विधायक मेहता और उनके भाई बिल्डिंग ओसी बदले 10% हिस्सेदारी! और टेरेस फ्लैट की मांग का आरोप
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नरेंद्र मेहता ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
विधायक नरेंद्र मेहता पर बिल्डर का बड़ा दावा
ओडियो रिकॉर्डिंग वायरल पुलिस के हवाले, मंत्री सरनाईक की बैठक में मामला गरमाया; 7 दिन में oc दाखला देने का निर्देश
भाईंदर, दि. 24 सितंबर (सिटी न्यूज़ मुंबई)
भाईंदर के नवघर इलाके में oc दाखले को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। ‘दामोदर टॉवर’ के डेवलपर देवराम मांडोरा ने भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता और महापौर पति विनोद मेहता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। डेवलपर का दावा है कि oc दाखला देने के बदले विकास परियोजना में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी और एक टेरेस फ्लेट की मांग की गई। इन आरोपों के समर्थन में 2 कथित ऑडियो क्लिप पुलिस को सौंपी गई है।
मामला उस समय और गरमा गया जब परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने नगररचना विभाग में अधिकारियों और शिकायतकर्ता की मौजूदगी में बैठक ली। डेवलपर ने आरोप लगाया कि सभी आवश्यक दस्तावेज पूरे करने के बावजूद उसे oc दाखला नहीं दिया जा रहा था और इसके पीछे राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा था।
बैठक में मंत्री सरनाईक ने प्रशासन से इस मामले में जवाब मांगा। संबंधित अधिकारी की ओर से सात दिनों के भीतर oc दाखला जारी करने की बात कही गई। साथ ही डेवलपर द्वारा दी गई शिकायत और ऑडियो क्लिप की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश पुलिस को दिए गए।
ऑडियो क्लिप ने बढ़ाई हलचल
डेवलपर ने दावा किया है कि भोगवटा दाखले के बदले 10 प्रतिशत हिस्सेदारी की मांग की गई विधायक नरेंद्र मेहता ने की है, जबकि विनोद मेहता की ओर से एक टेरेस फ्लैट की मांग किए जाने का आरोप लगाया गया है। अब पुलिस ऑडियो क्लिप की सत्यता और उसमें हुई बातचीत की जांच करेगी।
हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
नरेंद्र मेहता ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
विधायक नरेंद्र मेहता ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि पुनर्विकसित इमारत के पुराने रहवासियों को डेवलपर द्वारा घर नहीं दिए जाने के कारण उन्होंने सभी पुराने रहवासियों को घर मिलने तक oc दाखला नहीं देने के निर्देश दिए थे।
ऑडियो क्लिप पर मेहता ने दावा किया कि यह करीब दो साल पुरानी है और उसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उस समय वे विधायक नहीं थे।
मेहता ने मंत्री प्रताप सरनाईक द्वारा लगाए गए आरोपों को भी निराधार बताते हुए कहा कि उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
अब इस पूरे मामले में ऑडियो क्लिप की जांच, पुलिस कार्रवाई और भोगवटा दाखले को लेकर प्रशासन का अगला कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।