पुणे-नागपूर के स्थानों पर महायुति में 'महाभारत'........!
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भाजप-शिवसेना-राष्ट्रवादी के दावे आमने-सामने....; किसकी जगह किसे?
क्या आज फडणवीस-शिंदे-सुनेत्रा पवार की बैठक में विवाद सुलझेगा?
मुंबई, दिनांक 30 (अनंत नलावडे) – आगामी विधान परिषद चुनाव के पृष्ठभूमि में महायुती के सीट वितरण का जटिल मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया है। क्योंकि पुणे पदवीधर और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से लेकर नागपूर, छत्रपति संभाजी नगर और अमरावती तक की सीटों पर भाजपा, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस के दावे होने से सत्तारूढ़ गठबंधन के सामने आंतरिक समन्वय की बड़ी परीक्षा खड़ी हो गई है। कल की समन्वय समिति की चर्चा के बाद आज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की बैठक पर सभी का ध्यान केंद्रित हुआ है।
परंतु इस बैठक में कौन से दल को कितनी सीटें, कौन से निर्वाचन क्षेत्र में किसका दावा स्वीकार किया जाएगा और किसे पीछे हटना पड़ेगा, इस पर समाधान निकलेगा या नहीं, इस पर जिज्ञासा बनी हुई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अंतिम सूत्र अभी तक घोषित नहीं किया गया है।
पुणे में महायुती की सच्ची परीक्षा तय हो रही है.....
पुणे विभाग के पदवीधर और शिक्षक दोनों सीटों पर महायुती में रस्सीखेच सबसे तीव्र हो गया है। क्योंकि पुणे पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस के अरुण लाड वर्तमान विधायक हैं। इस सीट पर भाजपा से शरद लाड और राजेश पांडे के नामों पर चर्चा होने का दावा किया जा रहा है, जबकि राष्ट्रवादी से प्रताप, उपनाम भैय्या माने का नाम आगे है। शिवसेना के नेता भाऊसाहेब आंधळकर ने भी इस निर्वाचन क्षेत्र के लिए पक्ष से उम्मीदवारता की मांग की है, जिससे समीकरण और जटिल हो गया है।
पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र पर भी भाजपा और शिवसेना के दावे आमने-सामने आए हैं। शिवसेना से मंगेश चिवटे और प्रो.डॉ. सचिन सानप के नामों पर चर्चा होने का दावा किया जा रहा है, जबकि भाजपा के वरिष्ठ नेता चंद्रकांत पाटील ने कहा है कि पुणे के दोनों निर्वाचन क्षेत्र भाजपा के पारंपरिक हैं। वहीं भाजपा से कौस्तुभ गावडे के नाम पर भी चर्चा है।
नागपूर का 'गड' और भाजपा के भीतर की कट-छाँट......
नागपूर पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र को भाजपा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जाता है। गंगाधरराव फडणवीस, नितीन गडकरी और प्रो.अनिल सोले से जुड़े इस निर्वाचन क्षेत्र में इस बार पार्टी के भीतर इच्छुकों की कट-छाँट पर चर्चा हुई है। इसमें यह भी कहा गया है कि पूर्व विधायक सुधाकर कोहळे ने पार्टी से शब्द मिलने का दावा किया है, जबकि पूर्व विधायक प्रो.अनिल सोले ने भी फिर से विधान परिषद के लिए तैयारी शुरू की है।
छत्रपति संभाजी नगर में भी दावा-प्रतिदावा...
छत्रपति संभाजी नगर पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस के वर्तमान विधायक सतीश चव्हाण फिर से मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। दूसरी ओर भाजपा से एम.के. देशमुख और किरण पाटील के नामों पर चर्चा है। इसलिए इस सीट पर भी महायुती के सीट वितरण का महत्व रहेगा।
अमरावती में शिवसेना का दावा...; इसमें भाजपा की भी मोर्चाबंदी...
अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में वर्तमान विधायक किरण सरनाईक की सीट पर शिवसेना दावा कायम रखने की भूमिका में है। वहीं भाजपा से डॉ. सुमित पवार, डॉ. संगिता शिंदे और पूर्व विधायक दत्तात्रय सावंत के नामों पर चर्चा चल रही है।
पाँच सीट, तीन दल और एक ही सवाल.... सूत्र क्या.....?
इसलिए अब पुणे पदवीधर, पुणे शिक्षक, नागपूर पदवीधर, छत्रपति संभाजी नगर पदवीधर और अमरावती शिक्षक की पाँच सीटों पर महायुती के सीट वितरण का सूत्र आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिए महत्वपूर्ण होगा। तीनों सत्तारूढ़ प्रमुख दलों में इच्छुकों की बढ़ती संख्या और घटक दलों के दावों को देखते हुए नेतृत्व के सामने प्रत्येक दल की संगठनात्मक ताकत के साथ वर्तमान प्रतिनिधित्व, स्थानीय समीकरण और चुनावी व्यवहार्यता का संतुलन साधने की चुनौती है। इसलिए आज की बैठक में अंतिम निर्णय होगा या चर्चा आगे बढ़ेगी, इस पर राजनीतिक परिप्रेक्ष्य का ध्यान केंद्रित है। मुख्यतः महायुती के भीतर की प्रतियोगिता का अंत सहमति से होता है कि किसी घटक दल को पीछे हटना पड़ेगा, यही अब विधान परिषद के रणभूमि में सबसे बड़ा राजनीतिक पहेली बन गया है।