचित नहीं किया जाएगा, ऐसी स्पष्ट गवाही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को यहाँ दी। इन तालुकों की जाँच करके आवश्यकतानुसार ‘ट्रिगर‑3’ के अंतर्गत सहायता देने का भी उन्होंने स्पष्ट किया। राज्य की दुष्काळी परिस्थितियों और सरकार द्वारा घोषित उपायों के बारे में मीडिया से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने दुष्काळग्रस्त भागों में सहायता, पीने का पानी, रबी हंगाम और पूरस्थिति के बारे में सरकार की भूमिका को दृढ़ता से स्पष्ट किया।
पर्जन्यमान में कमी और अन्य मानदंडों के आधार पर प्रभावित 265 तालुकों में दुष्काळी परिस्थितियाँ घोषित की गई हैं, और वहाँ 12 उपाययोजनाएँ व सवलतें लागू की गई हैं। इसलिए दुष्काळग्रस्त किसानों को फसल क्षति सहायता निर्धारित कार्यप्रणाली पूरी करके दी जाएगी, ऐसा भी मुख्यमंत्री ने कहा।
सूची में न होने पर भी सहायता का मार्ग खुला… दुष्काळ की सूची में शामिल न हुए तालुकों के बारे में सरकार की भूमिका स्पष्ट करते हुए फडणवीस ने कहा कि ऐसे सभी तालुकों की जाँच की जाएगी और आवश्यकतानुसार ‘ट्रिगर‑3’ में उनका समावेश किया जाएगा। इसलिए मानदंडों में न बैठने के कारण वर्तमान में सूचीबाह्य हिस्सों को भी आगे की जाँच के बाद सहायता का मार्ग खुला होगा।
पीने के पानी को सर्वोच्च प्राथमिकता… दुष्काळग्रस्त तालुकों में पीने के पानी का प्रश्न गंभीर न हो, इसके लिए प्रत्येक जिले का स्वतंत्र आराखडा तैयार किया गया है। उसके अनुसार पीने के पानी को प्रथम प्राथमिकता दी जाएगी। राज्य के अधिकांश जलप्रकल्पों में वर्तमान में पीने के पानी की उपलब्धता होने के कारण जुलै‑ऑगस्ट तक पीने के पानी का आरक्षण रखकर, उसके बाद उपलब्ध अतिरिक्त पानी का रबी हंगाम के लिए उपयोग किया जा सकेगा या नहीं, इसका पानी की उपलब्धता के अनुसार विचार किया जाएगा, ऐसा भी मुख्यमंत्री ने कहा।
अल‑निनो का फटका…; फरवरी तक उच्चांक की भी संभावना… अल‑निनो के कारण उत्पन्न परिस्थितियों का भी अध्ययन किया जा रहा है, और फरवरी के अंत तक परिस्थितियों के उच्चांक स्तर पर जाने की संभावना है, ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा। इसलिए संभावित परिस्थितियों का सामना करने के लिए आवश्यक उपाययोजनाएँ प्राथमिकता से पूर्ण करने के दृष्टिकोण में निर्णय लिए जा रहे हैं, उन्होंने स्पष्ट किया।
दुष्काळ में जनता का भी सहयोग आवश्यक दुष्काळी परिस्थितियों का सामना केवल सरकार के उपायों से नहीं, बल्कि जनता के सहयोग से भी करना आवश्यक है, ऐसा उन्होंने स्पष्ट किया। अनावश्यक खर्च टालकर दुष्काळग्रस्त भागों को संभव सहायता करने का आह्वान भी उन्होंने किया। पूरग्रस्तों को प्रशासन से संपूर्ण सहायता दी जा रही है, और हम प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हैं, ऐसा कहते हुए पूरस्थिति अब घट रही है और जनजीवन पूर्व पद पर आ रहा है, यह भी मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया।