केन्द्रीय सरकार की 2024‑25 बजट नीति: स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल बुनियादी ढाँचे में नई पहलें
City News Mumbai••0 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
केन्द्रीय सरकार ने 2024‑25 वित्तीय वर्ष के बजट में स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल बुनियादी ढाँचे के क्षेत्रों में प्रमुख नीतियों का परिचय दिया है। इन पहलों का उद्देश्य सामाजिक‑आर्थिक विकास को तेज़ करना और सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति को सुनिश्चित करना है।
केन्द्रीय सरकार ने इस वर्ष कई प्रमुख नीतियों का परिचय कराते हुए देश के सामाजिक‑आर्थिक विकास को गति देने का लक्ष्य रखा है। स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढाँचा और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्रों में नई पहलें लागू की गईं, जिनमें आयुष्मान भारत 2.0, राष्ट्रीय शिक्षा सुधार योजना और ग्रामीण इंटरनेट कवरेज कार्यक्रम प्रमुख हैं। इन नीतियों का वित्तीय वर्ष 2024‑25 के बजट में 12.5 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सेवाओं की पहुँच में सुधार की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इन कदमों से सतत विकास लक्ष्य (SDGs) की प्राप्ति में तेजी आएगी।
वित्त मंत्रालय ने बजट में स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल सेक्टर को क्रमशः 3.2 लाख, 2.8 लाख और 1.5 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इन राशियों का वितरण केंद्र एवं राज्य सरकारों के बीच 60:40 अनुपात में किया जाएगा, जिससे राज्य स्तर पर परियोजनाओं की त्वरित शुरुआत संभव होगी। योजना के तहत अगले दो वर्षों में 15,000 नई स्वास्थ्य सुविधाओं का निर्माण, 10,000 स्कूलों में आधुनिक शैक्षणिक उपकरण स्थापित और 25 लाख गाँवों में हाई‑स्पीड इंटरनेट कनेक्शन प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है।
आयुष्मान भारत 2.0 योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर 12 करोड़ परिवारों को प्रतिवर्ष 5,000 रुपये की स्वास्थ्य बीमा सीमा प्रदान की जाएगी। इस स्कीम में मौजूदा बीमा नेटवर्क को 30 प्रतिशत बढ़ाकर कुल 1.2 लाख अस्पतालों तक पहुंचाया जाएगा, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी शामिल हैं। साथ ही, टेली‑मेडिसिन सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 2,500 नई डिजिटल स्वास्थ्य कक्षाएँ स्थापित की जाएँगी, जिससे दूरस्थ इलाकों में रोगियों को विशेषज्ञ सलाह मिल सकेगी।
राष्ट्रीय शिक्षा सुधार योजना में 2024‑25 शैक्षणिक वर्ष से सभी कक्षाओं में डिजिटल पाठ्यक्रम को अनिवार्य किया जाएगा। 2025 तक 1.8 करोड़ छात्रों को ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म पर मुफ्त पहुँच दी जाएगी, और 20,000 शिक्षकों को नई तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से सशक्त किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु 5,000 नई कौशल विकास संस्थाएँ स्थापित की जाएँगी, जो युवा वर्ग को उद्योग‑उन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करेंगी। यह पहल रोजगार सृजन और कौशल अंतर को कम करने का लक्ष्य रखती है।
डिजिटल इंडिया मिशन के विस्तार में ग्रामीण इंटरनेट कवरेज कार्यक्रम के तहत 2025 तक 30 लाख गाँवों में फाइबर‑ऑप्टिक नेटवर्क बिछाया जाएगा। इस प्रक्रिया में निजी टेलीकॉम कंपनियों के साथ सार्वजनिक‑निजी भागीदारी मॉडल अपनाया गया है, जिससे निवेश लागत को 40 प्रतिशत तक घटाया जा सकेगा। साथ ही, 2024 में लॉन्च किए गए ‘स्मार्ट सिटी’ पहल के तहत 50 शहरों में सार्वजनिक Wi‑Fi हब स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे नागरिकों को तेज़ और सुरक्षित इंटरनेट सेवा उपलब्ध होगी।
इन समग्र नीतियों के कार्यान्वयन से केन्द्रीय सरकार का उद्देश्य आर्थिक स्थिरता, सामाजिक समावेश और तकनीकी प्रगति को संतुलित रूप से आगे बढ़ाना है, जिससे भारत को वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धी स्थिति प्राप्त होगी।