स्कूल में धर्म का पाठ क्यों? सेवन स्क्वेयर के ‘जीआर’ पर मनसे आक्रामक, अविनाश जाधव ने दी आंदोलन की चेतावनी
City News Mumbai••36 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
स्कूल का लायसेंस रद्द करने के लिए कोर्ट जाएंगे
मीरा-भायंदर, 10 सितंबर (सिटी न्यूज़ मुंबई)
मीरा रोड स्थित सेवन स्क्वेयर स्कूल में विद्यार्थियों के टिफिन को लेकर जारी किए गए कथित दिशा-निर्देश को लेकर विवाद अब और तेज हो गया है। स्कूल की ओर से कुछ दिन पहले जारी किए गए जीआर में विद्यार्थियों के टिफिन में प्याज, लहसुन, अदरक, आलू, अंडा और नॉनवेज नहीं लाने की बात कही गई थी। इस आदेश को लेकर मनसे की मीरा-भायंदर इकाई ने कड़ा विरोध जताया है।
बुधवार को मनसे मीरा-भायंदर के नेता सचिन पोपले और रॉबर्ट डिसूजा की टीम ने स्कूल गेट पर पहुंचकर विरोध दर्ज कराया था। मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने सफाई देते हुए कहा था कि स्कूल का यह आदेश अनिवार्य नहीं है। उन्होंने स्वस्थ रहने के लिए उपवास रखने की बात भी कही थी।
‘बच्चों को धर्म में मत बांटिए’
गुरुवार को मनसे के ठाणे जिला अध्यक्ष अविनाश जाधव ने सेवन स्क्वेयर स्कूल पहुंचकर इस मुद्दे पर तीखा रुख अपनाया। जाधव ने कहा कि मासूम बच्चों को धर्म और जाति के आधार पर बांटने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। स्कूल में बच्चों को शिक्षा दी जानी चाहिए, धर्म का पाठ नहीं।
जाधव ने कहा कि गणपति उत्सव या ईद जैसे धार्मिक अवसरों पर भी किसी स्कूल द्वारा इस तरह से बच्चों पर धार्मिक नियम थोपने की कोशिश नहीं की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि विधायक नरेंद्र मेहता को मराठी और मुस्लिम समाज के लोगों ने भी वोट दिया है, लेकिन चुनाव के समय धर्मनिरपेक्षता की बात करने वाले नेता अब बच्चों के मामले में धर्म का मुद्दा क्यों ला रहे हैं?
शाम तक जीआर वापस लें, नहीं तो स्कूल गेट पर बड़ा आंदोलन
अविनाश जाधव ने स्कूल प्रशासन को कथित जीआर वापस लेने के लिए समयसीमा देते हुए चेतावनी दी कि यदि शाम तक आदेश वापस नहीं लिया गया तो स्कूल के गेट पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच मनसे नेताओं ने स्कूल के मुख्याध्यापक से भी मुलाकात की। जाधव ने कथित आदेश को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि यदि स्कूल प्रशासन ने इसे वापस नहीं लिया तो शिक्षा विभाग में शिकायत की जाएगी और जरूरत पड़ने पर स्कूल की मान्यता रद्द कराने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
‘कानून से ऊपर कोई स्कूल नहीं’
जाधव का कहना है कि किसी भी स्कूल को जाति या धर्म के आधार पर विद्यार्थियों के लिए भेदभावपूर्ण आदेश जारी करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने शिक्षा अधिकारी से भी इस मामले में कार्रवाई की मांग की है।
इस पूरे विवाद पर विधायक नरेंद्र मेहता का पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
मनसे के इस आक्रामक रुख के बाद सेवन स्क्वेयर स्कूल का यह विवाद अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी गरमाता दिखाई दे रहा है।