गणपति मूर्तियों की विटंबना करने वाले मीरा-भायंदर महानगरपालिका प्रशासन का मनसे ने किया विरोध
City News Mumbai••24 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें
मीरा-भायंदर, दि. 27 सितंबर 2026 (सिटी न्यूज़ मुंबई)
मीरा-भायंदर महानगरपालिका द्वारा गणेशोत्सव के दौरान बनाए गए कृत्रिम विसर्जन तालाब में दस दिनों के गणेशोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में गणपति मूर्तियों का विसर्जन किया गया था। आरोप है कि गणेशोत्सव समाप्त होने के बाद इस कृत्रिम तालाब का पानी मशीन के जरिए भाईंदर खाड़ी में छोड़ा गया और विसर्जित गणपति मूर्तियों पर जेसीबी की मदद से मिट्टी डालकर उन्हें दफन कर दिया गया।
इस मामले को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने महानगरपालिका प्रशासन के कामकाज का सार्वजनिक रूप से विरोध किया है। मनसे का कहना है कि इस घटना से गणेशभक्तों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
मनसे ने सवाल उठाया कि खुद को हिंदू धर्म का रक्षक बताने वाले विभिन्न संगठन और नेता इस मामले पर चुप क्यों हैं। मनसे ने मांग की कि हिंदू धर्म, संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जुड़े इस मामले में संबंधित संगठन और नेता सामने आकर अपनी भूमिका स्पष्ट करें।
जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ FIR
मनसे उपजिला अध्यक्ष हेमंत सावंत ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ नवघर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई है।
इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष सचिन पोपले, उपशहर अध्यक्ष रमाकांत माली, सचिव सुरक्षा रक्षक बाबू पाटील, उपविभाग अध्यक्ष राहुल तिवारी और महाराष्ट्र सैनिक अनूदिप पोपले उपस्थित थे।
मनसे ने मांग की है कि विसर्जित गणपति मूर्तियों की धार्मिक परंपरा के अनुसार उचित व्यवस्था के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए। साथ ही इस पूरे मामले की वास्तविक स्थिति महानगरपालिका प्रशासन द्वारा जनता के सामने स्पष्ट की जाए।
मनसे ने कहा कि गणेशभक्तों की धार्मिक भावनाएं आहत होने के कारण महानगरपालिका प्रशासन को मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई करनी चाहिए।