दो वर्षों से जारी लोकल ट्रेनों की देरी एवं यात्रियों की बढ़ती असुविधा के संबंध में कड़ा निवेदन
City News Mumbai••5 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
मुंबई (सिटी न्यूज मुंबई)
पिछले लगभग दो वर्षों से रेल यात्रियों को प्रतिदिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से शाम के समय लोकल ट्रेनें नियमित रूप से 20 से 45 मिनट तक देरी से चल रही हैं। हजारों सामान्य नागरिक काम से घर लौटने के लिए रेलवे पर निर्भर हैं। ऐसे में लगातार हो रही देरी का उनके दैनिक जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
ट्रेन देरी से चलने के बावजूद कई बार यात्रियों को समय पर और उचित जानकारी या घोषणा नहीं दी जाती। भीड़ से भरे प्लेटफॉर्म पर यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। आखिर यात्रियों के समय, सुविधा और सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?
जनवरी 2026 से बंद दरवाजों वाली लोकल ट्रेनें शुरू करने और 15 डिब्बों वाली ट्रेनों की संख्या बढ़ाने जैसे आश्वासन बार-बार दिए गए हैं। लेकिन वास्तविकता यह है कि आज भी सामान्य यात्रियों की स्थिति में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है।
आज भी भारी भीड़ के बीच यात्रियों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है। भीड़ के कारण किसी यात्री की जान चली जाती है तो दो-चार दिन चर्चा होती है और फिर स्थिति पहले जैसी हो जाती है। आखिर और कितने हादसों के बाद रेलवे प्रशासन जागेगा?
AC लोकल ट्रेनें शुरू की गई हैं, लेकिन इससे सामान्य यात्रियों की परेशानी कितनी बढ़ी है, क्या रेलवे प्रशासन ने इसका गंभीरता से आकलन किया है? सामान्य नागरिकों के लिए नियमित लोकल ट्रेनों की संख्या और सुविधाएं बढ़ाने के बजाय उन पर अतिरिक्त परेशानी क्यों डाली जा रही है?
पिछले दो वर्षों से लगातार हो रही देरी के कारण अनेक कर्मचारी समय पर अपने कार्यस्थल पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। कई कर्मचारियों को लेट मार्क, वेतन कटौती और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। इससे होने वाले आर्थिक नुकसान की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा?
महंगाई बढ़ रही है, यात्रा का खर्च बढ़ रहा है और सामान्य नागरिकों के पास रेलवे के अलावा सीमित विकल्प हैं। ऐसी स्थिति में समय पर, सुरक्षित और विश्वसनीय रेल सेवा उपलब्ध कराना रेलवे प्रशासन की जिम्मेदारी है।
अतः रेलवे प्रशासन से मांग है कि निम्नलिखित विषयों पर तत्काल ठोस कार्रवाई की जाए:
1. लोकल ट्रेनों में रोजाना होने वाली देरी को तत्काल कम किया जाए। 2. ट्रेन देरी से चलने की स्थिति में यात्रियों को समय पर और स्पष्ट जानकारी एवं घोषणाएं दी जाएं। 3. भीड़ के समय नियमित लोकल ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाए। 4. 15 डिब्बों वाली तथा सुरक्षित बंद दरवाजों वाली लोकल ट्रेनें शुरू करने के संबंध में ठोस कार्रवाई की जाए। 5. यात्रियों की सुरक्षा के लिए भीड़ नियंत्रण के प्रभावी उपाय किए जाएं। 6. AC लोकल के समय और संचालन से सामान्य लोकल सेवा पर पड़ने वाले प्रभाव की पुनः समीक्षा की जाए। 7. पिछले दो वर्षों से बार-बार हो रही ट्रेन देरी के वास्तविक कारण सार्वजनिक किए जाएं और उसका स्थायी समाधान किया जाए।
यह समस्या अब केवल यात्रियों की असुविधा तक सीमित नहीं रही है, बल्कि यह सामान्य नागरिकों के समय, पैसे, सुरक्षा और मानसिक तनाव से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुकी है।
रेलवे प्रशासन से अनुरोध है कि अब केवल आश्वासन देने के बजाय जमीन पर दिखाई देने वाली ठोस कार्रवाई की जाए। सामान्य यात्रियों को सुरक्षित, समय पर और व्यवस्थित रेल सेवा मिलना उनका अधिकार है।
कृपया इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता देते हुए तत्काल उचित कार्रवाई की जाए।